सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   In the case of theft of asphalt drums, three accused were acquitted after 13 years

Rampur Bushahar News: तारकोल के 67 ड्रम चोरी मामले में 13 साल बाद तीन आरोपी बरी

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने आरोपियों को दिया संदेह का लाभ, पुलिस की जांच में कई खामियां
Trending Videos


सांगला में हेलीपैड के पास सड़क से चोरी हुए ड्रम, ट्रक को सोलन में पकड़ा था
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ट्रक में लोक निर्माण विभाग के डामर (तारकोल) के 67 ड्रम चुराकर ले जाने के मामले में तीन आरोपियों को अदालत ने 13 साल बाद बरी कर दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर की अदालत ने आरोपियों को संदेह का लाभ दिया है। इस मामले में चार आरोपी थे। एक को भगोड़ा घोषित किया गया है। अदालत ने पुलिस की जांच में खामियां पाईं। साथ ही टिप्पणी की है कि ऐसे मामलों में वाहन की तलाशी लेते समय उस इलाके के दो या अधिक स्वतंत्र गवाहों का मौके पर होना जरूरी है, जो पुलिस ने इस मामले में नहीं किया।
मामला 6 मार्च 2013 को पुलिस थाना रामपुर में दर्ज हुआ था। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शिव राज सान्याल ने शिकायत में बताया कि 5 मार्च 2013 को विभाग ने सांगला में हेलीपैड के पास सड़क पर डामर के 1,212 ड्रम उतारे। 6 मार्च को गिनती की, तो 67 ड्रम गायब पाए। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी कैलाश और रोजर बिन्नी ट्रक में ड्रम ले गए। उनके साथ मारुति कार में आरोपी पूरन दत्त और सुनील भी थे। इस ट्रक को 6 मार्च की रात को सोलन जिले की चौकी सुबाथू की पुलिस टीम ने पकड़ा। इसके बाद रामपुर थाना से जांच अधिकारी वहां पहुंचे और ट्रक के साथ डामर के 67 ड्रमों को कब्जे में ले लिया। जांच पूरी होने पर आईपीसी की धारा 379 और 34 के तहत चालान तैयार किया गया। आरोपी कैलाश चंद न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। उसे 25 अक्तूबर 2025 के आदेश से भगोड़ा घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत ने फैसले में टिप्पणी की है कि अभियोजन पक्ष के किसी भी गवाह ने आरोपियों को चोरी करते हुए नहीं देखा है। अदालत ने पाया कि जांच में इतनी अधिक कमियां हैं, जो इस मामले को अत्यधिक अविश्वसनीय बनाती हैं। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि आरोपी रोजर और कैलाश को डामर के 67 ड्रमों से भरे ट्रक के साथ पकड़ा गया था। सीआरपीसी की धारा 100(4) यह अनिवार्य करती है कि किसी बंद स्थान की तलाशी दो या अधिक स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में ली जाएगी। ट्रक की तलाशी के दौरान इलाके के किसी भी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया है। सुबाथू चौकी प्रभारी के पास स्वतंत्र गवाह को शामिल करने के लिए पर्याप्त समय था, लेकिन उन्होंने ट्रक की तलाशी के समय किसी भी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया। हालांकि, जांच अधिकारी ने अपने बयान से इस मामले को साबित करने की कोशिश की है, लेकिन उनके बयान को रिकॉर्ड पर आए अन्य सबूतों से कोई पुष्टि नहीं मिल रही है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि जांच अधिकारी का बयान अभियोजन पक्ष के मामले को साबित करने के लिए पर्याप्त है। कुल मिलाकर अदालत का यह मत है कि किसी भी ठोस सबूत के अभाव में इस मामले के आरोपियों को संदेह का लाभ देती है। इसके बाद आरोपी रोजर बिनी, पूरन दत्त, सुनील कुमार को बरी कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article