{"_id":"69f75d67c509b680170bb0c8","slug":"snowfall-in-chuddhaar-nahan-news-c-177-1-nhn1001-177857-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: सिरमौर के चूड़धार में हिमपात, ओलावृष्टि और अंधड़ से फसलों को नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: सिरमौर के चूड़धार में हिमपात, ओलावृष्टि और अंधड़ से फसलों को नुकसान
विज्ञापन
सिरमौर के धौलाकुआं में स्ट्राबेरी की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद
विज्ञापन
-जिले के उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में भी बढ़ी ठंड,
-कई जगह तूफान में उड़ीं छतें, सड़कों पर गिरे पेड़
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/संगड़ाह/धौलाकुआं/शिलाई (सिरमौर)। मई की चिलचिलाती गर्मी के बीच सिरमौर जिले में मौसम ने अपना मिजाज बदला है। जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में हल्का हिमपात हुआ है तो वहीं अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि, बारिश व तूफान से काफी नुकसान पहुंचा है। ऊपरी क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में भी ठंड बढ़ गई है। सुबह मौसम ने ऐसी करवट ली कि आसमान में अंधेरा छा गया। अंधेरा ऐसा लगा कि मानों दिन में ही रात हुई हो। इसके बाद आए तेज तूफान से जिलावासी सहम उठे।
रविवार को विभिन्न उपमंडलों में आए भीषण आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहां एक ओर तूफान ने लोगों की छतों से टीन उड़ा दिए वहीं कई मकानों को आंशिक नुकसान भी पहुंचा है। तूफान के चलते कई घंटों तक बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। जानकारी के अनुसार जिले के रेणुका विधानसभा क्षेत्र में मकानों की टीन आदि की छतें उड़ने और टूटने के मामले सामने आए हैं। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। बनवानी निवासी आत्मा राम ने बताया कि तूफान के कारण उसके मकान की छत उड़ गई है। इससे उसे करीब 10 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
वहीं, मई का यह महीना कृषि और बागवानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन ओलावृष्टि ने इसे तबाही में बदल दिया है। तूफान और ओलों की वजह से खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की कटी हुई फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। मैदानी क्षेत्रों में किसानों ने गेहूं की फसल की कटाई की थी। फसल को थ्रेसिंग के लिए रखा गया था, लेकिन बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, नकदी फसलों जैसे टमाटर, शिमला मिर्च, और फ्रासबीन के पौधों को भी ओलों ने बुरी तरह पीट दिया है। बागवानों के लिए भी यह खबर किसी सदमे से कम नहीं है। जिला में आड़ू, प्लम और खुबानी जैसे फल तैयार होने की स्थिति में हैं, लेकिन भारी ओलावृष्टि ने इन फलों को नुकसान पहुंचाया है।
इसके अलावा मैदानी क्षेत्रों में स्ट्राॅबैरी और आम की फसल को भी तेज तूफान से काफी नुकसान पहुंचा है। सेब के बगीचों में भी सेटिंग के समय हुई इस ओलावृष्टि से भविष्य की पैदावार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सिरमौर का किसान और बागवान पूरी तरह टूट चुका है। स्थानीय लोगों हिम्मत सिंह, महेश कुमार, बलदेव सिंह आदि ने ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे करवाया जाए।
तेज तूफान से कई क्षेत्रों मे पेड़ गिरने की जानकारी भी मिली है। बोहलियों क्षेत्र में एक पेड़ नेशनल हाईवे चंडीगढ़-देहरादून पर गिर गया। इस दौरान एक गाड़ी चालक बाल-बाल बचा। समय रहते उसने गाड़ी रोक दी, अन्यथा पेड़ गाड़ी पर गिरता। शीशपाल सैनी ने बताया कि वह अपनी बेटी को नीट की परीक्षा दिलवाने के लिए नाहन जा रहे थे। इसी बीच बोहलियों के समीप तेज तूफान से अचानक एक पेड़ हाईवे पर गिरने लगा। उन्होंने तुरंत गाड़ी रोक दी। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, नाहन के चिडांवाली, नाहन-कुम्हारहट़टी नेशनल हाईवे पर भी पेड़ गिरने की जानकारी मिली है।
संवाद
Trending Videos
