राष्ट्रीय शिक्षा नीति: विद्यार्थियों के दूसरे राज्यों में भी ट्रांसफर होंगे क्रेडिट, एबीसी से जुड़ेगा रिकॉर्ड
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू होने जा रही नई व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों का अकादमिक रिकॉर्ड अब दूसरे राज्यों के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से भी जोड़ा जा सकेगा।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू होने जा रही नई व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों का अकादमिक रिकॉर्ड अब दूसरे राज्यों के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से भी जोड़ा जा सकेगा। करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) और डिजिटल क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक छात्र की डिजिटल अकादमिक आईडी तैयार होगी। इसमें उसके सभी विषय, अर्जित क्रेडिट, इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट और परीक्षा परिणाम दर्ज होंगे। इससे छात्र किसी दूसरे विश्वविद्यालय या राज्य में प्रवेश लेने पर क्रेडिट ट्रांसफर कर सकेंगे।
बीच में पढ़ाई छोड़ने पर भी सुरक्षित रहेंगे क्रेडिट
नई नीति के तहत मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट की व्यवस्था भी होगी। यदि छात्र किसी कारणवश बीच में पढ़ाई छोड़ता है, तो उसके अर्जित क्रेडिट सुरक्षित रहेंगे। बाद में वह उसी या किसी अन्य संस्थान में प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगा। निर्धारित अवधि के भीतर छात्र दोबारा प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई वहीं से शुरू कर सकेगा।
एक वर्ष पढ़ाई करने पर भी मिलेगा प्रमाणपत्र
नई व्यवस्था में एक वर्ष के बाद प्रमाणपत्र, दो वर्ष बाद डिप्लोमा और निर्धारित क्रेडिट पूरे करने पर डिग्री देने का प्रावधान भी शामिल है। छात्र पढ़ाई के दौरान दूसरे संस्थानों से ऑनलाइन या ऑफलाइन कोर्स लेकर भी क्रेडिट अर्जित कर सकेंगे। इन क्रेडिट को एबीसी सिस्टम से छात्र के मुख्य अकादमिक रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। यदि कोई छात्र किसी कारणवश कोर्स बीच में छोड़ता है, तो उसकी पढ़ाई पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जाएगी।
अभी एचपीयू में ये है व्यवस्था
अभी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बीच सत्र माइग्रेशन की व्यवस्था सीमित है। कई मामलों में विद्यार्थियों को दोबारा प्रवेश प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है या विषय और परीक्षा संरचना अलग होने के कारण सेमेस्टर दोहराना पड़ता है। नई प्रणाली में क्रेडिट आधारित ढांचा लागू होने के बाद यह प्रक्रिया डिजिटल रूप से संचालित होगी।
जहां के ज्यादा क्रेडिट, वहीं से मिलेगी डिग्री
एनईपी लागू होने के बाद छात्र दूसरे राज्यों की यूनिवर्सिटी में भी माइग्रेशन कर पाएंगे। माइग्रेशन के बाद जिस विश्वविद्यालय से छात्र अधिकतम क्रेडिट अर्जित करेंगे, उसी विश्वविद्यालय की डिग्री उन्हें दी जाएगी।-बीके शिवराम, डीन ऑफ स्टडीस, एचपीयू