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Mandi News: बिजली दरों में बढ़ोतरी पर पेंशनरों ने जताया रोष
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सुंदरनगर इकाई की बैठक में बनाई रणनीति
सीएम से निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम की सुंदरनगर इकाई ने प्रदेश सरकार की ओर से बिजली दरों में बढ़ोतरी, टैरिफ सब्सिडी और 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना बंद करने के निर्णय का विरोध जताया है। फोरम ने मुख्यमंत्री से इन निर्णयों पर पुनर्विचार कर इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की है। चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो पेंशनर अपने परिवारों के साथ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
सुकेत सिनेमा परिसर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता इकाई के प्रधान केएस जम्वाल ने की। बैठक की शुरुआत हाल ही में सेवानिवृत्त धर्म दत्त, कश्मीर सिंह और हंस राज का फोरम की सदस्यता ग्रहण करने पर स्वागत एवं अभिनंदन से हुई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने टैरिफ सब्सिडी और 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा समाप्त कर दी है। इसके साथ ही विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों के बिजली बिलों पर फ्यूल सरचार्ज सहित अन्य शुल्क लगाकर बिजली और महंगी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनरों ने अपने पूरे सेवा काल में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया है। ऐसे में हिमाचल जैसे बिजली उत्पादक राज्य में उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना कर्मचारियों और आम जनता, दोनों के हितों के खिलाफ है।
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बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री से इन निर्णयों की समीक्षा कर तत्काल राहत देने की मांग की गई। फोरम ने कहा कि यदि सरकार ने जनहित में फैसला वापस नहीं लिया तो पेंशनर फोरम अपने आश्रित परिवारों के साथ प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगा। बैठक में सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर केडी खोसला सहित पवन शर्मा, आरपी धीमान, एसएस देहल, जीसी शांडिल्य, आरएस कटवाल, पीसी कटोच, एनपी ठाकुर, यूके राणा, रविंद्र नाथ शर्मा, पीके शर्मा, जेपी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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सीएम से निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम की सुंदरनगर इकाई ने प्रदेश सरकार की ओर से बिजली दरों में बढ़ोतरी, टैरिफ सब्सिडी और 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना बंद करने के निर्णय का विरोध जताया है। फोरम ने मुख्यमंत्री से इन निर्णयों पर पुनर्विचार कर इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की है। चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो पेंशनर अपने परिवारों के साथ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
सुकेत सिनेमा परिसर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता इकाई के प्रधान केएस जम्वाल ने की। बैठक की शुरुआत हाल ही में सेवानिवृत्त धर्म दत्त, कश्मीर सिंह और हंस राज का फोरम की सदस्यता ग्रहण करने पर स्वागत एवं अभिनंदन से हुई।
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बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने टैरिफ सब्सिडी और 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा समाप्त कर दी है। इसके साथ ही विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों के बिजली बिलों पर फ्यूल सरचार्ज सहित अन्य शुल्क लगाकर बिजली और महंगी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनरों ने अपने पूरे सेवा काल में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया है। ऐसे में हिमाचल जैसे बिजली उत्पादक राज्य में उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना कर्मचारियों और आम जनता, दोनों के हितों के खिलाफ है।
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बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री से इन निर्णयों की समीक्षा कर तत्काल राहत देने की मांग की गई। फोरम ने कहा कि यदि सरकार ने जनहित में फैसला वापस नहीं लिया तो पेंशनर फोरम अपने आश्रित परिवारों के साथ प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगा। बैठक में सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर केडी खोसला सहित पवन शर्मा, आरपी धीमान, एसएस देहल, जीसी शांडिल्य, आरएस कटवाल, पीसी कटोच, एनपी ठाकुर, यूके राणा, रविंद्र नाथ शर्मा, पीके शर्मा, जेपी गुप्ता आदि मौजूद रहे।