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Una News: पुरानी और निजी प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ाने पर स्कूल की संबद्धता होगी रद्द
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प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जारी किए दिशा निर्देश
बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्य पुस्तकों को ही पढ़ाया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नए शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में केवल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्य पुस्तकों को ही पढ़ाया जाएगा। यदि किसी स्कूल में पुरानी या निजी प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ाई जाती पाई गईं तो संबंधित स्कूल की संबद्धता रद्द की जा सकती है।
इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिलों के स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। निरीक्षण के दौरान यदि यह पाया गया कि बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्यक्रम के स्थान पर अन्य पुस्तकें पढ़ाई जा रही हैं तो संबंधित स्कूल के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उप निदेशक उच्च शिक्षा अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र में केवल नवीनतम पाठ्य पुस्तकों के माध्यम से ही छात्रों को शिक्षा देना अनिवार्य होगा। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बोर्ड की ओर से अधिकृत पुस्तक विक्रय केंद्रों अथवा पंजीकृत बुक सेलरों से ही पुस्तकें खरीदें। पुस्तकें खरीदने के बाद संबंधित बिल की प्रति काउंटर साइन करवाकर छायाप्रति सहित कक्षावार छात्रों की संख्या की जानकारी बोर्ड कार्यालय को भेजना भी अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर स्कूल की संबद्धता वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को एक समान, गुणवत्तापूर्ण एवं अद्यतन पाठ्यक्रम के माध्यम से शिक्षा प्राप्त हो सके। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधन समितियों और अभिभावकों से भी अपील की है कि वे इस विषय में सतर्क रहें और बोर्ड के नियमों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें।
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बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्य पुस्तकों को ही पढ़ाया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नए शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में केवल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्य पुस्तकों को ही पढ़ाया जाएगा। यदि किसी स्कूल में पुरानी या निजी प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ाई जाती पाई गईं तो संबंधित स्कूल की संबद्धता रद्द की जा सकती है।
इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिलों के स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। निरीक्षण के दौरान यदि यह पाया गया कि बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्यक्रम के स्थान पर अन्य पुस्तकें पढ़ाई जा रही हैं तो संबंधित स्कूल के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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उप निदेशक उच्च शिक्षा अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र में केवल नवीनतम पाठ्य पुस्तकों के माध्यम से ही छात्रों को शिक्षा देना अनिवार्य होगा। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बोर्ड की ओर से अधिकृत पुस्तक विक्रय केंद्रों अथवा पंजीकृत बुक सेलरों से ही पुस्तकें खरीदें। पुस्तकें खरीदने के बाद संबंधित बिल की प्रति काउंटर साइन करवाकर छायाप्रति सहित कक्षावार छात्रों की संख्या की जानकारी बोर्ड कार्यालय को भेजना भी अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर स्कूल की संबद्धता वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को एक समान, गुणवत्तापूर्ण एवं अद्यतन पाठ्यक्रम के माध्यम से शिक्षा प्राप्त हो सके। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधन समितियों और अभिभावकों से भी अपील की है कि वे इस विषय में सतर्क रहें और बोर्ड के नियमों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें।
