पश्चिम एशिया संकट: प्लाईवुड, टाइलों और शीशे के दाम में 20 फीसदी तक उछाल
15 से 20 फीसदी की वृद्धि होने से लोगों को घर बनाना महंगा हो गया है। लोगों पर घर बनाने के लिए प्लाईवुड और शीशे खरीदने में 30 से 50 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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ईरान-अमेरिका तनाव का असर अब कई सामान में देखने को मिल रहा है। ईंट के बाद अब प्लाईवुड, टाइल्स और शीशे की कीमतों में भारी उछाल आया है। 15 से 20 फीसदी की वृद्धि होने से लोगों को घर बनाना महंगा हो गया है। लोगों पर घर बनाने के लिए प्लाईवुड और शीशे खरीदने में 30 से 50 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। पहले ईंट के रेट दो रुपये महंगे हो गए और अब प्लाईवुड, टाइल्स और शीशे की बढ़ी कीमतों ने लोगों की कमर तोड़ दी है।
इसका असर आम लोगों के साथ सरकारी खजाने पर भी पड़ा है। सरकारी भवनों के निर्माण की राशि भी बढ़ी है। बताया जा रहा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण कच्चे माल की कमी से प्लाईवुड उद्योग में इस्तेमाल होने वाली मुख्य लकड़ी और रासायनिक पदार्थों (फेनोल व फॉर्मल्डेहाइड) की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके अलावा टाइल्स भी महंगी हुई हैं। कारोबारियों के मुताबिक गुजरात और राजस्थान से आने वाले टाइल्स की आपूर्ति में भारी कमी आई है। रासायनिक लागत और वैश्विक आपूर्ति शृंखला बाधित होने के कारण शीशे की कीमतों में भारी तेजी आई है।
मकान बना रहे तिलक राम, मनोहर लाल और भाग सिंह ने कहा कि अप्रैल माह से प्लाईवुड और शीशे में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कहा कि उन्हें शीशे और प्लाईवुड पर करीब 20 से 30 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि जो लोग होटल और होमस्टे का निर्माण कर रहे हैं उन्हें और भी अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। महाजन ट्रेडर जिया भुंतर के एमडी राकेश महाजन ने कहा कि ईरान-अमेरिका तनाव के बाद कच्चे माल की कमी और सप्लाई चेन बाधित होने से अप्रैल माह से प्लाईवुड और शीशे की कीमतों में 15 से 20 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। संवाद