-कई जगह तूफान में उड़ीं छतें, सड़कों पर गिरे पेड़
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/संगड़ाह/धौलाकुआं/शिलाई (सिरमौर)। मई की चिलचिलाती गर्मी के बीच सिरमौर जिले में मौसम ने अपना मिजाज बदला है। जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में हल्का हिमपात हुआ है तो वहीं अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि, बारिश व तूफान से काफी नुकसान पहुंचा है। ऊपरी क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में भी ठंड बढ़ गई है। सुबह मौसम ने ऐसी करवट ली कि आसमान में अंधेरा छा गया। अंधेरा ऐसा लगा कि मानों दिन में ही रात हुई हो। इसके बाद आए तेज तूफान से जिलावासी सहम उठे।
रविवार को विभिन्न उपमंडलों में आए भीषण आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहां एक ओर तूफान ने लोगों की छतों से टीन उड़ा दिए वहीं कई मकानों को आंशिक नुकसान भी पहुंचा है। तूफान के चलते कई घंटों तक बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। जानकारी के अनुसार जिले के रेणुका विधानसभा क्षेत्र में मकानों की टीन आदि की छतें उड़ने और टूटने के मामले सामने आए हैं। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। बनवानी निवासी आत्मा राम ने बताया कि तूफान के कारण उसके मकान की छत उड़ गई है। इससे उसे करीब 10 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं, मई का यह महीना कृषि और बागवानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन ओलावृष्टि ने इसे तबाही में बदल दिया है। तूफान और ओलों की वजह से खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की कटी हुई फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। मैदानी क्षेत्रों में किसानों ने गेहूं की फसल की कटाई की थी। फसल को थ्रेसिंग के लिए रखा गया था, लेकिन बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, नकदी फसलों जैसे टमाटर, शिमला मिर्च, और फ्रासबीन के पौधों को भी ओलों ने बुरी तरह पीट दिया है। बागवानों के लिए भी यह खबर किसी सदमे से कम नहीं है। जिला में आड़ू, प्लम और खुबानी जैसे फल तैयार होने की स्थिति में हैं, लेकिन भारी ओलावृष्टि ने इन फलों को नुकसान पहुंचाया है।
इसके अलावा मैदानी क्षेत्रों में स्ट्राॅबैरी और आम की फसल को भी तेज तूफान से काफी नुकसान पहुंचा है। सेब के बगीचों में भी सेटिंग के समय हुई इस ओलावृष्टि से भविष्य की पैदावार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सिरमौर का किसान और बागवान पूरी तरह टूट चुका है। स्थानीय लोगों हिम्मत सिंह, महेश कुमार, बलदेव सिंह आदि ने ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे करवाया जाए।
तेज तूफान से कई क्षेत्रों मे पेड़ गिरने की जानकारी भी मिली है। बोहलियों क्षेत्र में एक पेड़ नेशनल हाईवे चंडीगढ़-देहरादून पर गिर गया। इस दौरान एक गाड़ी चालक बाल-बाल बचा। समय रहते उसने गाड़ी रोक दी, अन्यथा पेड़ गाड़ी पर गिरता। शीशपाल सैनी ने बताया कि वह अपनी बेटी को नीट की परीक्षा दिलवाने के लिए नाहन जा रहे थे। इसी बीच बोहलियों के समीप तेज तूफान से अचानक एक पेड़ हाईवे पर गिरने लगा। उन्होंने तुरंत गाड़ी रोक दी। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, नाहन के चिडांवाली, नाहन-कुम्हारहट़टी नेशनल हाईवे पर भी पेड़ गिरने की जानकारी मिली है।
संवाद

सिरमौर के धौलाकुआं में स्ट्राबेरी की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद

सिरमौर के धौलाकुआं में स्ट्राबेरी की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद

सिरमौर के धौलाकुआं में स्ट्राबेरी की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद

सिरमौर के धौलाकुआं में स्ट्राबेरी की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद

सिरमौर के धौलाकुआं में स्ट्राबेरी की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद

सिरमौर के धौलाकुआं में स्ट्राबेरी की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद
