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Mandi News: नाटी की थाप पर झूमा गाड़ागुसैणी
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मां जालपा गाड़ादुर्गा मेले का सांस्कृतिक रंग में समापन, स्थानीय प्रतिभाओं ने जीता दिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। लोक संस्कृति और परंपराओं की रंगत बिखेरने वाले जिला स्तरीय मां जालपा गाड़ादुर्गा मेला गाड़ागुसैणी का रविवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन स्थानीय कलाकारों ने पहाड़ी और हिंदी गीतों की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। जैसे ही पहाड़ी गीतों की धुन बजी, पूरा पंडाल झूम उठा। उत्साह उस समय चरम पर पहुंच गया, जब मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह भी मंच पर पहुंचे और कलाकारों के साथ पारंपरिक नाटी में शामिल हुए।
समापन समारोह में साइना ठाकुर, श्याम भूषण, नेहा ठाकुर सहित कई युवा कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। देर शाम तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा और दर्शकों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। अपने संबोधन में विजय पाल सिंह ने कहा कि मेले केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। उन्होंने कहा कि सराज क्षेत्र के मेले अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए विशेष पहचान रखते हैं और इन्हें संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।
सराज क्षेत्र की समस्याओं को वह हर स्तर पर उठाते रहेंगे। गाड़ागुसैणी कॉलेज में कॉमर्स संकाय बंद होने का मुद्दा भी उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष उठाया है और इसके समाधान की उम्मीद जताई। इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष टेक सिंह, रोशन ठाकुर, विक्की सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। लोक संस्कृति और परंपराओं की रंगत बिखेरने वाले जिला स्तरीय मां जालपा गाड़ादुर्गा मेला गाड़ागुसैणी का रविवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन स्थानीय कलाकारों ने पहाड़ी और हिंदी गीतों की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। जैसे ही पहाड़ी गीतों की धुन बजी, पूरा पंडाल झूम उठा। उत्साह उस समय चरम पर पहुंच गया, जब मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह भी मंच पर पहुंचे और कलाकारों के साथ पारंपरिक नाटी में शामिल हुए।
समापन समारोह में साइना ठाकुर, श्याम भूषण, नेहा ठाकुर सहित कई युवा कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। देर शाम तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा और दर्शकों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। अपने संबोधन में विजय पाल सिंह ने कहा कि मेले केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। उन्होंने कहा कि सराज क्षेत्र के मेले अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए विशेष पहचान रखते हैं और इन्हें संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।
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सराज क्षेत्र की समस्याओं को वह हर स्तर पर उठाते रहेंगे। गाड़ागुसैणी कॉलेज में कॉमर्स संकाय बंद होने का मुद्दा भी उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष उठाया है और इसके समाधान की उम्मीद जताई। इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष टेक सिंह, रोशन ठाकुर, विक्की सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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