सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   National Education Policy: Students' credits will be transferable to other states as well, and their records w

राष्ट्रीय शिक्षा नीति: विद्यार्थियों के दूसरे राज्यों में भी ट्रांसफर होंगे क्रेडिट, एबीसी से जुड़ेगा रिकॉर्ड

हर्षित शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 19 May 2026 12:07 PM IST
विज्ञापन
सार

 राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू होने जा रही नई व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों का अकादमिक रिकॉर्ड अब दूसरे राज्यों के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से भी जोड़ा जा सकेगा।

National Education Policy: Students' credits will be transferable to other states as well, and their records w
राष्ट्रीय शिक्षा नीति। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू होने जा रही नई व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों का अकादमिक रिकॉर्ड अब दूसरे राज्यों के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से भी जोड़ा जा सकेगा। करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) और डिजिटल क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक छात्र की डिजिटल अकादमिक आईडी तैयार होगी। इसमें उसके सभी विषय, अर्जित क्रेडिट, इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट और परीक्षा परिणाम दर्ज होंगे। इससे छात्र किसी दूसरे विश्वविद्यालय या राज्य में प्रवेश लेने पर क्रेडिट ट्रांसफर कर सकेंगे। 

Trending Videos

बीच में पढ़ाई छोड़ने पर भी सुरक्षित रहेंगे क्रेडिट

नई नीति के तहत मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट की व्यवस्था भी होगी। यदि छात्र किसी कारणवश बीच में पढ़ाई छोड़ता है, तो उसके अर्जित क्रेडिट सुरक्षित रहेंगे। बाद में वह उसी या किसी अन्य संस्थान में प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगा। निर्धारित अवधि के भीतर छात्र दोबारा प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई वहीं से शुरू कर सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक वर्ष पढ़ाई करने पर भी मिलेगा प्रमाणपत्र

नई व्यवस्था में एक वर्ष के बाद प्रमाणपत्र, दो वर्ष बाद डिप्लोमा और निर्धारित क्रेडिट पूरे करने पर डिग्री देने का प्रावधान भी शामिल है। छात्र पढ़ाई के दौरान दूसरे संस्थानों से ऑनलाइन या ऑफलाइन कोर्स लेकर भी क्रेडिट अर्जित कर सकेंगे। इन क्रेडिट को एबीसी सिस्टम से छात्र के मुख्य अकादमिक रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। यदि कोई छात्र किसी कारणवश कोर्स बीच में छोड़ता है, तो उसकी पढ़ाई पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जाएगी।

विज्ञापन

अभी एचपीयू में ये है व्यवस्था

अभी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बीच सत्र माइग्रेशन की व्यवस्था सीमित है। कई मामलों में विद्यार्थियों को दोबारा प्रवेश प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है या विषय और परीक्षा संरचना अलग होने के कारण सेमेस्टर दोहराना पड़ता है। नई प्रणाली में क्रेडिट आधारित ढांचा लागू होने के बाद यह प्रक्रिया डिजिटल रूप से संचालित होगी।

जहां के ज्यादा क्रेडिट, वहीं से मिलेगी डिग्री

एनईपी लागू होने के बाद छात्र दूसरे राज्यों की यूनिवर्सिटी में भी माइग्रेशन कर पाएंगे। माइग्रेशन के बाद जिस विश्वविद्यालय से छात्र अधिकतम क्रेडिट अर्जित करेंगे, उसी विश्वविद्यालय की डिग्री उन्हें दी जाएगी।-बीके शिवराम, डीन ऑफ स्टडीस, एचपीयू

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed