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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   allegation of pollution

Rampur Bushahar News: गिरि नदी में सेब प्रोसेसिंग प्लांट से फिर छोड़ा दूषित पानी, ठियोग से शिमला तक पेयजल गुणवत्ता पर सवाल

Fri, 30 Oct 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:55 PM IST
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जैस पंचायत के पेयजल टैंक में मिली झाग, ग्रामीणों ने एचपीएमसी प्लांट प्रबंधन के खिलाफ जताया रोष
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ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
ग्रामीणों और सेब प्रोसेसिंग प्लांट के अधिकारियों के बीच तीखी बहस

संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। गिरि नदी में पराला स्थित एचपीएमसी के सेब प्रोसेसिंग प्लांट से कथित तौर पर दूषित पानी छोड़े जाने का मामला फिर सामने आया है। जैस पंचायत के पेयजल टैंक में पानी की आपूर्ति के दौरान झाग दिखाई देने से ग्रामीणों में रोष है। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि गिरि नदी से ठियोग की कई पंचायतों, ठियोग कस्बे और राजधानी शिमला को पेयजल की आपूर्ति होती है। ऐसे में नदी में प्रदूषण की आशंका ने पेयजल गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जैस पंचायत के प्रधान भूपेंद्र हेटा और स्थानीय निवासी डीके वर्मा ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला गंदा पानी अक्सर रात के समय नदी में छोड़ा जाता है। उनका कहना है कि इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
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घटना के बाद ग्रामीणों और सेब प्रोसेसिंग प्लांट के अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से गिरि नदी और पेयजल टैंकों के पानी के सैंपल लेकर उनकी वैज्ञानिक जांच करवाने की मांग उठाई है। साथ ही एचपीएमसी प्लांट के वेस्ट ट्रीटमेंट सिस्टम की जांच करने की भी मांग की है, ताकि स्पष्ट हो सके कि प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट पानी का निर्धारित मानकों के अनुसार उपचार किया जा रहा है या नहीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि गिरि नदी में दूषित पानी छोड़ने की शिकायतों पर प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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इनसेट
दो साल पहले भी उठा था नदी में प्रदूषण का मामला
करीब दो साल पहले भी एचपीएमसी के सेब प्रोसेसिंग प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट पानी को लेकर विवाद सामने आया था। उस समय स्थानीय लोगों ने विरोध जताया था। ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर और शिमला नगर निगम के मेयर भी पराला पहुंचे थे। अब दोबारा शिकायत सामने आने से ग्रामीणों ने नदी के प्रदूषण पर स्थायी रोक लगाने की मांग तेज कर दी है।
एसडीएम ठियोग का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे मुकेश शर्मा ने बताया कि मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और स्थिति का जायजा लेंगे।
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