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Bengal Election: दूसरे चरण में जुड़े 1,468 लोगों के नाम, मतदाताओं की सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग का नया इंतजाम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Tue, 28 Apr 2026 02:09 PM IST
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सार

पश्चिम बंगाल में बुधवार को दूसरे चरण का चुनाव है। इसी बीच मंगलवार को मतदाता सूची में 1400 से अधिक लोगों का नाम जुड़े है। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुरक्षा के लिए नया इंतजाम किया है। 

1,468 people's names added in the second phase of Bengal elections
भारतीय चुनाव आयोग - फोटो : IANS
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में 142 विधानसभा सीटों के लिए 29 अप्रैल को  मतदान होगा। इस दौरान भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने तैनात केंद्रीय बलों को निर्देश दिया है कि वे भयभीत मतदाताओं की मदद के लिए तैयार रहें। उन्हें मतदान केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाएं। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की दूसरी पूरक सूची प्रकाशित की। 

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मतदाताओं की दूसरी पूरक सूची प्रकाशित
वहीं, चुनाव आयोग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की दूसरी पूरक सूची प्रकाशित की। इसे अपीलीय न्यायाधिकरणों द्वारा पहले की न्यायिक प्रक्रिया में अयोग्य पाए गए 27 लाख मामलों पर निर्णय लेने के बाद तैयार किया गया था। यह प्रकाशन राज्य में महत्वपूर्ण दो चरणों वाले विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण से ठीक एक दिन पहले हुआ, जिसमें केवल 1,468 नामों को ही मंजूरी दी गई। इसके साथ ही दूसरी पूरक सूची में न्यायिक निर्णय प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों द्वारा मंजूरी दिए गए छह नामों को अपीलीय न्यायाधिकरणों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था।


गौरतलब है कि अपीलीय न्यायाधिकरणों की पहली पूरक सूची, जो 22 अप्रैल को प्रकाशित हुई थी। पश्चिम बंगाल चुनावों के पहले चरण से एक दिन पहले, जो 23 अप्रैल को होना था, उसमें केवल 136 नामों को मंजूरी दी गई थी और दो नाम हटा दिए गए थे। पश्चिम बंगाल में इस साल 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद, 60 लाख से कुछ अधिक नामों को न्यायिक निर्णय के लिए भेजा गया था, जिसका संचालन 732 न्यायिक अधिकारियों द्वारा किया गया था, जिनमें पड़ोसी झारखंड और ओडिशा से 100-100 अधिकारी शामिल थे।

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पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक सूत्र ने बताया, ‘23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में मतदान केंद्र पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे। हालांकि, कुछ मतदाताओं ने मतदान के लिए जाते समय धमकाने की शिकायत की। दूसरे चरण के मतदान में इस समस्या को दूर करने के लिए चुनाव आयोग ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि केंद्रीय बलों की एक टुकड़ी को तैयार रखा जाए ताकि धमकाए गए मतदाताओं की मदद की जा सके और उन्हें मतदान केंद्रों तक पहुंचाया जा सके।’ 

उन्होंने आगे कहा कि दूसरे चरण में, चुनाव आयोग का ध्यान केवल बूथ स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ही नहीं है, बल्कि मतदाताओं को डराने-धमकाने की घटनाओं को समाप्त करने पर भी है, विशेष रूप से दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर उपखंड के प्रशासनिक क्षेत्र में इस क्षेत्र में चुनावी हिंसा के रिकॉर्ड को देखते हुए।

 

 

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