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Mandi News: बंदरों ने काट दी केबल नहीं बनी मरीजों की पर्ची
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मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में सोमवार सुबह बंदरों के आतंक के कारण मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
बंदरों की वजह से टेलीफोन केबल क्षतिग्रस्त होने पर अस्पताल का सर्वर ठप हो गया, जिससे मरीजों को समय पर पर्ची सुविधा नहीं मिल सकी। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद दूरसंचार विभाग और अस्पताल प्रबंधन की मदद से केबल की मरम्मत हुई, जिसके बाद करीब साढ़े दस बजे पर्चियां बननी शुरू हो सकीं।
सुबह से ही पर्ची काउंटर के बाहर मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें लग गई थीं। गर्मी के बीच लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से लगाए गए पंखे भी भीड़ के आगे पर्याप्त साबित नहीं हुए। पर्ची न बनने से मरीजों की ओपीडी जांच, टेस्ट और रिपोर्ट संबंधी कार्य भी प्रभावित रहे। सबसे अधिक परेशानी दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों को उठानी पड़ी। कई मरीजों को दिनभर अस्पताल में जांच और टेस्ट करवाने के बाद शाम को घर लौटना पड़ा। बालीचौकी की मीना देवी और दौलत राम, गोहर के बंसी राम और नीला देवी, कोटली के रोशन लाल और सराज क्षेत्र के पुरुषोत्तम और प्रेम चंद ने बताया कि वे सुबह नौ बजे से पर्ची बनवाने के लिए कतार में खड़े रहे, लेकिन काफी देर तक किसी की पर्ची नहीं बनी।
बाद में पता चला कि सर्वर बंद होने से यह समस्या आई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि बंदरों की वजह से टेलीफोन केबल क्षतिग्रस्त होने पर सर्वर प्रभावित हुआ था। बाद में केबल की मरम्मत कर पर्ची सुविधा बहाल कर दी गई।
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बंदरों की वजह से टेलीफोन केबल क्षतिग्रस्त होने पर अस्पताल का सर्वर ठप हो गया, जिससे मरीजों को समय पर पर्ची सुविधा नहीं मिल सकी। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद दूरसंचार विभाग और अस्पताल प्रबंधन की मदद से केबल की मरम्मत हुई, जिसके बाद करीब साढ़े दस बजे पर्चियां बननी शुरू हो सकीं।
सुबह से ही पर्ची काउंटर के बाहर मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें लग गई थीं। गर्मी के बीच लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से लगाए गए पंखे भी भीड़ के आगे पर्याप्त साबित नहीं हुए। पर्ची न बनने से मरीजों की ओपीडी जांच, टेस्ट और रिपोर्ट संबंधी कार्य भी प्रभावित रहे। सबसे अधिक परेशानी दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों को उठानी पड़ी। कई मरीजों को दिनभर अस्पताल में जांच और टेस्ट करवाने के बाद शाम को घर लौटना पड़ा। बालीचौकी की मीना देवी और दौलत राम, गोहर के बंसी राम और नीला देवी, कोटली के रोशन लाल और सराज क्षेत्र के पुरुषोत्तम और प्रेम चंद ने बताया कि वे सुबह नौ बजे से पर्ची बनवाने के लिए कतार में खड़े रहे, लेकिन काफी देर तक किसी की पर्ची नहीं बनी।
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बाद में पता चला कि सर्वर बंद होने से यह समस्या आई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि बंदरों की वजह से टेलीफोन केबल क्षतिग्रस्त होने पर सर्वर प्रभावित हुआ था। बाद में केबल की मरम्मत कर पर्ची सुविधा बहाल कर दी गई।