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Solan News: बाली वध और लंका दहन के मंचन से मोहा मन
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कुनिहार श्री रामलीला में शनि देव की आरती करती महिला मंडल। संवाद
शनि देव की झांकी के साथ के बाद
बाली वध और लंका दहन ने मोहा मन
कुनिहार में है रामलीला, हनुमान ने उजाड़ी अशोक वाटिका
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। रामलीला जन कल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से आयोजित रामलीला के आठवें दिन बाली वध और लंका दहन का मंचन किया गया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान हाटकोट महिला मंडल की महिलाओं ने आरती में भाग लिया और समिति को 7100 रुपये की राशि भेंट की।
रामलीला का मंचन सुग्रीव और बाली के युद्ध से शुरू हुआ। राधा रमन शर्मा के निर्देशन में प्रभु श्रीराम के हाथों बाली वध के प्रसंग को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद हनुमान, अंगद, जामवंत, नल और नील सहित वानर सेना माता सीता की खोज में समुद्र तट पर पहुंची। जामवंत ने हनुमान को उनकी शक्तियों का स्मरण करवाया, जिसके बाद हनुमान समुद्र पार कर लंका पहुंचे।
लंका में प्रवेश के दौरान हनुमान का सामना लंकनी से हुआ। इसके बाद उन्होंने अशोक वाटिका में माता सीता की खोज की और वाटिका उजाड़ दी। मेघनाद हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले गया। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगाई गई, जिसके बाद उन्होंने लंका दहन किया। इन दृश्यों पर दर्शकों ने खूब सराहना की। संगीत में जय शर्मा, मंच साज-सज्जा में गौतम, प्रथम, गोलू और अन्नू ने सहयोग दिया।
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इस अवसर पर समिति के प्रधान रितेश जोशी सहित देवेंद्र शर्मा, अक्षरेश शर्मा, आशीष द्विवेदी, अरविंद जोशी, संजय जोशी, संदीप जोशी, मुकेश शर्मा, प्रदीप पुरी, अमन अत्री, सूर्यांश, गौरव शर्मा और प्रिंस खुराना सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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बाली वध और लंका दहन ने मोहा मन
कुनिहार में है रामलीला, हनुमान ने उजाड़ी अशोक वाटिका
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। रामलीला जन कल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से आयोजित रामलीला के आठवें दिन बाली वध और लंका दहन का मंचन किया गया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान हाटकोट महिला मंडल की महिलाओं ने आरती में भाग लिया और समिति को 7100 रुपये की राशि भेंट की।
रामलीला का मंचन सुग्रीव और बाली के युद्ध से शुरू हुआ। राधा रमन शर्मा के निर्देशन में प्रभु श्रीराम के हाथों बाली वध के प्रसंग को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद हनुमान, अंगद, जामवंत, नल और नील सहित वानर सेना माता सीता की खोज में समुद्र तट पर पहुंची। जामवंत ने हनुमान को उनकी शक्तियों का स्मरण करवाया, जिसके बाद हनुमान समुद्र पार कर लंका पहुंचे।
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लंका में प्रवेश के दौरान हनुमान का सामना लंकनी से हुआ। इसके बाद उन्होंने अशोक वाटिका में माता सीता की खोज की और वाटिका उजाड़ दी। मेघनाद हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले गया। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगाई गई, जिसके बाद उन्होंने लंका दहन किया। इन दृश्यों पर दर्शकों ने खूब सराहना की। संगीत में जय शर्मा, मंच साज-सज्जा में गौतम, प्रथम, गोलू और अन्नू ने सहयोग दिया।
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इस अवसर पर समिति के प्रधान रितेश जोशी सहित देवेंद्र शर्मा, अक्षरेश शर्मा, आशीष द्विवेदी, अरविंद जोशी, संजय जोशी, संदीप जोशी, मुकेश शर्मा, प्रदीप पुरी, अमन अत्री, सूर्यांश, गौरव शर्मा और प्रिंस खुराना सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।