{"_id":"6a71f756aeb0e93dab0cb87e","slug":"ngt-cracks-down-on-palasada-based-pharmaceutical-company-issues-notice-solan-news-c-176-1-ssml1044-175704-2026-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: पलासड़ा की दवा कंपनी पर एनजीटी सख्त, नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: पलासड़ा की दवा कंपनी पर एनजीटी सख्त, नोटिस जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
12 अक्तूबर को मांगा जवाब
याचिका स्वीकार कर अधिकरण ने मांगा जवाब, प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
तीन गांव में प्रदूषण फैलाने पर लिया कड़ा संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। पलासड़ा स्थित एक दवा कंपनी से कथित प्रदूषण के मामले में तीन गांवों के लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। पर्यावरण संबंधी शिकायत पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने याचिका स्वीकार करते हुए दवा कंपनी को नोटिस जारी किया है। अधिकरण ने कंपनी से 12 अक्तूबर तक जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार प्रशासन और विभागों की ओर से कार्रवाई और जवाबदेही तय नहीं होने के बाद उन्होंने एनजीटी का रुख किया। उन्होंने बताया कि 20 फरवरी को कंपनी से संबंधित एक टैंकर को कथित तौर पर औद्योगिक अपशिष्ट जल ले जाते हुए पकड़ा गया था। इस मामले में नालागढ़ थाने में एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि जांच किस स्तर पर है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि 27 मार्च को एसडीएम नालागढ़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रशासन ने भी कंपनी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने की बात स्वीकार की थी। बैठक में दुर्गंध, भूजल दोहन और पर्यावरण संबंधी शिकायतों पर चर्चा हुई। साथ ही कंपनी के मौजूदा एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की उत्पादन क्षमता को लेकर भी सवाल उठे थे। कई बोरवेल बिना आवश्यक अनुमति के संचालित किए जाने का मामला भी अधिकारियों के संज्ञान में आया था।
विज्ञापन
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नियमित निरीक्षण करने और कंपनी को उत्पादन सीमित करने समेत संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पसालड़ा, दतोवाल और नंगल गांव के लोगों की ओर से मामला एनजीटी में उठाया गया।
धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि याचिका पर 31 जुलाई को पहली सुनवाई हुई थी। कंपनी को जारी नोटिस मंगलवार को एनजीटी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड हुआ है। अब कंपनी को 12 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करना होगा।
विज्ञापन
याचिका स्वीकार कर अधिकरण ने मांगा जवाब, प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
तीन गांव में प्रदूषण फैलाने पर लिया कड़ा संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। पलासड़ा स्थित एक दवा कंपनी से कथित प्रदूषण के मामले में तीन गांवों के लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। पर्यावरण संबंधी शिकायत पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने याचिका स्वीकार करते हुए दवा कंपनी को नोटिस जारी किया है। अधिकरण ने कंपनी से 12 अक्तूबर तक जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार प्रशासन और विभागों की ओर से कार्रवाई और जवाबदेही तय नहीं होने के बाद उन्होंने एनजीटी का रुख किया। उन्होंने बताया कि 20 फरवरी को कंपनी से संबंधित एक टैंकर को कथित तौर पर औद्योगिक अपशिष्ट जल ले जाते हुए पकड़ा गया था। इस मामले में नालागढ़ थाने में एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि जांच किस स्तर पर है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि 27 मार्च को एसडीएम नालागढ़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रशासन ने भी कंपनी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने की बात स्वीकार की थी। बैठक में दुर्गंध, भूजल दोहन और पर्यावरण संबंधी शिकायतों पर चर्चा हुई। साथ ही कंपनी के मौजूदा एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की उत्पादन क्षमता को लेकर भी सवाल उठे थे। कई बोरवेल बिना आवश्यक अनुमति के संचालित किए जाने का मामला भी अधिकारियों के संज्ञान में आया था।
विज्ञापन
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नियमित निरीक्षण करने और कंपनी को उत्पादन सीमित करने समेत संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पसालड़ा, दतोवाल और नंगल गांव के लोगों की ओर से मामला एनजीटी में उठाया गया।
धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि याचिका पर 31 जुलाई को पहली सुनवाई हुई थी। कंपनी को जारी नोटिस मंगलवार को एनजीटी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड हुआ है। अब कंपनी को 12 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करना होगा।