{"_id":"6a6de8ab49ae6c7aee0707a5","slug":"driver-writhed-in-agony-inside-the-cabin-rescue-team-arrived-after-two-and-a-half-hours-solan-news-c-176-1-ssml1040-175444-2026-08-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Solan News: केबिन में तड़पता रहा चालक, ढाई घंटे बाद पहुंचा रेस्क्यू दल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: केबिन में तड़पता रहा चालक, ढाई घंटे बाद पहुंचा रेस्क्यू दल
Sat, 01 Aug 2026 11:07 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरोटीवाला (सोलन)।
संवाद न्यूज एजेंसी, बरोटीवाला (सोलन)।
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:07 PM IST
सार
सोलन के बरोटीवाला में ट्रक हादसे के बाद चालक करीब ढाई घंटे तक केबिन में फंसा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थानीय लोगों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन हाइड्रोलिक उपकरण न होने से सफलता नहीं मिली। घटना के बाद प्रभावी रेस्क्यू में हुई देरी पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से जांच कराने और आपातकालीन राहत व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है।
विज्ञापन
फैक्ट्री के भवन में घुसे सरिये से भरे ट्राला को हाइड्रा से हटाते हुए। संवाद
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बद्दी-बरोटीवाला सड़क पर सिक्का होटल चौक के पास शनिवार सुबह भीषण हादसे में ट्राला चालक की मौत हो गई है। इस हादसे ने आपदा एवं राहत-बचाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ब्रेक फेल होने के बाद अनियंत्रित हुआ ट्राला उद्योग विभाग की इमारत में जा घुसा और चालक बुरी तरह क्षतिग्रस्त केबिन में फंस गया।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक करीब ढाई घंटे तक मदद के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन समय पर प्रभावी रेस्क्यू नहीं मिल सका। आसपास के लोगों ने अपने स्तर पर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन जरूरी हाइड्रोलिक उपकरण और प्रशिक्षित बचाव दल के अभाव में सफलता नहीं मिली। बाद में राहत दल के पहुंचने और हाइड्रा की मदद से ट्राले को बाहर निकालने तक चालक की मौत हो चुकी थी। चालक की पहचान कुविंदर सिंह पुत्र दर्शन सिंह निवासी लुधियाना के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। उनके पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हादसा सुबह करीब आठ बजे हुआ। पुलिस के अनुसार पीबी 11 एएस 9695 नंबर का ट्राला कांटा करवाने के लिए सिक्का होटल की ओर जा रहा था। सिक्का होटल की उतराई पर पहुंचते ही ट्राला अनियंत्रित हो गया। इसके बाद वह उद्योग विभाग के कार्यालय की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसा और दूसरी दीवार से टकरा गया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्राले का अगला हिस्सा और केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक केबिन के अंदर ही फंस गया। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण वे उसे बाहर नहीं निकाल सके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक लंबे समय तक केबिन में फंसा रहा और मदद के लिए आवाज लगाता रहा। लोगों का कहना है कि यदि समय पर हाइड्रोलिक रेस्क्यू उपकरण और प्रशिक्षित बचाव दल मौके पर पहुंच जाता तो चालक को समय रहते बाहर निकालने का प्रयास किया जा सकता था।
पुलिस कर रही जांच
शुरुआती जांच में ट्राले में तकनीकी खराबी के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। पुलिस हादसे के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। -अशोक वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
शुरुआती जांच में ट्राले में तकनीकी खराबी के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। पुलिस हादसे के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। -अशोक वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
प्रशासन को सूचना मिलती तो भेजते मदद
प्रशासन को हादसे की सूचना नहीं दी गई थी। यदि समय पर सूचना मिलती तो रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा जाता। प्रशासन के ग्रुप में पहले ही निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हादसे की सूचना सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाला विभाग तत्काल साझा करे। इसके बावजूद इस मामले में सूचना नहीं दी गई। मामले की जांच की जाएगी। -संजीव धीमान, एसडीएम बद्दी
प्रशासन को हादसे की सूचना नहीं दी गई थी। यदि समय पर सूचना मिलती तो रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा जाता। प्रशासन के ग्रुप में पहले ही निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हादसे की सूचना सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाला विभाग तत्काल साझा करे। इसके बावजूद इस मामले में सूचना नहीं दी गई। मामले की जांच की जाएगी। -संजीव धीमान, एसडीएम बद्दी
लोगों की व्यवस्था सुधारने की मांग
प्रत्यक्षदर्शियों ललित, सुभाष, अशोक, निशा और दीपा के मुताबिक हादसे के करीब ढाई घंटे बाद प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य शुरू हो सका। बाद में हाइड्रा की मदद से ट्राले को बाहर निकाला गया। चालक को जब तक बाहर निकाला गया, उसकी मौत हो चुकी थी। लोगों ने सवाल उठाया कि बद्दी जैसे औद्योगिक क्षेत्र में जहां भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां गंभीर सड़क हादसों से निपटने के लिए त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था क्यों नहीं है। उन्होंने प्रशासन से हादसे की जांच करवाने और यह पता लगाने की मांग की है कि राहत दल को मौके पर पहुंचने में देरी क्यों हुई। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं में घायलों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त हाइड्रोलिक उपकरण, चिकित्सा दल और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम तैनात करने की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ललित, सुभाष, अशोक, निशा और दीपा के मुताबिक हादसे के करीब ढाई घंटे बाद प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य शुरू हो सका। बाद में हाइड्रा की मदद से ट्राले को बाहर निकाला गया। चालक को जब तक बाहर निकाला गया, उसकी मौत हो चुकी थी। लोगों ने सवाल उठाया कि बद्दी जैसे औद्योगिक क्षेत्र में जहां भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां गंभीर सड़क हादसों से निपटने के लिए त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था क्यों नहीं है। उन्होंने प्रशासन से हादसे की जांच करवाने और यह पता लगाने की मांग की है कि राहत दल को मौके पर पहुंचने में देरी क्यों हुई। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं में घायलों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त हाइड्रोलिक उपकरण, चिकित्सा दल और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम तैनात करने की मांग की है।