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Sirmour News: शहीद लोबगा के सम्मान में निकाली जा रही पांवटा साहिब से धर्मशाला तक साइकिल रैली
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युवा तिब्बती संगठन की वीरवार को पांवटा साहिब से धर्मशाला तक शांतिपूर्ण साइकिल रैली शुरू। संवाद
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लोबगा रंगज़ेन ने 2 जुलाई को न्यूयॉर्क संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने किया था आत्मदाह
चीन के कथित जातीय एकता कानून का विरोध में आयोजन किया जा रहा है : नवांग पेलजोर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। शहीद लोबगा रंगज़ेन के सम्मान और चीन के कथित जातीय एकता कानून के विरोध में पांवटा साहिब से धर्मशाला तक साइकिल रैली वीरवार को शुरू हुई। लोबगा रंगज़ेन ने विगत 2 जुलाई को न्यूयॉर्क संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने आत्मदाह किया था। लोबगा का यह अंतिम कदम तिब्बती लोगों के सामने लंबे समय से मौजूद चुनौतियों और समस्याओं की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने का एक प्रयास था। क्षेत्रीय तिब्बती युवा कांग्रेस पांवटा साहिब ने 13 से 20 अगस्त 2026 तक एक शांतिपूर्ण साइकिल रैली का आयोजन किया जा रहा है।
क्षेत्रीय तिब्बती युवा कांग्रेस भूपपुर पांवटा साहिब के अध्यक्ष नवांग पेलजोर और नवांग तेनपा ने कहा कि शहीद लोबगा रंगज़ेन की आकांक्षा के सम्मान में वीरवार से साइकिल रैली शुरू की गई है। साइकिल रैली में नामग्याल, जाम्पा येशी, नवांग पेलजोर, वांग्याल, कर्मा टाशी, यारफेल, नामग्याल टाशी, छेरिंग तेनज़िन, तेनज़िन छेरिंग व नवांग तेनपा शामिल है। रैली पांवटा साहिब से शुरू होकर धर्मशाला तक निकाली जा रही है। शहीद लोबगा रंगज़ेन ने 2 जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने आत्मदाह किया था। चीन के तथाकथित जातीय एकता कानून का विरोध में आयोजन किया जा रहा है।
लोबगा की शहादत तिब्बती लोगों के सामने लंबे समय से मौजूद चुनौतियों और समस्याओं की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने का एक प्रयास था। रैली के आयोजकों का मानना है कि यह कानून तिब्बती पहचान, भाषा, संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता के संरक्षण के लिए गंभीर खतरा है।
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शांतिपूर्ण साइकिल रैली सुबह सात बजे पांवटा चोलसुम तिब्बती बस्ती से शुरू होकर कालाअंब, चंडीगढ़, कीरतपुर साहिब, ऊना, अंब, बरवाड़ा और कांगड़ा होते हुए धर्मशाला में समाप्त होगी। रैली का उद्देश्य शहीद लोबगा रंगज़ेन की आकांक्षा और बलिदान को सम्मान देना तथा चीन के तथाकथित जातीय एकता कानून का कड़ा विरोध व लोगों में जागरूकता फैलाना चाहते हैं।
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रैली में शामिल युवाओं की ये है प्रमुख मांगें
-युवाओं ने चीन की सरकार, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने ये प्रमुख मांगें रखी है। इसमें संयुक्त राष्ट्र से लोबगा रंगज़ेन के जीवन बलिदान पर गंभीर मानवाधिकार स्थिति और उन परिस्थितियों को लेकर सार्थक एवं औपचारिक प्रतिक्रिया मांगी है। आत्मदाह के लिए मजबूर किए गए तिब्बतियों के प्रति जवाबदेही, तथाकथित जातीय एकता और प्रगति कानून को रद्द करने के साथ मित्र देश भारत सरकार और भारत की जनता के प्रति तहे दिल से आभार व्यक्त किया जा रहा है।-- -- -- -- -
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चीन के कथित जातीय एकता कानून का विरोध में आयोजन किया जा रहा है : नवांग पेलजोर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। शहीद लोबगा रंगज़ेन के सम्मान और चीन के कथित जातीय एकता कानून के विरोध में पांवटा साहिब से धर्मशाला तक साइकिल रैली वीरवार को शुरू हुई। लोबगा रंगज़ेन ने विगत 2 जुलाई को न्यूयॉर्क संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने आत्मदाह किया था। लोबगा का यह अंतिम कदम तिब्बती लोगों के सामने लंबे समय से मौजूद चुनौतियों और समस्याओं की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने का एक प्रयास था। क्षेत्रीय तिब्बती युवा कांग्रेस पांवटा साहिब ने 13 से 20 अगस्त 2026 तक एक शांतिपूर्ण साइकिल रैली का आयोजन किया जा रहा है।
क्षेत्रीय तिब्बती युवा कांग्रेस भूपपुर पांवटा साहिब के अध्यक्ष नवांग पेलजोर और नवांग तेनपा ने कहा कि शहीद लोबगा रंगज़ेन की आकांक्षा के सम्मान में वीरवार से साइकिल रैली शुरू की गई है। साइकिल रैली में नामग्याल, जाम्पा येशी, नवांग पेलजोर, वांग्याल, कर्मा टाशी, यारफेल, नामग्याल टाशी, छेरिंग तेनज़िन, तेनज़िन छेरिंग व नवांग तेनपा शामिल है। रैली पांवटा साहिब से शुरू होकर धर्मशाला तक निकाली जा रही है। शहीद लोबगा रंगज़ेन ने 2 जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने आत्मदाह किया था। चीन के तथाकथित जातीय एकता कानून का विरोध में आयोजन किया जा रहा है।
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लोबगा की शहादत तिब्बती लोगों के सामने लंबे समय से मौजूद चुनौतियों और समस्याओं की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने का एक प्रयास था। रैली के आयोजकों का मानना है कि यह कानून तिब्बती पहचान, भाषा, संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता के संरक्षण के लिए गंभीर खतरा है।
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शांतिपूर्ण साइकिल रैली सुबह सात बजे पांवटा चोलसुम तिब्बती बस्ती से शुरू होकर कालाअंब, चंडीगढ़, कीरतपुर साहिब, ऊना, अंब, बरवाड़ा और कांगड़ा होते हुए धर्मशाला में समाप्त होगी। रैली का उद्देश्य शहीद लोबगा रंगज़ेन की आकांक्षा और बलिदान को सम्मान देना तथा चीन के तथाकथित जातीय एकता कानून का कड़ा विरोध व लोगों में जागरूकता फैलाना चाहते हैं।
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रैली में शामिल युवाओं की ये है प्रमुख मांगें
-युवाओं ने चीन की सरकार, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने ये प्रमुख मांगें रखी है। इसमें संयुक्त राष्ट्र से लोबगा रंगज़ेन के जीवन बलिदान पर गंभीर मानवाधिकार स्थिति और उन परिस्थितियों को लेकर सार्थक एवं औपचारिक प्रतिक्रिया मांगी है। आत्मदाह के लिए मजबूर किए गए तिब्बतियों के प्रति जवाबदेही, तथाकथित जातीय एकता और प्रगति कानून को रद्द करने के साथ मित्र देश भारत सरकार और भारत की जनता के प्रति तहे दिल से आभार व्यक्त किया जा रहा है।

युवा तिब्बती संगठन की वीरवार को पांवटा साहिब से धर्मशाला तक शांतिपूर्ण साइकिल रैली शुरू। संवाद