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Mandi News: मिनी सचिवालय में सजेगा देवताओं का दरबार, फूलों की वर्षा से होगा स्वागत

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:14 AM IST
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The court of the gods will be decorated in the mini secretariat, they will be welcomed with a shower of flowers.
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राज्य स्तरीय देवता मेले में देवलुओं की सुविधाओं का रखा जाएगा ध्यान
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लघु शिवरात्रि देवता मेले में देवी-देवताओं के लिए विशेष पंडाल तैयार किया जाएगा

संवाद न्यूज एजेंसी

जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय देवता मेले में शामिल होने वाले अराध्य देवी-देवताओं के स्वागत के लिए मिनी सचिवालय में विशेष दरबार सजा जाएगा। प्रशासन की मौजूदगी में फूलों की वर्षा कर देवताओं का भव्य स्वागत किया जाएगा। मंडी और कांगड़ा जिले के देवी-देवताओं के आगमन पर पूरे शहर में स्वागत द्वार सजाए जाएंगे। लघु शिवरात्रि देवता मेले में भाग लेने वाले देवी-देवताओं के लिए प्रशासन की ओर से आरक्षित स्थान पर विशेष पंडाल तैयार किया जाएगा। इस पंडाल में वर्षा और धूप से देवताओं के रथ की सुरक्षा के भी प्रबंध होंगे। देवताओं के साथ आने वाले सैकड़ों देवलुओं की सुविधा का भी प्रशासन विशेष ध्यान रखेगा। मेला समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि राज्य स्तरीय देवता मेले में देवताओं के आगमन से लेकर विदाई तक पूजा-अर्चना और फूलों की वर्षा के साथ स्वागत किया जाएगा। इसके लिए विशेष समितियां भी गठित कर दी गई हैं।
115 देवी-देवताओं को भेजे गए निमंत्रण
राज्य स्तरीय जोगिंद्रनगर देवता मेले में शामिल होने के लिए प्रशासन ने 115 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजे हैं। इनमें चौहारघाटी के अराध्य देवी हुंरग नारायण, देव पशाकोट, देव गहरी, देव सूत्रधारी ब्रह्मा, देव गहरी पेखरा, देव श्री माहूंनाग, श्यामाकाली, माता बंडेरी, माता नैना देवी, देव ब्रह्मा, देवी चामुंडा, शंकर भगवान, नवदुर्गा, मां चतुर्भुजा, देव कृष्ण और काली माता आदि शामिल हैं। ये सभी मंडी और कांगड़ा जिलों से संबंधित हैं।
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रामलीला मैदान से निकलेगी पहली देवता जलेब
एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि पहली देवता जलेब मंगलवार एक अप्रैल को दोपहर बाद रामलीला मैदान से निकलेगी। इस जलेब में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी भाग लेंगे। मेले का पांच अप्रैल को दोपहर बाद समापन होगा। अंतिम देवता जलेब मेले के मैदान की ओर प्रस्थान करेगी। इससे पहले मुख्य अतिथि और स्थानीय प्रशासन द्वारा देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाएगी।
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