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Rampur Bushahar News: रामपुर में उद्घाटन के बाद भी शुरू नहीं हो पाए ट्रॉमा सेंटर और खेल छात्रावास
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दत्तनगर स्थित खेल छात्रावास उद्घाटन के बाद भी नहीं हो पाया शुरू। संवाद
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बजट की घोषणा का सच : . दो साल पहले मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया था उद्घाटन
. करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पांच जिलों के खिलाड़ियों को नहीं मिली सुविधा
. ट्रॉमा सेंटर शुरू न होने से आपातकाल में शिमला रेफर हो रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर में उद्घाटन के बाद भी ट्रॉमा सेंटर और खेल छात्रावास शुरू नहीं हो पाए हैं। खनेरी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर और दत्तनगर में बने खेल छात्रावास का मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दो साल पहले उद्घाटन किया था। मुख्यमंत्री ने आधी-अधूरी योजनाओं का उद्घाटन तो कर दिया, लेकिन इन योजनाओं का लाभ कब मिलेगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। चार जिलों के युवा और मरीज आज भी बेहतर खेल और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। दत्तनगर में खेल छात्रावास वर्ष 2020 से राजनीतिक और विभागीय उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। छात्रावास के निर्माण के छह साल बाद भी शिमला, कुल्लू, किन्नौर और साथ लगते मंडी जिले के खिलाड़ियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। करीब 10 करोड़ की लागत से खेल छात्रावास का निर्माण हुआ है। इसका मार्च 2024 में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उद्घाटन किया था। इस खेल छात्रावास में युवा खिलाड़ियों को वॉलीबाल और बॉक्सिंग का प्रशिक्षण दिया जाना है। युवा सेवा एवं खेल विभाग ने इंडोर स्टेडियम और बहुमंजिला हॉस्टल का निर्माण तो किया, लेकिन उद्घाटन के दो साल बाद भी खेल छात्रावास अव्यवस्था का शिकार बना हुआ है। खेल छात्रावास लोक निर्माण विभाग और युवा सेवा एवं खेल विभाग के बीच में झूल रहा है। अभी तक छात्रावास लोक निर्माण विभाग से युवा सेवा एवं खेल विभाग के नाम नहीं हो पाया है।
ट्रॉमा सेंटर में लटके ताले
चार जिलों के लोगों को आपातकाल में स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर बना है। बहुमंजिला ट्रॉमा सेंटर के भवन में अभी तक लिफ्ट नहीं लग पाई है। ट्रॉमा सेंटर के अभाव में गंभीर रोगियों और हादसों में घायल होने वाले मरीजों को रामपुर से 130 किलोमीटर दूर आईजीएमसी शिमला रेफर किया जा रहा है। मार्च 2024 में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन तो किया, लेकिन आधी-अधूरी सुविधाओं से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। वर्ष 2017 में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। उद्घाटन के दो साल बाद ट्रॉमा सेंटर में ताले लटके हुए हैं। स्टाफ और सुविधाओं के अभाव में यह ट्रॉमा सेंटर सफेद हाथी साबित हो रहा है।
सरकार की अनदेखी युवाओं और मरीजों पर भारी
क्षेत्र के रविंद्र कुमार, अमर सिंह, राजेश कुमार, विकास, राजीव कुमार, मुकेश, कमलेश, रचित कुमार, रोहित, यशवंत, मनीष सहित अन्य लोगों ने कहा कि सरकार की अनदेखी युवाओं और मरीजों पर भारी पड़ रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग से दोनों योजनाओं का लाभ जल्द देने की मांग उठाई है।
ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सेंटर में बिजली का कार्य शेष बचता है। खेल छात्रावास दत्तनगर में बिजली का ट्रांसफार्मर लगाना बाकी है। खेल विभाग ने छात्रावास में अतिरिक्त कार्य की मांग की थी, जिसका एस्टीमेट तैयार कर भेज दिया गया है। बजट उपलब्ध होते ही कार्य शुरू किया जाएगा।-- बृज लाल, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग रामपुर
