Rampur: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दस साल का कारावास, सात हजार जुर्माना भी लगाया
रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी संतोष कुमार को दस साल के कारावास की सजा सुनाई है।
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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी संतोष कुमार को दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उप जिला न्यायावादी कमल चंदेल ने बताया कि यह घटना वर्ष 2020 की है। पीड़िता उस समय दसवीं कक्षा में पढ़ रही थी। वह एसओएस की परीक्षा देने रिकांगपिओ गई थी। 19 सितंबर 2020 को परीक्षा देकर वापस आते समय आरोपी उसे मिला। पीड़िता आरोपी को फेसबुक के माध्यम से जानती थी। आरोपी ने पीड़िता को शादी का प्रस्ताव दिया। वह उसे अपनी गाड़ी में रामपुर ले गया। दोनों एक गेस्ट हाउस में ठहरे। आरोपी ने पीड़िता के साथ रात को शारीरिक संबंध बनाए।
अगले दिन आरोपी पीड़िता को वापस रिकांगपिओ ले आया। उसने पीड़िता को शौंगटोंग के पास उतार दिया। आरोपी ने पीड़िता से कहा कि वह उसे दो दिन बाद लेने आएगा। उस समय पीड़िता की आयु मात्र 16 वर्ष थी। पीड़िता के माता-पिता ने पुलिस थाना रिकांगपिओ में मामला दर्ज करवाया। इसके बाद पीड़िता का चिकित्सा परीक्षण किया गया। चिकित्सा परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। अदालत ने इस मामले में कुल 20 गवाहों के बयान दर्ज किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी को नाबालिग पीड़िता को भगाकर ले जाने और बलात्कार करने का दोषी पाया। सरकार की ओर से उप जिला न्यायावादी कमल चंदेल ने मुकदमे की पैरवी की। अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कारावास और सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।