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Sirmour News: मृतक परिचालक के परिजनों को मिलेगा 59.69 लाख मुआवजा, बीमा कंपनी करेगी भुगतान
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साल 2019 को संगड़ाह थाना का मामला, सामान ले जाते समय ट्रक दुर्घटना में सुरेंद्र सहित चालक की हो गई थी मौत
परिजनों ने मुआवजे के लिए एमएसीटी में लगाई थी गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सरकारी कर्मी के परिजनों को मुआवजा देने का आदेश दिया है। पीठासीन अधिकारी गौरव महाजन ने चंडीगढ़ स्थित नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (बीमा कंपनी) को 59,69,200 की राशि 7.5 प्रतिशत ब्याज सहित प्रति वर्ष की दर से अदा करने के निर्देश दिए हैं। मृतक सुरेंद्र कुमार एचआरटीसी में बतौर परिचालक सेवाएं दे रहे थे और परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
यह मामला संगड़ाह पुलिस थाना में पंजीकृत है। 3 जनवरी 2019 को सुरेंद्र कुमार एक ट्रक (टिपर) में सफर कर रहे थे। इसमें उनका समान लोड था। शाम करीब 7:45 बजे रेणुका जी, पटियारा माइना के पास ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गया। हादसे में सुरेंद्र और चालक बलबीर सिंह की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने चालक के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया। मृतक की पत्नी ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में गुहार लगाई। प्रतिवादी पक्ष ने दलील दी कि मृतक चालक शराब के नशे में था। न्यायाधिकरण ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि हादसे के समय वाहन बीमित था। इसी आधार पर शीला देवी को 40 प्रतिशत और दो नाबालिग बच्चों और मां दुर्गा देवी को 20:20:20 प्रतिशत मुआवजा देने का आदेश पारित किया गया। आदेश में कहा गया कि बीमा कंपनी 30 दिनों के भीतर याचिका दायर करने की तारीख से पूरी राशि मिलने तक मुआवजे की राशि जमा कराए। न्यायाधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि नाबालिग बच्चे की राशि किसी राष्ट्रीय बैंक में एफडीआर के रूप में जमा रहेगी। उसके बालिग होने पर उसे यह राशि दी जाएगी।
परिजनों ने मुआवजे के लिए एमएसीटी में लगाई थी गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सरकारी कर्मी के परिजनों को मुआवजा देने का आदेश दिया है। पीठासीन अधिकारी गौरव महाजन ने चंडीगढ़ स्थित नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (बीमा कंपनी) को 59,69,200 की राशि 7.5 प्रतिशत ब्याज सहित प्रति वर्ष की दर से अदा करने के निर्देश दिए हैं। मृतक सुरेंद्र कुमार एचआरटीसी में बतौर परिचालक सेवाएं दे रहे थे और परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
यह मामला संगड़ाह पुलिस थाना में पंजीकृत है। 3 जनवरी 2019 को सुरेंद्र कुमार एक ट्रक (टिपर) में सफर कर रहे थे। इसमें उनका समान लोड था। शाम करीब 7:45 बजे रेणुका जी, पटियारा माइना के पास ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गया। हादसे में सुरेंद्र और चालक बलबीर सिंह की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने चालक के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया। मृतक की पत्नी ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में गुहार लगाई। प्रतिवादी पक्ष ने दलील दी कि मृतक चालक शराब के नशे में था। न्यायाधिकरण ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि हादसे के समय वाहन बीमित था। इसी आधार पर शीला देवी को 40 प्रतिशत और दो नाबालिग बच्चों और मां दुर्गा देवी को 20:20:20 प्रतिशत मुआवजा देने का आदेश पारित किया गया। आदेश में कहा गया कि बीमा कंपनी 30 दिनों के भीतर याचिका दायर करने की तारीख से पूरी राशि मिलने तक मुआवजे की राशि जमा कराए। न्यायाधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि नाबालिग बच्चे की राशि किसी राष्ट्रीय बैंक में एफडीआर के रूप में जमा रहेगी। उसके बालिग होने पर उसे यह राशि दी जाएगी।
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