सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   The agitation of villagers in Sanghoi Dhar ended after 125 days.

Solan News: संघोई धार में 125 दिन बाद थमा ग्रामीणों का आंदोलन

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 12:15 AM IST
विज्ञापन
The agitation of villagers in Sanghoi Dhar ended after 125 days.
संघोई धार में जूस पिलाकर आंदोलन स्थगित करते जनप्रतिनिधि।
विज्ञापन
पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को जूस पिलाकर किया आंदोलन किया स्थगित
Trending Videos

ग्रामीणों बोले, डीजीएमएस रिपोर्ट में अवैध खनन और ब्लास्टिंग की हुई पुष्टि

संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। संघोई धार क्षेत्र में बीते 125 दिनों से चल रहा ग्रामीणों का शांतिपूर्ण धरना और क्रमिक भूख हड़ताल फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा और पूर्व जिला परिषद सदस्य आशा परिहार ने प्रदर्शनकारियों को जूस पिलाकर आंदोलन को अगली रणनीति तक रोकने की घोषणा की। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में आई डीजीएमएस की जांच रिपोर्ट में उनके आरोप सही पाए गए हैं। रिपोर्ट में संघोई धार, मांगू और कश्लोग क्षेत्रों में रात्रिकालीन खनन और भारी ब्लास्टिंग की पुष्टि हुई है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा ने कहा कि रिपोर्ट से कंपनी की कथित गैरकानूनी गतिविधियां और प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की गतिविधियां दोहराई गईं, तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से रात्रिकालीन खनन पर रोक और संवेदनशील क्षेत्रों में ब्लास्टिंग बंद करने की मांग की। पूर्व जिला परिषद सदस्य आशा परिहार ने 125 दिनों तक संघर्ष करने वाले ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों के साहस की सराहना करते हुए इसे उनकी जीत बताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद ग्रामीण एकजुट रहे और अपनी आवाज बुलंद रखी। प्रभावित महिलाओं विमला देवी और महंतु देवी ने आरोप लगाया कि कंपनी वर्षों से उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और कई स्थानों पर बिना सहमति खनन किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी स्थिति दोबारा बनी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। समिति अध्यक्ष धीरज ठाकुर ने बताया कि डीजीएमएस रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी गई है और कार्रवाई का आश्वासन मिला है। समिति सचिव देवेंद्र सिंह ने कंपनी पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में प्रदूषण, पानी की कमी, घरों में दरारें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं गंभीर बनी हुई हैं। कानूनी सलाहकार रजनीश शर्मा ने झूठे मुकदमों की वापसी और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल स्थगित किया गया है। यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed