Sirmour Bus Accident: फ्रंट सीट पर बैठा यात्री बोला- पाले पर फिसली बस, चालक ने की संभालने की कोशिश, लेकिन...
Sirmour Bus Accident: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में शुक्रवार को निजी बस सड़क हादसे का शिकार हो गई। बस के अंदर जो यात्री थे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला। वहीं, फ्रंट सीट पर बैठे यात्री ने पूरी घटना को बयां किया है। जानें विस्तार से...
विस्तार
बस पाले पर चढ़ते ही फिसल गई। चालक ने बचाव के लिए स्टीयरिंग घुमाया लेकिन बस खाई की ओर उतर गई। इसके बाद बस ने एक के बाद एक पांच बार पलटी। पलटी लगते ही बस में चीख-पुकार मच गई। यह कहना है बस की फ्रंट सीट पर बैठे राज का। राज क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में उपचार के लिए भर्ती हैं।
राज ने बताया कि वे शिमला से कुपवी जा रहे थे। हरिपुरधार से करीब 200 मीटर पहले बस अचानक पटल गई। सड़क पर पाला काफी जमा हुआ था। जैसे ही टायर पाले पर चढ़ा तो बस एक ओर मुड़ने लगी। ड्राइवर ने स्टीयरिंग घुमाया लेकिन बस खाई में गिर गई। थोड़ी देर में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। करीब 20 मिनट बाद राहत दल भी पहुंचा। उन्होंने यात्रियों को बस से निकलना शुरू किया। कुछ ही देर बाद हरिपुरधार क्षेत्र एंबुलेंस के सायरन से गूंजने लगा। जब तक प्रशासन का बचाव दल मौके पर पहुंचा तब तक लोग गंभीर हालत में एक-दूसरे पर गिरे रहे। घायल यात्री बचाव के लिए आवाज लगाते रहे। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद राहत बचाव कार्य में तेजी आई। एक के बाद एक सवारियों को हरिपुरधार अस्पताल ले जाया गया। यहां से घायलों को रेफर करना शुरू किया।
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शिमला से हरिपुरधार नानी के घर जा रही दिव्यांशी ने बताया कि बस में भीड़ थी। जैसे ही बस फिसलने लगी तो सभी लोग डर गए। इस दौरान बस खाई की तरफ खिसक गई। उसके बाद उन्हें पता नहीं चल पाया कि क्या हुआ।
हादसे के घायल ललित ने बताया कि बस के खाई की तरफ गिरते ही चीख-पुकार मच गई। बस पलटियां खाने लगी। इस दौरान कई लोग एक-दूसरे के नीचे दब गए। चीख- पुकार के बीच कई लोग मदद के लिए भी पुकारते रहे। बचाव दल के आने तक वहां मंजर भयावह बना रहा।
सोलन अस्पताल में भर्ती घायल विरमा ने कहा कि वह शिमला से हरिपुरधार अपने घर जा रही थीं। माघी के त्योहार के चलते बस में काफी भीड़ थी। इस दौरान जैसे ही बस गिरी उन्हें समझ नहीं आया कि वह क्या करे। आसपास के घायलों की हालत देखकर वह काफी डर गई थी। हालांकि, जब बचाव दल मौके पर पहुंचा तब तक उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि हुआ क्या है।
हरिपुरधार के आशीष ने बताया कि वे दो माह बाद घर जा रहे थे। शिमला से बस में बैठे थे कि शाम तक परिवार के पास पहुंच जाएंगे। उनके साथ कामकाज करेंगे। हरिपुरधार से 200 मीटर पहले ही बस पलट गई। जैसी बस गिरी तो समझ नहीं आया कि क्या हुआ। आंखों के सामने अंधेरा छा गया।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल घायलों का कुशल जानने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों को तुरंत उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों का खर्च सरकार वहन करेगी। मरीज को किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाए। उन्होंने घायलों से भी बातचीत की।
लोगों ने बताया कि बस की छत पर कई स्टेशनों से सवारियां बैठी थीं। हालांकि, जिस जगह बस पलटी वहां पर बस की छत पर कोई सवारी नहीं थी। सिरमौर में आगामी दिनों में माघी का त्योहार शुरू होना है। इसे लेकर क्षेत्र में चलने वाली बसों में यही हालात हैं।
हादसे के दौरान बस मालिक प्रताप सिंह पुत्र जीत सिंह निवासी बोरा, कुपवी के बेटा राहुल व बेटी आस्था, भतीजी रियांशी भी सवार थे। इसमें रियांशी (9) पुत्री दिलावर की मौत हो गई जबकि परिवार के ही 4 साल के मासूम क्यान की भी मौत हो गई है। हालांकि क्यान की मां को चोटें आई हैं।