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Mandi News: 13 बीघा जमीन, फिर भी चिकित्सकों के सिर पर छत नहीं
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नागरिक अस्पताल जोगिंदरनगर के खस्ताहाल आवास। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडलीय अस्पताल में तैनात चिकित्सकों को दशकों से आवास सुविधा का इंतजार है। प्रशासनिक और विभागीय स्तर पर औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण 13 बीघा भूमि स्वास्थ्य विभाग के कब्जे में होने के बावजूद चिकित्सकों के आवास नहीं बन पाए हैं। आठ से दस करोड़ रुपये के बजट की सैद्धांतिक मंजूरी न मिलने से आवास निर्माण की प्रक्रिया फाइलों तक सिमट गई है।
वर्तमान में अस्पताल परिसर में चार खस्ताहाल भवन हैं। इनमें एक चिकित्सक और कुछ नर्सिंग स्टाफ व फार्मासिस्टों को ही आवास मिल पाया है। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी समेत आठ अन्य चिकित्सकों के लिए आवास की सुविधा नहीं है। अधिकांश चिकित्सक अस्पताल से दूर निजी भवनों में किराये पर रहने के लिए मजबूर हैं। नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और कार्यालय कर्मचारियों को भी आवास सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी मंडी डॉ. अशोक चौहान ने कहा कि नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में चिकित्सकों के आवास निर्माण के लिए तैयार योजना पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि बजट का प्रावधान होते ही निर्माण शुरू हो सके।
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चिकित्सकाें व स्वास्थ्य कर्मियाें को आवास सुविधा का लाभ न मिलना स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता का परिणाम है। स्थानीय नेताओं को आवाज बुलंद करनी चाहिए।-- शेर सिंह, निवासी जोगिंद्रनगर
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चिकित्सकों और कर्मचारियों को आवास सुविधा न मिलने से निजी भवनों मालिकों को मनमाने दाम चुकाने पड़ रहे हैं। अस्पताल से दूर किराये पर रहने के लिए मजबूर चिकित्सकों को आपात समय में जल्द पहुंचने के लिए परेशानी झेलनी पड़ती है।
-नोता राम, समाजसेवी
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वर्तमान में अस्पताल परिसर में चार खस्ताहाल भवन हैं। इनमें एक चिकित्सक और कुछ नर्सिंग स्टाफ व फार्मासिस्टों को ही आवास मिल पाया है। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी समेत आठ अन्य चिकित्सकों के लिए आवास की सुविधा नहीं है। अधिकांश चिकित्सक अस्पताल से दूर निजी भवनों में किराये पर रहने के लिए मजबूर हैं। नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और कार्यालय कर्मचारियों को भी आवास सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी मंडी डॉ. अशोक चौहान ने कहा कि नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में चिकित्सकों के आवास निर्माण के लिए तैयार योजना पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि बजट का प्रावधान होते ही निर्माण शुरू हो सके।
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चिकित्सकाें व स्वास्थ्य कर्मियाें को आवास सुविधा का लाभ न मिलना स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता का परिणाम है। स्थानीय नेताओं को आवाज बुलंद करनी चाहिए।
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चिकित्सकों और कर्मचारियों को आवास सुविधा न मिलने से निजी भवनों मालिकों को मनमाने दाम चुकाने पड़ रहे हैं। अस्पताल से दूर किराये पर रहने के लिए मजबूर चिकित्सकों को आपात समय में जल्द पहुंचने के लिए परेशानी झेलनी पड़ती है।
-नोता राम, समाजसेवी