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India-Armenia Defence: आर्मेनिया के शीर्ष सैन्य अधिकारी का भारत दौरा, रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने पर मंथन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Tue, 28 Apr 2026 03:37 PM IST
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सार
भारत और आर्मेनिया के सैन्य प्रमुख के बीच अहम बैठक हुई है। इस दौरान दोनों पक्षों ने सैन्य उपकरणों के लिए संभावित संयुक्त उद्यमों पर विचार किया। उन्होंने एक मजबूत, भविष्योन्मुखी और पारस्परिक रूप से लाभकारी रणनीतिक साझेदारी के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान और आर्मेनिया के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान के बीच बैठक
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को आर्मेनिया के चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान से मुलाकात की। इस बैठक में सैन्य हार्डवेयर के विकास में संयुक्त उद्यमों पर चर्चा हुई। लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान का जनरल चौहान ने स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
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यह उच्च स्तरीय वार्ता भारत-आर्मेनिया रक्षा संबंधों की प्रगति को दर्शाती है। यह बैठक फरवरी में जनरल चौहान के नेतृत्व में भारतीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल की आर्मेनिया यात्रा के बाद हुई है। उस यात्रा के दौरान, सीडीएस ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान से मुलाकात की थी। उन्होंने सहयोग के उभरते अवसरों और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की थी।
आर्मेनिया में उच्च स्तरीय बैठकें
जनरल चौहान ने अपनी आर्मेनिया यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकें की थीं। उन्होंने आर्मेनिया के उप विदेश मंत्री रॉबर्ट अबिसोगोमोनियन से भी मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण और द्विपक्षीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आर्मेनिया के रक्षा मंत्री सुरेन पापिक्यान के साथ भी विस्तृत चर्चा की। बातचीत दोनों देशों से संबंधित विभिन्न सुरक्षा क्षेत्रों में रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित थी।
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वैश्विक सुरक्षा और प्रौद्योगिकी पर विचार
अपनी पिछली यात्रा के हिस्से के रूप में, जनरल चौहान ने राष्ट्रीय रक्षा अनुसंधान विश्वविद्यालय (एनडीआरयू) में संकाय और छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और प्रौद्योगिकी की भूमिका पर बात की। सीडीएस ने युद्ध की बदलती प्रकृति और सैन्य मामलों में क्रांति का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि प्रौद्योगिकी संघर्ष के चरित्र को मौलिक रूप से बदल रही है। दुनिया बहु-डोमेन संचालन की ओर बढ़ रही है, जिसमें साइबर, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
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General Anil Chauhan #CDS held discussions with Lt General Edvard Asryan, Chief of the General Staff of Armenia, during his official visit to India. The General officer was received by the #CDS and was accorded a Guard of Honour.
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The engagement reflected the steady advancement… pic.twitter.com/XOsH65XzLd — HQ IDS (@HQ_IDS_India) April 28, 2026
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आर्मेनिया में उच्च स्तरीय बैठकें
जनरल चौहान ने अपनी आर्मेनिया यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकें की थीं। उन्होंने आर्मेनिया के उप विदेश मंत्री रॉबर्ट अबिसोगोमोनियन से भी मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण और द्विपक्षीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आर्मेनिया के रक्षा मंत्री सुरेन पापिक्यान के साथ भी विस्तृत चर्चा की। बातचीत दोनों देशों से संबंधित विभिन्न सुरक्षा क्षेत्रों में रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित थी।
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वैश्विक सुरक्षा और प्रौद्योगिकी पर विचार
अपनी पिछली यात्रा के हिस्से के रूप में, जनरल चौहान ने राष्ट्रीय रक्षा अनुसंधान विश्वविद्यालय (एनडीआरयू) में संकाय और छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और प्रौद्योगिकी की भूमिका पर बात की। सीडीएस ने युद्ध की बदलती प्रकृति और सैन्य मामलों में क्रांति का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि प्रौद्योगिकी संघर्ष के चरित्र को मौलिक रूप से बदल रही है। दुनिया बहु-डोमेन संचालन की ओर बढ़ रही है, जिसमें साइबर, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
