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Sirmour News: सिरमौर की बेटियां फैशन डिजाइनिंग में बुन रहीं आत्मनिर्भरता का ताना-बाना
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ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की 32 युवतियां सीख रहीं आधुनिक सिलाई के गुर
संवाद न्यूज़ एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले की महिलाओं और बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक शानदार पहल की गई है। सिरमौर की बेटियां फैशन डिजाइनिंग में आत्मनिर्भरता का ताना-बाना बुन कर अपना भविष्य संवार रही हैं। जिला मुख्यालय नाहन में यूको आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) की ओर से विशेष महिला टेलरिंग व फैशन डिजाइनिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शंखनाद कर दिया गया है। राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद की ओर से प्रमाणित इस 31 दिवसीय विशेष कोर्स के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई के क्षेत्र में प्रोफेशनल बनाकर सीधे स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
इस अभियान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क है। महिलाओं के लिए संस्थान परिसर में ही रहने (आवास) और भोजन की व्यवस्था भी पूरी तरह मुफ्त की गई है, ताकि धन का अभाव किसी भी महिला के हुनर को निखारने में बाधा न बन सके।
संस्थान की निदेशक नवजोत कौर ने बताया कि इस विशेष शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं 32 महिलाएं उत्साह के साथ टेलरिंग का प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न सिर्फ सिलाई सिखाई जा रही है, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाने के लिए व्यवसाय से जुड़े सभी उपयोगी गुर और वित्तीय साक्षरता की जानकारी भी दी जा रही है।
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शिविर के दौरान मुख्य प्रशिक्षिका मंजीता की ओर से महिलाओं को आधुनिक दौर की मांग के अनुसार तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से ट्रेंडी कुर्ती, सलवार, बुटीक स्टाइल ब्लाउज और पेटीकोट बनाने के पेशेवर तरीके और आधुनिक फैशन डिजाइनिंग के तहत कपड़ों की एडवांस कटिंग और फिनिशिंग सिखाई जा रही है। इसके अलावा कपड़ों की प्रेसिंग, डिजाइनिंग और बाजार की मांग के अनुरूप व्यावसायिक बारीकियां भी समझाई जा रही हैं।
संवाद न्यूज़ एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले की महिलाओं और बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक शानदार पहल की गई है। सिरमौर की बेटियां फैशन डिजाइनिंग में आत्मनिर्भरता का ताना-बाना बुन कर अपना भविष्य संवार रही हैं। जिला मुख्यालय नाहन में यूको आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) की ओर से विशेष महिला टेलरिंग व फैशन डिजाइनिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शंखनाद कर दिया गया है। राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद की ओर से प्रमाणित इस 31 दिवसीय विशेष कोर्स के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई के क्षेत्र में प्रोफेशनल बनाकर सीधे स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
इस अभियान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क है। महिलाओं के लिए संस्थान परिसर में ही रहने (आवास) और भोजन की व्यवस्था भी पूरी तरह मुफ्त की गई है, ताकि धन का अभाव किसी भी महिला के हुनर को निखारने में बाधा न बन सके।
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संस्थान की निदेशक नवजोत कौर ने बताया कि इस विशेष शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं 32 महिलाएं उत्साह के साथ टेलरिंग का प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न सिर्फ सिलाई सिखाई जा रही है, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाने के लिए व्यवसाय से जुड़े सभी उपयोगी गुर और वित्तीय साक्षरता की जानकारी भी दी जा रही है।
शिविर के दौरान मुख्य प्रशिक्षिका मंजीता की ओर से महिलाओं को आधुनिक दौर की मांग के अनुसार तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से ट्रेंडी कुर्ती, सलवार, बुटीक स्टाइल ब्लाउज और पेटीकोट बनाने के पेशेवर तरीके और आधुनिक फैशन डिजाइनिंग के तहत कपड़ों की एडवांस कटिंग और फिनिशिंग सिखाई जा रही है। इसके अलावा कपड़ों की प्रेसिंग, डिजाइनिंग और बाजार की मांग के अनुरूप व्यावसायिक बारीकियां भी समझाई जा रही हैं।