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. करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पांच जिलों के खिलाड़ियों को नहीं मिली सुविधा
. ट्रॉमा सेंटर शुरू न होने से आपातकाल में शिमला रेफर हो रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर में उद्घाटन के बाद भी ट्रॉमा सेंटर और खेल छात्रावास शुरू नहीं हो पाए हैं। खनेरी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर और दत्तनगर में बने खेल छात्रावास का मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दो साल पहले उद्घाटन किया था। मुख्यमंत्री ने आधी-अधूरी योजनाओं का उद्घाटन तो कर दिया, लेकिन इन योजनाओं का लाभ कब मिलेगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। चार जिलों के युवा और मरीज आज भी बेहतर खेल और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। दत्तनगर में खेल छात्रावास वर्ष 2020 से राजनीतिक और विभागीय उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। छात्रावास के निर्माण के छह साल बाद भी शिमला, कुल्लू, किन्नौर और साथ लगते मंडी जिले के खिलाड़ियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। करीब 10 करोड़ की लागत से खेल छात्रावास का निर्माण हुआ है। इसका मार्च 2024 में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उद्घाटन किया था। इस खेल छात्रावास में युवा खिलाड़ियों को वॉलीबाल और बॉक्सिंग का प्रशिक्षण दिया जाना है। युवा सेवा एवं खेल विभाग ने इंडोर स्टेडियम और बहुमंजिला हॉस्टल का निर्माण तो किया, लेकिन उद्घाटन के दो साल बाद भी खेल छात्रावास अव्यवस्था का शिकार बना हुआ है। खेल छात्रावास लोक निर्माण विभाग और युवा सेवा एवं खेल विभाग के बीच में झूल रहा है। अभी तक छात्रावास लोक निर्माण विभाग से युवा सेवा एवं खेल विभाग के नाम नहीं हो पाया है।
ट्रॉमा सेंटर में लटके ताले
चार जिलों के लोगों को आपातकाल में स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर बना है। बहुमंजिला ट्रॉमा सेंटर के भवन में अभी तक लिफ्ट नहीं लग पाई है। ट्रॉमा सेंटर के अभाव में गंभीर रोगियों और हादसों में घायल होने वाले मरीजों को रामपुर से 130 किलोमीटर दूर आईजीएमसी शिमला रेफर किया जा रहा है। मार्च 2024 में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन तो किया, लेकिन आधी-अधूरी सुविधाओं से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। वर्ष 2017 में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। उद्घाटन के दो साल बाद ट्रॉमा सेंटर में ताले लटके हुए हैं। स्टाफ और सुविधाओं के अभाव में यह ट्रॉमा सेंटर सफेद हाथी साबित हो रहा है।
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सरकार की अनदेखी युवाओं और मरीजों पर भारी
क्षेत्र के रविंद्र कुमार, अमर सिंह, राजेश कुमार, विकास, राजीव कुमार, मुकेश, कमलेश, रचित कुमार, रोहित, यशवंत, मनीष सहित अन्य लोगों ने कहा कि सरकार की अनदेखी युवाओं और मरीजों पर भारी पड़ रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग से दोनों योजनाओं का लाभ जल्द देने की मांग उठाई है।
ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सेंटर में बिजली का कार्य शेष बचता है। खेल छात्रावास दत्तनगर में बिजली का ट्रांसफार्मर लगाना बाकी है। खेल विभाग ने छात्रावास में अतिरिक्त कार्य की मांग की थी, जिसका एस्टीमेट तैयार कर भेज दिया गया है। बजट उपलब्ध होते ही कार्य शुरू किया जाएगा।

दत्तनगर स्थित खेल छात्रावास उद्घाटन के बाद भी नहीं हो पाया शुरू। संवाद

दत्तनगर स्थित खेल छात्रावास उद्घाटन के बाद भी नहीं हो पाया शुरू। संवाद