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Una News: डीए चोर गद्दी छोड़, साडा हक इथे रख के नारों से गूंजा एमसी पार्क
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 17 Mar 2026 06:18 AM IST
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हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ऊना सचिवलय के बाहर रोष प्रदर्शनन्करते हुए ।संवाद
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ऊना। समय : सुबह 11:30 बजे। स्थान : एमसी पार्क ऊना। भारी बारिश और ठंड भरे मौसम में पेंशनर अपनी मांगों को लेकर एकत्रित हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों को मनवाने के लिए हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले 17 विभिन्न संगठन एकजुट हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए डीए चोर गद्दी छोड़, साडा हक इथे रख के नारे लगाए।
पेंशनरों ने सरकार को प्रदर्शन के दौरान दो टूक शब्दों में चेताया कि अगर मार्च माह में बजट में पेंशनरों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया तो मजबूर होकर 30 मार्च को विधानसभा का घेराव किया जाएगा और इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी। समिति के अध्यक्ष हरमेश सिंह राणा ने कहा कि हर बार वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पेंशनरों को ठगने का काम किया है। अगर सरकार के पास पैसे नहीं है तो मंत्री, विधायकों और विभिन्न बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन में भी वृद्धि क्यों की गई है। सरकार सिर्फ पेंशनरों को पैसा न होने का हवाला देकर ठगने का काम करती आई है। सरकार के हर बार ठगने की नीयत को इस बार पेंशनर किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे। सुबह 11:50 बजे पेंशनरों ने एमसी पार्क से लेकर मिनी सचिवालय तक रोष रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए मिनी सचिवालय में पहुंचे। जहां पर प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को 15 सूत्री मांग पत्र भेजा गया। इस अवसर पर मिनी सचिवालय परिसर में पेंशनरों ने खूब नारेबाजी की और प्रदेश सरकार को कोसते हुए अपने हक को लेकर आवाज बुलंद की। दोपहर 12:20 बजे पेंशनरों का धरना-प्रदर्शन खत्म हुआ।
शशिकांता, चंपा और परमिला कालिया का कहना है कि अगर सरकार ने पेंशनरों की मांगों को सात दिनों के भीतर पूरा करने के लिए जेसीसी की बैठक नहीं बुलाई तो 30 मार्च को विस का घेराव किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष हरमेश राणा का कहना है कि सरकार के पास अपने मंत्री और विधायकों के वेतन बढ़ाने के लिए पैसे हैं और पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभ देेने के लिए पैसा न होने का रोना रो रहे हैैं। सरकार का बार-बार पेंशनरों को ठगने का काम अब नहीं चलेगा।
समिति के महासचिव प्रेम लाल शर्मा का कहना है कि संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को 17 से अधिक विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन में शामिल होकर आवाज बुलंद की। अगर सरकार ने इस बजट में पेशनरों की मांगों को पूरा करने के लिए प्रावधान नहीं किया तो विस का घेराव किया जाएगा।
समिति की सदस्य अनीता शर्मा का कहना है कि सरकार ने हर मोर्चे पर पेंशनरों को ठगने का ही काम किया है। न तो समय पर पेंशन मिल रही है और न ही डीए समेत अन्य लाभ जारी किए गए।
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पेंशनरों ने सरकार को प्रदर्शन के दौरान दो टूक शब्दों में चेताया कि अगर मार्च माह में बजट में पेंशनरों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया तो मजबूर होकर 30 मार्च को विधानसभा का घेराव किया जाएगा और इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी। समिति के अध्यक्ष हरमेश सिंह राणा ने कहा कि हर बार वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पेंशनरों को ठगने का काम किया है। अगर सरकार के पास पैसे नहीं है तो मंत्री, विधायकों और विभिन्न बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन में भी वृद्धि क्यों की गई है। सरकार सिर्फ पेंशनरों को पैसा न होने का हवाला देकर ठगने का काम करती आई है। सरकार के हर बार ठगने की नीयत को इस बार पेंशनर किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे। सुबह 11:50 बजे पेंशनरों ने एमसी पार्क से लेकर मिनी सचिवालय तक रोष रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए मिनी सचिवालय में पहुंचे। जहां पर प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को 15 सूत्री मांग पत्र भेजा गया। इस अवसर पर मिनी सचिवालय परिसर में पेंशनरों ने खूब नारेबाजी की और प्रदेश सरकार को कोसते हुए अपने हक को लेकर आवाज बुलंद की। दोपहर 12:20 बजे पेंशनरों का धरना-प्रदर्शन खत्म हुआ।
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शशिकांता, चंपा और परमिला कालिया का कहना है कि अगर सरकार ने पेंशनरों की मांगों को सात दिनों के भीतर पूरा करने के लिए जेसीसी की बैठक नहीं बुलाई तो 30 मार्च को विस का घेराव किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष हरमेश राणा का कहना है कि सरकार के पास अपने मंत्री और विधायकों के वेतन बढ़ाने के लिए पैसे हैं और पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभ देेने के लिए पैसा न होने का रोना रो रहे हैैं। सरकार का बार-बार पेंशनरों को ठगने का काम अब नहीं चलेगा।
समिति के महासचिव प्रेम लाल शर्मा का कहना है कि संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को 17 से अधिक विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन में शामिल होकर आवाज बुलंद की। अगर सरकार ने इस बजट में पेशनरों की मांगों को पूरा करने के लिए प्रावधान नहीं किया तो विस का घेराव किया जाएगा।
समिति की सदस्य अनीता शर्मा का कहना है कि सरकार ने हर मोर्चे पर पेंशनरों को ठगने का ही काम किया है। न तो समय पर पेंशन मिल रही है और न ही डीए समेत अन्य लाभ जारी किए गए।