कुल्लू। पीपल जातर की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक कुशल वर्मा ने दर्शकों को खूब नचाया। इस मौके पर उन्होंने एक से बढ़कर एक पहाड़ी गीत पेश किए। उन्होंने इस दौरान धाटू झेची रा बाणा, पोटू आलिये भांजिए, रंग बरसे बड़ा बांका, आपु ता खोला तें चाय रा होटल, आमा जुले आमा जुले, ए आए ते कोटके ए आए सराजी, रोहडू जाना मेरी आमिये जैसे अनेक पहाड़ी गीत पेशकर दर्शकों को खीब झुमाया। इसके अलावा लोक गायिका खुशबू भारद्वाज ने पिपली खाईया लागी शी-शी, रंग बदले दो चार पहाड़ी गीत की बेहतरीन प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन करने का प्रयास किया। इसके अलावा पायल ठाकुर, जीवन बुडाल, प्रदीप शर्मा, हरीश, दीवान, ओम प्रकाश, इंद्र सिंह, नंद लाल आदि ने भी अपने गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके साथ ही रेडियो एवं लोक कलाकार दोत राम पहाड़िया ने भी कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति दी।
दरअसल दूसरी सांस्कृतिक संध्या का आगाज शाम करीब साढ़े चार बजे कुल्लवी नाटी के साथ हुआ। इस मौके पर भुवनेश्वरी सांस्कृतिक दल बाशिंग के कलाकारों ने कुल्लवी नाटी डाली और लोकगीतों की धुन पर नृत्य कर दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके बाद स्थानीय कलाकारों में मणिकर्ण के महेंद्र सिंह, दियार के सोनू, मनीष कुमार, पुष्पा, चेत राम प्रभाकर, दुर्गानगर की गौरी, मनाली के हरीश, आशा कुमार, सुनील दत्त, निखिल पांडे, रजनीश ठाकुर, समृधि, पूनम, सोनाक्षी, सरगम, गगन सिंह, लेख राज, पायल, जगतसुख के भागेश, गौशाल के सेस राम ने भी गीत व नृत्य की प्रस्तुति दी। बालाबेहड की अलिशा और कुल्लू की रिशिता ने नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके अलावा सूत्रधार कलासंगम के कलाकारों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।
सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि वन विभाग के अरण्यपाल संदीप शर्मा ने शिरकत की। उनका नगर परिषद की ओर से ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया और उसके बाद मंच पर टोपी-मफलर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।