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Kullu News: रोजाना सैकड़ों लोगों की भूख मिटा रही विनीत सूद की रसोई
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:08 PM IST
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कुल्लू अस्पताल में अन्नपूर्णा संस्था की ओर से भोजन व्यवस्था में खाना खाते लोग। फाइल फोटो
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क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में आठ सालों से मरीजों और तीमारदारों को मुफ्त खाना खिला रही संस्था
कोरोना काल में घर-घर पहुंचाया खाना, अन्नपूर्णा चैरिटेबल संस्था के 40 स्वयंसेवी दे रहे सेवाएं
रोजाना दोपहर, रात्रि का भोजन करते हैं अस्पताल में उपचार के लिए आए दो सौ से अधिक लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में लंबी कतारों में थक-हार चुके मरीज और तीमारदार हर दिन अन्नपूर्णा चैरिटेबल संस्था के विनीत सूद की रसोई से राहत पाते हैं।
आठ सालों से यह संस्था न केवल निशुल्क दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था करती है, बल्कि कोरोना काल में घर-घर भोजन पहुंचाकर जीवन बचाने में भी आगे रही। 40 से अधिक स्वयंसेवक मरीजों की सेवा में जुटे हैं। उनके लिए हर थाली में सिर्फ खाना नहीं, बल्कि इंसानियत भी परोसी जाती है। यहां हर दिन दोपहर और रात्रि के भोजन के लिए दो सौ से अधिक जरूरतमंद लोग और मरीज आते हैं। दुर्गम क्षेत्रों से अस्पताल में उपचार करवाने आए मरीजों और उनके तीमारदार दिन-रात को भोजन करते हैं।
कोरोना काल में इस संस्था ने उन लोगों तक घर-घर जाकर भोजन पहुंचाया जिनका घरों से निकलने पर प्रतिबंध था। उनके पास खाने-पीने की वस्तुएं भी खत्म हो चुकी थीं। हर दिन सैकड़ों लोगों तक वाहनों के माध्यम से खाना पहुंचाया गया था। वर्तमान में क्षेत्रीय अस्पताल में आने वाले उन लोगों को भोजन करवाने का काम किया जा रहा है जो बीमारी की हालत में अस्पताल पहुंचते हैं। लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर थक जाते हैं।
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हेल्प डेस्क से भी पहुंचाई जा रही राहत
चैरिटेबल संस्था के अध्यक्ष विनीत सूद ने कहा कि संस्था ने एक हेल्प डेस्क भी शुरू किया है। इसके माध्यम से मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों को बिस्तर, व्हील चेयर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हालांकि शुरुआत में सुरक्षा के तौर पर दो सौ रुपये लिए जाते हैं लेकिन सामान वापस आने पर यह राशि लौटा दी जाती है। साथ ही अस्पताल में ब्लड वैन की सेवाएं दे रही हैं। एक्सरे, ईसीजी और एंबुलेंस सेवा भी दी जा रही हैं।
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40 से अधिक लोगों की टीम कर रही सेवा
उनका कहना है कि वर्तमान में उनकी 40 से अधिक लोगों की टीम है। यह निस्वार्थ भाव से सेवा कर रही हैं। इसमें सेवानिवृत्त लोगों के साथ महाविद्यालय के छात्र भी शामिल हैं। ये लोग लोगों को खाना परोसने से लेकर बनाने तक में अपनी भूमिका निभाते हैं।
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क्षेत्रीय अस्पताल में आठ सालों से जरूरतमंदों को खाना खिलाने का काम किया जा रहा है। लोग इसमें सहयोग कर रहे हैं। टीम में 40 से अधिक ऐसे लोग हैं जो सेवा का काम कर रहे हैं। यही कारण है कि हम अस्पताल में आने वाले लोगों को निरंतर खाना परोस पा रहे हैं। - विनीत सूद, अध्यक्ष अन्नपूर्णा चैरिटेबल संस्था
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में लंबी कतारों में थक-हार चुके मरीज और तीमारदार हर दिन अन्नपूर्णा चैरिटेबल संस्था के विनीत सूद की रसोई से राहत पाते हैं।
आठ सालों से यह संस्था न केवल निशुल्क दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था करती है, बल्कि कोरोना काल में घर-घर भोजन पहुंचाकर जीवन बचाने में भी आगे रही। 40 से अधिक स्वयंसेवक मरीजों की सेवा में जुटे हैं। उनके लिए हर थाली में सिर्फ खाना नहीं, बल्कि इंसानियत भी परोसी जाती है। यहां हर दिन दोपहर और रात्रि के भोजन के लिए दो सौ से अधिक जरूरतमंद लोग और मरीज आते हैं। दुर्गम क्षेत्रों से अस्पताल में उपचार करवाने आए मरीजों और उनके तीमारदार दिन-रात को भोजन करते हैं।
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कोरोना काल में इस संस्था ने उन लोगों तक घर-घर जाकर भोजन पहुंचाया जिनका घरों से निकलने पर प्रतिबंध था। उनके पास खाने-पीने की वस्तुएं भी खत्म हो चुकी थीं। हर दिन सैकड़ों लोगों तक वाहनों के माध्यम से खाना पहुंचाया गया था। वर्तमान में क्षेत्रीय अस्पताल में आने वाले उन लोगों को भोजन करवाने का काम किया जा रहा है जो बीमारी की हालत में अस्पताल पहुंचते हैं। लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर थक जाते हैं।
हेल्प डेस्क से भी पहुंचाई जा रही राहत
चैरिटेबल संस्था के अध्यक्ष विनीत सूद ने कहा कि संस्था ने एक हेल्प डेस्क भी शुरू किया है। इसके माध्यम से मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों को बिस्तर, व्हील चेयर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हालांकि शुरुआत में सुरक्षा के तौर पर दो सौ रुपये लिए जाते हैं लेकिन सामान वापस आने पर यह राशि लौटा दी जाती है। साथ ही अस्पताल में ब्लड वैन की सेवाएं दे रही हैं। एक्सरे, ईसीजी और एंबुलेंस सेवा भी दी जा रही हैं।
40 से अधिक लोगों की टीम कर रही सेवा
उनका कहना है कि वर्तमान में उनकी 40 से अधिक लोगों की टीम है। यह निस्वार्थ भाव से सेवा कर रही हैं। इसमें सेवानिवृत्त लोगों के साथ महाविद्यालय के छात्र भी शामिल हैं। ये लोग लोगों को खाना परोसने से लेकर बनाने तक में अपनी भूमिका निभाते हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल में आठ सालों से जरूरतमंदों को खाना खिलाने का काम किया जा रहा है। लोग इसमें सहयोग कर रहे हैं। टीम में 40 से अधिक ऐसे लोग हैं जो सेवा का काम कर रहे हैं। यही कारण है कि हम अस्पताल में आने वाले लोगों को निरंतर खाना परोस पा रहे हैं। - विनीत सूद, अध्यक्ष अन्नपूर्णा चैरिटेबल संस्था