सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Big relief for ESI beneficiaries: Super specialty treatment available from the first day of registration

ईएसआई लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत: पंजीकरण के पहले दिन से मिल सकेगा सुपर स्पेशलिटी उपचार

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2026 01:26 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा साहिब के सलाहकार देवव्रत यादव ने दी जानकारी
Trending Videos

कहा- कामगार पंजीकृत होने के साथ ही हो जाता है अति विशिष्ट उपचार के लिए अधिकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) में पंजीकृत कामगारों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा साहिब के सलाहकार देवव्रत यादव ने स्पष्ट किया है कि ईएसआई के विशेष प्रावधान के तहत अब बीमित व्यक्ति पंजीकरण के पहले दिन से ही अति विशिष्ट उपचार (सुपर स्पेशलिटी) का लाभ उठा सकता है। बशर्ते, पंजीकरण से पहले वह उस गंभीर बीमारी से ग्रसित न हो। आमतौर पर ईएसआई के तहत सुपर स्पेशलिटी उपचार के लिए कम से कम 6 माह की सेवा और 78 दिनों का अंशदान अनिवार्य होता है। देवव्रत यादव ने बताया कि जब तक इस विषय पर माननीय उच्चतम न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक ईएसआई प्रत्येक मामले की अलग से जांच कर यह सुविधा प्रदान कर रहा है। इसके तहत बीमित व्यक्ति और उसके परिजन निगम के अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और टाइअप निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवा सकते हैं।

आपात स्थिति में निजी अस्पताल और एंबुलेंस की सुविधा
यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आपातकालीन स्थिति में किसी भी निजी अस्पताल में उपचार करवाया जा सकता है, जिसकी प्रतिपूर्ति दरों पर की जाएगी। इसके अलावा, मरीजों के लिए एंबुलेंस को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रावधान साझा किए गए। यदि अस्पताल से मरीज को रेफर किया जाता है और वह चलने की स्थिति में नहीं है, तो वह एम्बुलेंस का हकदार है। यदि अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध न हो, तो डॉक्टर से कागजों पर लिखवाकर प्राइवेट टैक्सी ली जा सकती है। इस टैक्सी का खर्च सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ईएसआई की ओर से वहन किया जाएगा। आपात स्थिति में किसी भी निजी अस्पताल में करा सकेंगे इलाज, सीजीएचएस दरों पर होगा भुगतान।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
बीमित व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। यदि संस्थान एंबुलेंस देने में असमर्थता जताता है, तो रेफरल पर्ची पर इसकी पुष्टि करवाकर निजी वाहन का उपयोग करें, विभाग इसका भुगतान करेगा।
-देवव्रत यादव, सलाहकार, चैंबर ऑफ कॉमर्स
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed