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Mandi News: नगर निगम मंडी के चुनाव में अब की बार न आप और न माकपा
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उम्मीदवारों की संख्या पर भी साफ नजर आ रहा असर
कुछ वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के असंतुष्ट बिगाड़ सकते हैं समीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी और माकपा की गैरमौजूदगी ने चुनावी तस्वीर बदल दी है। इसका असर उम्मीदवारों की संख्या पर भी साफ नजर आ रहा है। अधिकांश वार्डों में प्रत्याशियों की संख्या पहले के मुकाबले कम है और करीब आधी सीटों पर मुकाबला सीधे भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच सिमट गया है। पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सभी सीटों पर, जबकि माकपा ने भी कुछ वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे थे।
हालांकि खलियार, भगवाहन और तल्याहड़ जैसे वार्ड अब भी चुनावी सरगर्मी के केंद्र बने हुए हैं। इन वार्डों में पांच या उससे अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां निर्दलीय प्रत्याशियों के साथ भाजपा और कांग्रेस के असंतुष्ट नेता भी ताल ठोक रहे हैं, जिससे मुकाबला रोचक बन गया है।
दिलचस्प बात यह है कि पिछले नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी से किस्मत आजमा चुके कुछ चेहरे इस बार नए राजनीतिक रंग में नजर आ रहे हैं। पाला बदलकर उन्हें प्रमुख दलों से टिकट भी मिल गया है। दूसरी ओर माकपा ने इस बार नगर निगम चुनाव से दूरी बनाए रखी है। इसके बावजूद तल्याहड़, भगवाहन और खलियार जैसे वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार दोनों प्रमुख दलों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत पकड़ के दम पर ये प्रत्याशी चुनावी गणित बिगाड़ने की स्थिति में दिख रहे हैं।
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कुछ वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के असंतुष्ट बिगाड़ सकते हैं समीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी और माकपा की गैरमौजूदगी ने चुनावी तस्वीर बदल दी है। इसका असर उम्मीदवारों की संख्या पर भी साफ नजर आ रहा है। अधिकांश वार्डों में प्रत्याशियों की संख्या पहले के मुकाबले कम है और करीब आधी सीटों पर मुकाबला सीधे भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच सिमट गया है। पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सभी सीटों पर, जबकि माकपा ने भी कुछ वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे थे।
हालांकि खलियार, भगवाहन और तल्याहड़ जैसे वार्ड अब भी चुनावी सरगर्मी के केंद्र बने हुए हैं। इन वार्डों में पांच या उससे अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां निर्दलीय प्रत्याशियों के साथ भाजपा और कांग्रेस के असंतुष्ट नेता भी ताल ठोक रहे हैं, जिससे मुकाबला रोचक बन गया है।
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दिलचस्प बात यह है कि पिछले नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी से किस्मत आजमा चुके कुछ चेहरे इस बार नए राजनीतिक रंग में नजर आ रहे हैं। पाला बदलकर उन्हें प्रमुख दलों से टिकट भी मिल गया है। दूसरी ओर माकपा ने इस बार नगर निगम चुनाव से दूरी बनाए रखी है। इसके बावजूद तल्याहड़, भगवाहन और खलियार जैसे वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार दोनों प्रमुख दलों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत पकड़ के दम पर ये प्रत्याशी चुनावी गणित बिगाड़ने की स्थिति में दिख रहे हैं।