{"_id":"6a32844578f92553c00e5969","slug":"court-decession-nahan-news-c-177-1-nhn1017-181189-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"19 साल पुराना रिश्ता टूटा : फैमिली कोर्ट ने आपसी सहमति से दी तलाक की मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
19 साल पुराना रिश्ता टूटा : फैमिली कोर्ट ने आपसी सहमति से दी तलाक की मंजूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
2007 में हुई थी शादी, 2023 से रह रहे थे अलग, तीन बच्चे मां के साथ रहेंगे
फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब तीन साल से अलग रह रहे दंपती को आखिरकार फैमिली कोर्ट से कानूनी राहत मिल गई। जिले के प्रधान न्यायाधीश (फैमिली कोर्ट) ने पति-पत्नी की संयुक्त याचिका स्वीकार करते हुए उनके 19 साल पुराने वैवाहिक संबंध को आपसी सहमति से समाप्त कर दिया। अदालत ने माना कि दोनों के बीच मतभेद इतने गहरे हैं कि साथ रहने की संभावना नहीं बची है।
अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों का विवाह 14 अक्तूबर 2007 को नाहन में सिख रीति-रिवाजों से हुआ था। इस वैवाहिक जीवन से तीन बच्चे हैं, जो वर्तमान में मां के साथ रह रहे हैं। पारिवारिक मतभेदों के चलते दंपती 16 अगस्त 2023 से अलग-अलग रह रहे हैं और दोनों ने यह स्वीकार किया कि अब साथ रहना संभव नहीं है।
पति-पत्नी ने 15 दिसंबर 2025 को हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(बी) के तहत संयुक्त रूप से तलाक की याचिका दायर की थी। निर्धारित छह माह की कूलिंग ऑफ अवधि पूरी होने के बाद दूसरी मोशन पर दोनों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने पाया कि याचिका स्वेच्छा से दायर की गई है और इसमें किसी प्रकार की मिलीभगत या कानूनी बाधा नहीं है। इसके बाद तलाक की डिक्री पारित कर दी गई।
विज्ञापन
फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब तीन साल से अलग रह रहे दंपती को आखिरकार फैमिली कोर्ट से कानूनी राहत मिल गई। जिले के प्रधान न्यायाधीश (फैमिली कोर्ट) ने पति-पत्नी की संयुक्त याचिका स्वीकार करते हुए उनके 19 साल पुराने वैवाहिक संबंध को आपसी सहमति से समाप्त कर दिया। अदालत ने माना कि दोनों के बीच मतभेद इतने गहरे हैं कि साथ रहने की संभावना नहीं बची है।
अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों का विवाह 14 अक्तूबर 2007 को नाहन में सिख रीति-रिवाजों से हुआ था। इस वैवाहिक जीवन से तीन बच्चे हैं, जो वर्तमान में मां के साथ रह रहे हैं। पारिवारिक मतभेदों के चलते दंपती 16 अगस्त 2023 से अलग-अलग रह रहे हैं और दोनों ने यह स्वीकार किया कि अब साथ रहना संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पति-पत्नी ने 15 दिसंबर 2025 को हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(बी) के तहत संयुक्त रूप से तलाक की याचिका दायर की थी। निर्धारित छह माह की कूलिंग ऑफ अवधि पूरी होने के बाद दूसरी मोशन पर दोनों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने पाया कि याचिका स्वेच्छा से दायर की गई है और इसमें किसी प्रकार की मिलीभगत या कानूनी बाधा नहीं है। इसके बाद तलाक की डिक्री पारित कर दी गई।