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Kullu News: अब ढालपुर मैदान में एकत्रित नहीं होगा बारिश का पानी
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कुल्लू। ऐतिहासिक ढालपुर के क्रिकेट मैदान में अब बारिश का पानी एकत्रित नहीं होगा। करीब दो दशक बाद मैदान की निकासी नालियों को साफ किया गया है तो वहीं, दशहरा मैदान और क्रिकेट मैदान के बीचोबीच नई निकासी नाली बनाई गई है जिससे अब बारिश का पानी मैदान में नहीं जाएगा।
आजकल इसका काम अंतिम चरणों में है। जिला प्रशासन की ओर से खेल मैदान को संवारने के लिए 20 से 30 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। इसमें जहां चारों तरफ दर्शकों को बैठने के लिए कोटा स्टोन लगाई जा रही है तो वहीं मैदान को बेहतर बनाने के लिए निकासी नालियों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। क्रिकेट मैदान में बनी निकासी नालियों की सफाई करीब दो दशक बाद की जा रही है। यहां से करीब 10 से 12 टिपर मलबा निकाला गया है। दशहरा मैदान के ढलानदार होने से अब यहां का पानी निकाली नाली में जाएगा। दोनों मैदानों के बीच मेें नई निकाली नाली बनाई गई है। इसका कुल्लू के युवाओं और खेल प्रेमियों ने स्वागत किया है।
स्थानीय निवासियों रोहित कुमार, सुनील, प्रदीप, दिनेश, पूजा, नेहा, सुनीता और गीता ने कहा कि ढालपुर मैदानों के सौंदर्यीकरण की दिशा में लगातार काम करने की जरूरत है। खेल मैदान में पानी न आए, इसके लिए प्रशासन ने अच्छी पहल की है। वहीं, शहरवासी कर्ण गुलेरिया, संजय शर्मा और धर्मपाल शर्मा ने कहा कि ऐतिहासिक ढालपुर मैदान लोक व देव संस्कृति के प्रतीक है। कार्यवाहक उपायुक्त कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि ढालपुर मैदान को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन आगे भी प्रयासरत रहेगा।
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आजकल इसका काम अंतिम चरणों में है। जिला प्रशासन की ओर से खेल मैदान को संवारने के लिए 20 से 30 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। इसमें जहां चारों तरफ दर्शकों को बैठने के लिए कोटा स्टोन लगाई जा रही है तो वहीं मैदान को बेहतर बनाने के लिए निकासी नालियों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। क्रिकेट मैदान में बनी निकासी नालियों की सफाई करीब दो दशक बाद की जा रही है। यहां से करीब 10 से 12 टिपर मलबा निकाला गया है। दशहरा मैदान के ढलानदार होने से अब यहां का पानी निकाली नाली में जाएगा। दोनों मैदानों के बीच मेें नई निकाली नाली बनाई गई है। इसका कुल्लू के युवाओं और खेल प्रेमियों ने स्वागत किया है।
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स्थानीय निवासियों रोहित कुमार, सुनील, प्रदीप, दिनेश, पूजा, नेहा, सुनीता और गीता ने कहा कि ढालपुर मैदानों के सौंदर्यीकरण की दिशा में लगातार काम करने की जरूरत है। खेल मैदान में पानी न आए, इसके लिए प्रशासन ने अच्छी पहल की है। वहीं, शहरवासी कर्ण गुलेरिया, संजय शर्मा और धर्मपाल शर्मा ने कहा कि ऐतिहासिक ढालपुर मैदान लोक व देव संस्कृति के प्रतीक है। कार्यवाहक उपायुक्त कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि ढालपुर मैदान को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन आगे भी प्रयासरत रहेगा।
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