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Sirmour News: केसीसी ऋण नहीं चुकाने पर महिला को 1.55 लाख रुपये लौटाने के आदेश
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केसीसी ऋण नहीं चुकाने पर महिला
को 1.55 लाख रुपये लौटाने के आदेश
50,000 का केसीसी ऋण बढ़कर 1.55 लाख से अधिक हुआ बकाया, अदालत ने बैंक के पक्ष में सुनाया फैसला
साल 2012 को तहसील ददाहू की पीएनबी पराड़ा शाखा का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण वसूली मामले में बड़ी कानूनी सफलता मिली है। सिविल न्यायालय ने बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए एक महिला उधारकर्ता को 1,55,747 रुपये की बकाया राशि चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने इस राशि पर एक अप्रैल 2024 से अदायगी तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।
यह मामला साल 2012 को तहसील ददाहू की पराड़ा शाखा का मामला है। पच्छाद निवासी नीमा देवी ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया था। बैंक का कहना था कि ऋण स्वीकृति के समय तय शर्तों के अनुरूप भुगतान नहीं किया गया और खाता लंबे समय तक अनियमित बना रहा। बैंक ने कई बार बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किए। इसके बावजूद ऋण का भुगतान नहीं किया गया। बैंक की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों में यह भी सामने आया कि उधारकर्ता ने विभिन्न अवसरों पर अपने बकाया दायित्व को स्वीकार किया था, लेकिन राशि जमा नहीं कराई।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी अदालत में उपस्थित नहीं हुई। लगातार अनुपस्थिति के चलते अदालत ने मामले की सुनवाई एकपक्षीय रूप से की। बैंक की ओर से प्रस्तुत ऋण दस्तावेज, खाते का विवरण, कानूनी नोटिस और अन्य रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया गया। अब सिविल न्यायाधीश ने उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर बैंक के दावे को सही माना। अदालत ने फैसले में कहा कि बैंक बकाया राशि की वसूली का अधिकार रखता है। इसके साथ ही बैंक के पक्ष में डिक्री पारित करते हुए प्रतिवादी को मूल बकाया राशि और निर्धारित ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।-- -- -- -- -- -
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केसीसी ऋण नहीं चुकाने पर महिला
को 1.55 लाख रुपये लौटाने के आदेश
50,000 का केसीसी ऋण बढ़कर 1.55 लाख से अधिक हुआ बकाया, अदालत ने बैंक के पक्ष में सुनाया फैसला
साल 2012 को तहसील ददाहू की पीएनबी पराड़ा शाखा का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण वसूली मामले में बड़ी कानूनी सफलता मिली है। सिविल न्यायालय ने बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए एक महिला उधारकर्ता को 1,55,747 रुपये की बकाया राशि चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने इस राशि पर एक अप्रैल 2024 से अदायगी तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।
यह मामला साल 2012 को तहसील ददाहू की पराड़ा शाखा का मामला है। पच्छाद निवासी नीमा देवी ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया था। बैंक का कहना था कि ऋण स्वीकृति के समय तय शर्तों के अनुरूप भुगतान नहीं किया गया और खाता लंबे समय तक अनियमित बना रहा। बैंक ने कई बार बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किए। इसके बावजूद ऋण का भुगतान नहीं किया गया। बैंक की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों में यह भी सामने आया कि उधारकर्ता ने विभिन्न अवसरों पर अपने बकाया दायित्व को स्वीकार किया था, लेकिन राशि जमा नहीं कराई।
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मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी अदालत में उपस्थित नहीं हुई। लगातार अनुपस्थिति के चलते अदालत ने मामले की सुनवाई एकपक्षीय रूप से की। बैंक की ओर से प्रस्तुत ऋण दस्तावेज, खाते का विवरण, कानूनी नोटिस और अन्य रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया गया। अब सिविल न्यायाधीश ने उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर बैंक के दावे को सही माना। अदालत ने फैसले में कहा कि बैंक बकाया राशि की वसूली का अधिकार रखता है। इसके साथ ही बैंक के पक्ष में डिक्री पारित करते हुए प्रतिवादी को मूल बकाया राशि और निर्धारित ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
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