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Mandi News: बीबीएमबी में 51 पार्ट टाइम कर्मचारियों की सेवा पर संकट
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प्रबंधन बोर्ड के मुख्यालय से सेवा विस्तार के लिए नहीं मिली अनुमति
कर्मचारी 20 साल से ब्यास सतलुज लिंक परियोजना में दे रहे हैं सेवाएं
यूसुफ अंसारी
डैहर (मंडी)। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के सुंदरनगर, पंडोह और सलापड़ कार्यालयों में कार्यरत 51 पार्ट टाइम कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। चंडीगढ़ मुख्यालय से नए सत्र की अनुमति नहीं मिलने के कारण उनकी नौकरी पर संकट है। कर्मचारियों का कहना है कि वे करीब 20 वर्षों से मात्र 6 हजार रुपये मासिक वेतन पर सेवाएं दे रहे हैं। इस बार पहली बार कुछ कर्मचारियों को अनुमति मिली है, जबकि 51 की फाइल लंबित है। इनमें से 26 कर्मचारी बीबीएमबी अस्पताल में कार्यरत हैं। कर्मचारियों के अनुसार यदि जल्द अनुमति नहीं मिली तो अस्पताल और अन्य कार्यालयों की सेवाएं प्रभावित होंगी। अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 250 मरीजों की ओपीडी होती है और स्टाफ की कमी से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। कर्मचारियों को आशंका है कि इन पदों को समाप्त कर आउटसोर्सिंग की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। बीबीएमबी की छह दशक पुरानी बीएसएल परियोजना में नियमित भर्ती पर लंबे समय से रोक है, ऐसे में सेवानिवृत्त कर्मियों के स्थान पर पार्ट टाइम कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। वर्तमान में करीब 300 पार्ट टाइम कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 51 की अनुमति लंबित है।
बीबीएमबी के डिप्टी चीफ इंजीनियर कश्मीर सिंह ठाकुर ने बताया कि पार्ट टाइम कर्मचारियों की अनुमति चंडीगढ़ मुख्यालय से जारी होती है और इस संबंध में लगातार संपर्क किया जा रहा है।
कर्मचारी 20 साल से ब्यास सतलुज लिंक परियोजना में दे रहे हैं सेवाएं
यूसुफ अंसारी
डैहर (मंडी)। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के सुंदरनगर, पंडोह और सलापड़ कार्यालयों में कार्यरत 51 पार्ट टाइम कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। चंडीगढ़ मुख्यालय से नए सत्र की अनुमति नहीं मिलने के कारण उनकी नौकरी पर संकट है। कर्मचारियों का कहना है कि वे करीब 20 वर्षों से मात्र 6 हजार रुपये मासिक वेतन पर सेवाएं दे रहे हैं। इस बार पहली बार कुछ कर्मचारियों को अनुमति मिली है, जबकि 51 की फाइल लंबित है। इनमें से 26 कर्मचारी बीबीएमबी अस्पताल में कार्यरत हैं। कर्मचारियों के अनुसार यदि जल्द अनुमति नहीं मिली तो अस्पताल और अन्य कार्यालयों की सेवाएं प्रभावित होंगी। अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 250 मरीजों की ओपीडी होती है और स्टाफ की कमी से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। कर्मचारियों को आशंका है कि इन पदों को समाप्त कर आउटसोर्सिंग की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। बीबीएमबी की छह दशक पुरानी बीएसएल परियोजना में नियमित भर्ती पर लंबे समय से रोक है, ऐसे में सेवानिवृत्त कर्मियों के स्थान पर पार्ट टाइम कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। वर्तमान में करीब 300 पार्ट टाइम कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 51 की अनुमति लंबित है।
बीबीएमबी के डिप्टी चीफ इंजीनियर कश्मीर सिंह ठाकुर ने बताया कि पार्ट टाइम कर्मचारियों की अनुमति चंडीगढ़ मुख्यालय से जारी होती है और इस संबंध में लगातार संपर्क किया जा रहा है।
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