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Sirmour News: टमाटर की पछेती फसल पर कीटों का कहर, भारी बारिश से दवाइयां भी बेअसर
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शिलाई क्षेत्र के कफोटा में रोग से प्रभावित टमाटर की सफल। संवाद
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सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
कफोटा (सिरमौर)। सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में इस बार टमाटर की पछेती फसल पर संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं। कफोटा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच कीटों और फंगस के भीषण हमले ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
आलम यह है कि खेतों में खड़ी टमाटर की हरी-भरी फसल को कीट तेजी से नष्ट कर रहे हैं और बारिश के कारण छिड़की जा रही महंगी कीटनाशक दवाइयां भी धुल जा रही हैं। दवाओं का असर न होने से खेतों में कीट और फंगस तेजी से पनप रहे हैं, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों किसान बेहद परेशान और निराश हैं।
कफोटा के आसपास मस्तभोज क्षेत्र की पांच पंचायतों-शिल्ला, दुगाना, कोटा पाब, टिटियाना, ठोंठा जाखल और कांटी मश्वा में बरसाती टमाटर बड़े पैमाने पर उगाया जाता है। इसके साथ ही शिलाई विकासखंड की भी एक दर्जन से अधिक पंचायतों में इन दिनों बरसाती टमाटर की पछेती फसल खेतों में लगी हुई है। अगेती फसल के मुकाबले पछेती फसल से किसानों को अमूमन बाजार में बहुत अच्छे दाम मिलते हैं और भारी लाभ होता है।
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इसी मुनाफे की उम्मीद में इस बार भी ज्यादातर किसानों ने पछेती फसल लगाई थी, लेकिन अत्यधिक बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसानों का कहना है कि टमाटर के पौधों में जड़ों से लेकर पत्तों तक सूंडी और अन्य घातक कीटों ने हमला बोल दिया है। एक तरफ जहां अत्यधिक नमी के कारण फंगस फसल को अंदर ही अंदर सड़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कीटों का प्रकोप इसे पूरी तरह बर्बाद करने पर आमादा है। बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है, जिसके चलते जब भी किसान खेतों में कीटनाशक का छिड़काव करते हैं, वह कुछ ही देर में धुल जाता है। दवा का असर खत्म होते ही ये कीट दोगुनी रफ्तार से पनप रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं के प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल ने बताया यह वायरल संक्रमण है, जो बरसात के मौसम में सब्जी वाले पौधों में लग जाता है। इस पर हिमिडा कोलोरोमिड दवा का छिड़काव करें।-- -- -- -- -- --
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संवाद न्यूज एजेंसी
कफोटा (सिरमौर)। सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में इस बार टमाटर की पछेती फसल पर संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं। कफोटा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच कीटों और फंगस के भीषण हमले ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
आलम यह है कि खेतों में खड़ी टमाटर की हरी-भरी फसल को कीट तेजी से नष्ट कर रहे हैं और बारिश के कारण छिड़की जा रही महंगी कीटनाशक दवाइयां भी धुल जा रही हैं। दवाओं का असर न होने से खेतों में कीट और फंगस तेजी से पनप रहे हैं, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों किसान बेहद परेशान और निराश हैं।
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कफोटा के आसपास मस्तभोज क्षेत्र की पांच पंचायतों-शिल्ला, दुगाना, कोटा पाब, टिटियाना, ठोंठा जाखल और कांटी मश्वा में बरसाती टमाटर बड़े पैमाने पर उगाया जाता है। इसके साथ ही शिलाई विकासखंड की भी एक दर्जन से अधिक पंचायतों में इन दिनों बरसाती टमाटर की पछेती फसल खेतों में लगी हुई है। अगेती फसल के मुकाबले पछेती फसल से किसानों को अमूमन बाजार में बहुत अच्छे दाम मिलते हैं और भारी लाभ होता है।
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इसी मुनाफे की उम्मीद में इस बार भी ज्यादातर किसानों ने पछेती फसल लगाई थी, लेकिन अत्यधिक बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसानों का कहना है कि टमाटर के पौधों में जड़ों से लेकर पत्तों तक सूंडी और अन्य घातक कीटों ने हमला बोल दिया है। एक तरफ जहां अत्यधिक नमी के कारण फंगस फसल को अंदर ही अंदर सड़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कीटों का प्रकोप इसे पूरी तरह बर्बाद करने पर आमादा है। बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है, जिसके चलते जब भी किसान खेतों में कीटनाशक का छिड़काव करते हैं, वह कुछ ही देर में धुल जाता है। दवा का असर खत्म होते ही ये कीट दोगुनी रफ्तार से पनप रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं के प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल ने बताया यह वायरल संक्रमण है, जो बरसात के मौसम में सब्जी वाले पौधों में लग जाता है। इस पर हिमिडा कोलोरोमिड दवा का छिड़काव करें।