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Solan News: बीबीएन में गेहूं की कटाई ने पकड़ा जोर, कंबाइन और मजदूरी के दाम बढ़ने से किसान परेशान
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नालागढ़ में किसानो ने गेहूं की कटाई का कार्य शुरू किया- स्रोत- किसान।
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खेतों में बिछी फसल को कंबाइन के बजाय मजदूरों से कटाई करवाने को मजबूर हुए अन्नदाता
मजदूरों ने प्रति एकड़ एक हजार रुपये कटाई के बढ़ाए दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। मौसम साफ होते ही बीबीएन क्षेत्र में गेहूं की कटाई के कार्य ने जोर पकड़ लिया है। लगभग 6,500 हेक्टेयर में लगी फसल को अब किसानों ने खेत से घर तक सुरक्षित पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कुछ क्षेत्रों में गेहूं पहले ही तैयार हो गया था, लेकिन लगातार बारिश के कारण कटाई कार्य में देरी हुई। बारिश से कई जगह गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई थी, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। जहां गेहूं की फसल खड़ी है, वहां कंबाइन से कटाई की जा रही है, जबकि जमीन पर बिछी फसल को मजदूर ही काट रहे है। इस साल मजदूरी की दर में बढ़ोतरी हुई है। मजदूरों ने कटाई के लिए प्रति एकड़ शुल्क 7 हजार रुपये से बढ़ाकर 8 हजार रुपये कर दिया है। वहीं, कंबाइन से कटाई की दर 2 हजार रुपये प्रति एकड़ है, लेकिन यह केवल खड़ी फसल पर ही लागू होती है। खेड़ा के किसान अवतार सैणी, डूमनवाला के अमर सिंह ठाकुर, बरुणा के विनोद ठाकुर और अन्य किसानों ने बताया कि इस साल गेहूं की फसल अच्छी है, हालांकि बारिश के कारण कटाई में देरी हुई।
कोट
मौसम खुलते ही किसानों को कटाई में तेजी लानी चाहिए। जितनी जल्दी कटाई होगी, उतनी ही जल्दी थ्रेशिंग का काम निपट सकेगा। इससे फसल को सुरक्षित भंडारण तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
डॉ. संदीप गौतम, विषय वाद विशेषज्ञ, कृषि विभाग
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मजदूरों ने प्रति एकड़ एक हजार रुपये कटाई के बढ़ाए दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। मौसम साफ होते ही बीबीएन क्षेत्र में गेहूं की कटाई के कार्य ने जोर पकड़ लिया है। लगभग 6,500 हेक्टेयर में लगी फसल को अब किसानों ने खेत से घर तक सुरक्षित पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार कुछ क्षेत्रों में गेहूं पहले ही तैयार हो गया था, लेकिन लगातार बारिश के कारण कटाई कार्य में देरी हुई। बारिश से कई जगह गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई थी, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। जहां गेहूं की फसल खड़ी है, वहां कंबाइन से कटाई की जा रही है, जबकि जमीन पर बिछी फसल को मजदूर ही काट रहे है। इस साल मजदूरी की दर में बढ़ोतरी हुई है। मजदूरों ने कटाई के लिए प्रति एकड़ शुल्क 7 हजार रुपये से बढ़ाकर 8 हजार रुपये कर दिया है। वहीं, कंबाइन से कटाई की दर 2 हजार रुपये प्रति एकड़ है, लेकिन यह केवल खड़ी फसल पर ही लागू होती है। खेड़ा के किसान अवतार सैणी, डूमनवाला के अमर सिंह ठाकुर, बरुणा के विनोद ठाकुर और अन्य किसानों ने बताया कि इस साल गेहूं की फसल अच्छी है, हालांकि बारिश के कारण कटाई में देरी हुई।
कोट
मौसम खुलते ही किसानों को कटाई में तेजी लानी चाहिए। जितनी जल्दी कटाई होगी, उतनी ही जल्दी थ्रेशिंग का काम निपट सकेगा। इससे फसल को सुरक्षित भंडारण तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
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डॉ. संदीप गौतम, विषय वाद विशेषज्ञ, कृषि विभाग