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वर्ष में दो बार लागू हो नियमितीकरण की नीति : रमेश कुमार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ के जिला ऊना के प्रधान रमेश कुमार ने सरकार से वर्ष में दो बार लागू होने वाली नियमितीकरण नीति को फिर बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नियमितीकरण में हो रही छह महीने की देरी के कारण योग्य अनुबंध कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक, मानसिक एवं सेवा संबंधी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रमेश कुमार ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार मार्च के बाद सेवा अवधि पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को अगले वर्ष तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जिससे उन्हें वेतन, वरिष्ठता तथा अन्य सेवा लाभों से वंचित होना पड़ता है। इससे न केवल उनकी वरिष्ठता प्रभावित हो रही है, बल्कि भविष्य के पदोन्नति लाभ भी प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समय पर नियमितीकरण न होने से शिक्षकों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। प्रदेश में अनेक शिक्षक संगठनों की ओर से सरकार को विधायकों के माध्यम से इस बारे में मांग पत्र देकर अनुबंध कर्मचारियों की मांग को कई बार उठाया जा चुका है। रमेश कुमार ने सरकार से आग्रह किया कि 30 सितंबर की तिथि को पुनः बहाल किया जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को मानसिक दबाव और आर्थिक कठिनाइयों से राहत मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था को लागू करने से सरकार पर कोई अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ नहीं पड़ेगा।
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ऊना। हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ के जिला ऊना के प्रधान रमेश कुमार ने सरकार से वर्ष में दो बार लागू होने वाली नियमितीकरण नीति को फिर बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नियमितीकरण में हो रही छह महीने की देरी के कारण योग्य अनुबंध कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक, मानसिक एवं सेवा संबंधी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रमेश कुमार ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार मार्च के बाद सेवा अवधि पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को अगले वर्ष तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जिससे उन्हें वेतन, वरिष्ठता तथा अन्य सेवा लाभों से वंचित होना पड़ता है। इससे न केवल उनकी वरिष्ठता प्रभावित हो रही है, बल्कि भविष्य के पदोन्नति लाभ भी प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समय पर नियमितीकरण न होने से शिक्षकों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। प्रदेश में अनेक शिक्षक संगठनों की ओर से सरकार को विधायकों के माध्यम से इस बारे में मांग पत्र देकर अनुबंध कर्मचारियों की मांग को कई बार उठाया जा चुका है। रमेश कुमार ने सरकार से आग्रह किया कि 30 सितंबर की तिथि को पुनः बहाल किया जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को मानसिक दबाव और आर्थिक कठिनाइयों से राहत मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था को लागू करने से सरकार पर कोई अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ नहीं पड़ेगा।
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