National Security Summit: 50 हजार करोड़ के निर्यात, छठी पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू जेट; सरकार की रक्षा नीति क्या?
National Security Summit: रक्षा मंत्रालय की योजना 50 हजार करोड़ के रक्षा उत्पादों का निर्यात करना है। बजटीय आवंटन के अलावा छठी पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान विकसित करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं। सरकार का फोकस किन क्षेत्रों पर है? इसके संकेत नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 में मिले। कार्यक्रम में शरीक रक्षा मंत्री, डीआरडीओ प्रमुख समेत शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने क्या कुछ कहा? जानिए इस खबर में
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तेजी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्यों के बीच भारत सरकार, देश के वैज्ञानिक और सेना के अधिकारी दुश्मनों से बचाव के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। यही कारण है कि देश को रक्षा के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कवायद हो रही है। देश की सेना के मन में क्या है? सामरिक मोर्चे पर किस तरह के उपकरण जरूरी हैं? नीतिगत मोर्चे पर सरकार यानी रक्षा मंत्रालय और डीआरडीओ यानी रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) जैसे संगठन किस दिशा में योजनाएं बना रहे हैं? ऐसे तमाम सवालों के जवाब राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 में मिले। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, देश की सेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और डीआरडीओ प्रमुख सरीखे लोग शामिल हुए। कद्दावकर हस्तियों ने रक्षा जगत के तमाम सवालों के जवाब दिए।
रक्षा मंंत्री राजनाथ सिंह ऑपरेशन सिंदूर पर क्या बोले?
सम्मलेन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी इच्छा और शर्तों पर रोकने का फैसला किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय देश लंबे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार था और किसी भी परिस्थिति से निपटने की क्षमता रखता था। दिल्ली में आयोजित नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बताया और कहा कि आतंकवाद की जड़ों को पूरी तरह समाप्त करना आवश्यक है।
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हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण, अब आगे क्या?
इस सम्मेलन में डीआरडीओ अध्यक्ष समीर वी कामथ ने बताया कि भारत का एलआर-एएसएचएम हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल कार्यक्रम उन्नत चरण में है और इसके शुरुआती परीक्षण जल्द होने की उम्मीद है। यह मिसाइल भारतीय नौसेना की तटीय बैटरी आवश्यकताओं के लिए है, जो मैक 10 तक की गति से उड़ सकती है। कामथ ने कहा कि भारत हाइपरसोनिक ग्लाइड और क्रूज मिसाइल प्रणालियों दोनों पर काम कर रहा है। ग्लाइड मिसाइल बूस्टर का उपयोग करती है, जबकि क्रूज मिसाइल में स्क्रैमजेट इंजन होता है। उन्होंने पारंपरिक मिसाइल बल की संरचना पर भी चर्चा की, जिसमें विभिन्न श्रेणियों की मिसाइलें होंगी। शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल 'प्रलय' परीक्षण के अंतिम चरण में है। नवंबर 2024 में, भारत ने 1,500 किलोमीटर से अधिक मारक क्षमता वाली हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया था।
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