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Sirmour News: अदालत 2
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20.820 किलोग्राम अफीम भुक्की
मामले में काेर्ट से 3 व्यक्ति दोषमुक्त
- साल 2020 को सदर थाना नाहन का मामला
, बोहलियों क्षेत्र में एक ढाबे की तलाशी में आरोपियों के कब्जे से बरामद की थी भुक्की
- अदालत ने कहा : बरामदगी के दावे के लिए ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब छह साल पुराने एनडीपीएस मामले में विशेष अदालत ने तीन आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। इसमें अनिल जुयाल (उत्तराखंड), मुकेश शुक्ला (हरियाणा) और ऋषि पाल (नाहन) निवासी शामिल हैं। अदालत ने फैसले में स्पष्ट कहा कि केवल बरामदगी का दावा पर्याप्त नहीं होता, बल्कि कोर्ट में ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य पेश करना जरूरी होता है।
यह मामला 5 जुलाई 2020 को सदर पुलिस थाना नाहन में दर्ज है। पुलिस की टीम ने बोहलियों के पास एक ढाबे की तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 20.820 किलोग्राम भुक्की/चूरा पोस्त बरामदगी का दावा किया था। इस मामले में पुलिस ने ढाबा मालिक ऋषि पाल सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 16 गवाह पेश किए, लेकिन अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा। अदालत ने कथित तौर पर आरोपियों के कब्जे से बरामद की गई प्रतिबंधित सामग्री की बरामदगी पर संदेह जताया। साथ ही, गवाहों के बयान भी विरोधाभासी पाए गए। कोर्ट ने फैसले में कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज और सबूत रिकॉर्ड पर पर्याप्त नहीं थे। इन कमियों के चलते कोर्ट ने तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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मामले में काेर्ट से 3 व्यक्ति दोषमुक्त
- साल 2020 को सदर थाना नाहन का मामला
, बोहलियों क्षेत्र में एक ढाबे की तलाशी में आरोपियों के कब्जे से बरामद की थी भुक्की
- अदालत ने कहा : बरामदगी के दावे के लिए ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब छह साल पुराने एनडीपीएस मामले में विशेष अदालत ने तीन आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। इसमें अनिल जुयाल (उत्तराखंड), मुकेश शुक्ला (हरियाणा) और ऋषि पाल (नाहन) निवासी शामिल हैं। अदालत ने फैसले में स्पष्ट कहा कि केवल बरामदगी का दावा पर्याप्त नहीं होता, बल्कि कोर्ट में ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य पेश करना जरूरी होता है।
यह मामला 5 जुलाई 2020 को सदर पुलिस थाना नाहन में दर्ज है। पुलिस की टीम ने बोहलियों के पास एक ढाबे की तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 20.820 किलोग्राम भुक्की/चूरा पोस्त बरामदगी का दावा किया था। इस मामले में पुलिस ने ढाबा मालिक ऋषि पाल सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 16 गवाह पेश किए, लेकिन अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा। अदालत ने कथित तौर पर आरोपियों के कब्जे से बरामद की गई प्रतिबंधित सामग्री की बरामदगी पर संदेह जताया। साथ ही, गवाहों के बयान भी विरोधाभासी पाए गए। कोर्ट ने फैसले में कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज और सबूत रिकॉर्ड पर पर्याप्त नहीं थे। इन कमियों के चलते कोर्ट ने तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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