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Mandi News: भंगरोटू स्कूल के विलय और प्रधानाचार्य पर कार्रवाई का विरोध
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अभिभावकों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंगरोटू की हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्धता बनाए रखने और प्रधानाचार्य किशन चंद के खिलाफ शुरू की गई विभागीय कार्रवाई (निलंबन) वापस लेने की मांग को लेकर क्षेत्र के अभिभावकों, एसएमसी और स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को उपमंडलाधिकारी (नागरिक) बल्ह स्मृतिका नेगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा विभाग की 18 फरवरी, 2026 की अधिसूचना के तहत विद्यालय को पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंगरोटू में समायोजित कर उसकी हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड से संबद्धता समाप्त करने तथा सीबीएसई प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव क्षेत्र की जनभावनाओं के विपरीत है। विद्यालय में वर्तमान में 195 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 181 छात्राएं और 14 छात्र शामिल हैं। सभी विद्यार्थियों ने हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रवेश लिया है। गोर हो कि प्रधानाचार्य पर स्कूल को मर्ज करने के आदेशों की अवहेलना करने पर कार्रवाई की गई है।
प्रधानाचार्य पर कार्रवाई को बताया अनुचित
शिक्षा विभाग ने 11 जून को विद्यालय के प्रधानाचार्य किशन चंद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी। एसएमसी और अभिभावकों ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य किया था। ऐसे में उनके खिलाफ की गई कार्रवाई से क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तोमर पाल सहित क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो अभिभावक और स्थानीय निवासी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन की प्रतियां शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, उच्च शिक्षा निदेशक, उपायुक्त मंडी तथा उपमंडलाधिकारी (नागरिक) बल्ह को भी भेजी गई हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंगरोटू की हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्धता बनाए रखने और प्रधानाचार्य किशन चंद के खिलाफ शुरू की गई विभागीय कार्रवाई (निलंबन) वापस लेने की मांग को लेकर क्षेत्र के अभिभावकों, एसएमसी और स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को उपमंडलाधिकारी (नागरिक) बल्ह स्मृतिका नेगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा विभाग की 18 फरवरी, 2026 की अधिसूचना के तहत विद्यालय को पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भंगरोटू में समायोजित कर उसकी हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड से संबद्धता समाप्त करने तथा सीबीएसई प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव क्षेत्र की जनभावनाओं के विपरीत है। विद्यालय में वर्तमान में 195 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 181 छात्राएं और 14 छात्र शामिल हैं। सभी विद्यार्थियों ने हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रवेश लिया है। गोर हो कि प्रधानाचार्य पर स्कूल को मर्ज करने के आदेशों की अवहेलना करने पर कार्रवाई की गई है।
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प्रधानाचार्य पर कार्रवाई को बताया अनुचित
शिक्षा विभाग ने 11 जून को विद्यालय के प्रधानाचार्य किशन चंद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी। एसएमसी और अभिभावकों ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य किया था। ऐसे में उनके खिलाफ की गई कार्रवाई से क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तोमर पाल सहित क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो अभिभावक और स्थानीय निवासी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन की प्रतियां शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, उच्च शिक्षा निदेशक, उपायुक्त मंडी तथा उपमंडलाधिकारी (नागरिक) बल्ह को भी भेजी गई हैं।