{"_id":"6a3292795827953e000ebfae","slug":"cultural-news-sirmour-nahan-news-c-177-1-nhn1002-181204-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: कुरुड स्थापना के साथ शांत महायज्ञ संपन्न, हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: कुरुड स्थापना के साथ शांत महायज्ञ संपन्न, हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी
विज्ञापन
धनला स्थित शिरगुल-बिजट महाराज मंदिर में आयोजित विशाल शांत महायज्ञ में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शिरगुल और बिजट महाराज एक ही मंदिर में विराजमान, दर्शन करने के लिए लगी रहीं श्रद्धालुओं की कतारें
दिनभर चलता रहा अटूट भंडारा
एसडीएम बोले-आस्था, अनुशासन और जनसहभागिता का अद्भुत उदाहरण बना आयोजन
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पुरुवाला (सिरमौर)। आंजभोज क्षेत्र के धनला स्थित शिरगुल-बिजट महाराज मंदिर में विशाल शांत महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन बुधवार को कुरुड स्थापना के ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुआ। इस अलौकिक और दुर्लभ क्षण का साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से धनला पहुंचे। महाराज के पवित्र कुरुड को तैयार कर ठूंडू बिरादरी के सुरक्षा कवच और कड़े पहरे में रखा गया। बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच इसे मंदिर शिखर पर स्थापित किया गया। कुरुड निर्माण कार्य से जुड़े वरिष्ठ कारीगर सुखराम और बलबीर ने बताया कि कुरुड तैयार करना केवल शिल्पकला नहीं, बल्कि एक तपस्या है। निर्माण के दौरान उन्हें उपवास रखना पड़ता है और महाराज की आज्ञा मिलने तक भोजन ग्रहण नहीं किया जाता।
सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। दिनभर अटूट भंडारे का आयोजन चलता रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समूचे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। समारोह में मौजूद एसडीएम पांवटा द्विज गोयल ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन वास्तव में एक शांत महायज्ञ साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि बीते दिन लगभग 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि समापन अवसर पर 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
मंदिर समिति अध्यक्ष हिरदा राम ठूंडू, देवराज नेगी, संतराम ठूंडू, राजेंद्र नेगी समेत क्षेत्रवासियों और सेवादारों की गहरी आस्था तथा समर्पण के कारण इतनी विशाल व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो सकी। विशेष बात यह रही कि पूरे आयोजन के दौरान किसी प्रकार की चोरी, अपराध या भगदड़ की घटना सामने नहीं आई और न ही अतिरिक्त पुलिस बल या विशेष सुरक्षा फोर्स की आवश्यकता पड़ी। श्रद्धालुओं ने अनुशासन और श्रद्धा का परिचय देते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
विज्ञापन
धनला स्थित इकलौता मंदिर माना जाता है, जहां दो भाई शिरगुल और बिजट महाराज एक ही मंदिर में विराजमान हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, यातायात, पार्किंग, शौचालय और सुरक्षा संबंधी व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं।
दिनभर चलता रहा अटूट भंडारा
एसडीएम बोले-आस्था, अनुशासन और जनसहभागिता का अद्भुत उदाहरण बना आयोजन
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पुरुवाला (सिरमौर)। आंजभोज क्षेत्र के धनला स्थित शिरगुल-बिजट महाराज मंदिर में विशाल शांत महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन बुधवार को कुरुड स्थापना के ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुआ। इस अलौकिक और दुर्लभ क्षण का साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से धनला पहुंचे। महाराज के पवित्र कुरुड को तैयार कर ठूंडू बिरादरी के सुरक्षा कवच और कड़े पहरे में रखा गया। बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच इसे मंदिर शिखर पर स्थापित किया गया। कुरुड निर्माण कार्य से जुड़े वरिष्ठ कारीगर सुखराम और बलबीर ने बताया कि कुरुड तैयार करना केवल शिल्पकला नहीं, बल्कि एक तपस्या है। निर्माण के दौरान उन्हें उपवास रखना पड़ता है और महाराज की आज्ञा मिलने तक भोजन ग्रहण नहीं किया जाता।
सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। दिनभर अटूट भंडारे का आयोजन चलता रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समूचे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। समारोह में मौजूद एसडीएम पांवटा द्विज गोयल ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन वास्तव में एक शांत महायज्ञ साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि बीते दिन लगभग 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि समापन अवसर पर 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर समिति अध्यक्ष हिरदा राम ठूंडू, देवराज नेगी, संतराम ठूंडू, राजेंद्र नेगी समेत क्षेत्रवासियों और सेवादारों की गहरी आस्था तथा समर्पण के कारण इतनी विशाल व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो सकी। विशेष बात यह रही कि पूरे आयोजन के दौरान किसी प्रकार की चोरी, अपराध या भगदड़ की घटना सामने नहीं आई और न ही अतिरिक्त पुलिस बल या विशेष सुरक्षा फोर्स की आवश्यकता पड़ी। श्रद्धालुओं ने अनुशासन और श्रद्धा का परिचय देते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
धनला स्थित इकलौता मंदिर माना जाता है, जहां दो भाई शिरगुल और बिजट महाराज एक ही मंदिर में विराजमान हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, यातायात, पार्किंग, शौचालय और सुरक्षा संबंधी व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं।

धनला स्थित शिरगुल-बिजट महाराज मंदिर में आयोजित विशाल शांत महायज्ञ में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़।