Himachal News: सुख-समृद्धि की कामना के साथ विदा हुए सावनी, विश्व प्रसिद्ध राउलाने उत्सव संपन्न
हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में चल रहा विश्व प्रसिद्ध राउलाने उत्सव संपन्न हो गया है। उत्सव के अंतिम दिन पुंदलूओं ने विधिवत पूजा-पाठ संपन्न किया।
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जिला किन्नौर के ऐतिहासिक गांव कल्पा में पांच दिन तक विश्व प्रसिद्ध राउलाने उत्सव मनाया गया। मंगलवार को पारंपरिक रीति-रिवाज और पूजा-अर्चना के साथ उत्सव का समापन हो गया। अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोग उमड़े। इसमें स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश से पर्यटक भी शामिल हुए। विदेशी पर्यटकों ने भारतीय संस्कृति की इस अनूठी झलक को अपने कैमरों में कैद किया।
#WATCH | Kalpa, Himachal Pradesh | The centuries-old five-day Raulane Mela concluded with traditional dance and rituals today in Kalpa village, located in the tribal district of Kinnaur. The traditional fair was witnessed by a large number of local residents, along with people… pic.twitter.com/hpw8DQBE0D
विज्ञापन— ANI (@ANI) March 11, 2026विज्ञापन
उत्सव के अंतिम दिन पुंदलूओं ने विधिवत पूजा-पाठ संपन्न किया। मान्यता है कि सस्कर त्योहार के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों से आए ''सावनी'' को प्रसन्न होकर विदा करना अनिवार्य है, ताकि पूरे वर्ष गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे। इसी उद्देश्य से पांच दिन तक देव नृत्य और अनुष्ठानों का दौर चला। उत्सव की सबसे खास बात इसकी विशिष्टता रही, जिसमें केवल पुरुषों ने ही भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर किन्नौरी वेशभूषा में सजे पुरुषों ने जब राउला, राउलाने और पुंदलू नृत्य पेश किया, तो पूरा कल्पा गांव लोक धुनों से सराबोर हो उठा। स्थानीय ग्रामीण जय प्रभा समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस साल यह उत्सव जिला या राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय प्रचार के चलते वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहा।
#WATCH | Kalpa, Himachal Pradesh | Temple Committee Secretary Shivdayal Negi says, “This Raulane Mela is being celebrated for centuries. It is a five-day celebration to please the mountain fairies… People from the nearby villages come to visit during the mela, and everyone gets… pic.twitter.com/RkHDZXRCUH
— ANI (@ANI) March 11, 2026