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Una News: बंगाणा क्षेत्र में गेहूं की फसल को नील गायों से खतरा
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किसानों ने कहा- दिन-रात ठीकरी पहरा देने को हैं मजबूर
झुंड में फसलों को बर्बाद कर रहे जंगली जानवर
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा का अधिकतर हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र से सटा हुआ है। यहां के किसान अपनी फसलों की रक्षा जंगली जानवरों से करने के लिए दिन-रात पहरा देने को मजबूर हैं। पहले मक्के की फसल पर मौसम की मार पड़ी, फिर गेहूं की फसल सूखे के कारण पीली पड़ गई। बारिश के बाद खेतों में फसल लहलहाती नजर आने लगी, लेकिन अब जंगली नील गायों के झुंड फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
शुक्रवार दोपहर भलखूं गांव में जब महिलाएं खेतों में घास लेने गईं तो उन्होंने देखा कि गेहूं के खेत नील गायों से भरे हुए थे। शोर मचाने पर झुंड जंगल की तरफ भाग गया। किसानों ने सरकार और वन विभाग से नील गायों को नियंत्रित करने या भगाने के लिए उपाय करने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कोई समाधान नहीं निकला तो फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। किसान अजमेर सिंह, सुरेश कुमार और जयपाल ने कहा कि पहले मौसम की मार और अब जंगली जानवरों की वजह से फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से किसानों की मदद के लिए नई परियोजनाएं लागू करने की मांग की।
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झुंड में फसलों को बर्बाद कर रहे जंगली जानवर
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा का अधिकतर हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र से सटा हुआ है। यहां के किसान अपनी फसलों की रक्षा जंगली जानवरों से करने के लिए दिन-रात पहरा देने को मजबूर हैं। पहले मक्के की फसल पर मौसम की मार पड़ी, फिर गेहूं की फसल सूखे के कारण पीली पड़ गई। बारिश के बाद खेतों में फसल लहलहाती नजर आने लगी, लेकिन अब जंगली नील गायों के झुंड फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
शुक्रवार दोपहर भलखूं गांव में जब महिलाएं खेतों में घास लेने गईं तो उन्होंने देखा कि गेहूं के खेत नील गायों से भरे हुए थे। शोर मचाने पर झुंड जंगल की तरफ भाग गया। किसानों ने सरकार और वन विभाग से नील गायों को नियंत्रित करने या भगाने के लिए उपाय करने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कोई समाधान नहीं निकला तो फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। किसान अजमेर सिंह, सुरेश कुमार और जयपाल ने कहा कि पहले मौसम की मार और अब जंगली जानवरों की वजह से फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से किसानों की मदद के लिए नई परियोजनाएं लागू करने की मांग की।
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