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Delhi Riots: सुप्रीम कोर्ट में पुलिस ने दिखाए शरजील के वीडियो, भड़काऊ भाषणों का आरोप दोहराया; कल फिर सुनवाई

Thu, 20 Nov 2025 01:24 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 20 Nov 2025 01:24 PM IST
सार

2020 Delhi Riots: दिल्ली पुलिस ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में शरजील इमाम के भड़काऊ भाषणों के वीडियो दिखाए हैं। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करने की मांग भी की थी। 

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2020 Delhi Riots: Police show in SC videos of Sharjeel Imam giving 'inflammatory speeches' against CAA.
सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने दिखाए शरजील के भड़काऊ वीडियो - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

2020 के उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगों से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कुछ वीडियो दिखाए, जिनमें शरजील इमाम को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देते हुए दिख रहा है। पुलिस ने दावा किया कि इन भाषणों से माहौल बिगड़ा और लोगों को उकसाने का काम हुआ। बता दें कि शरजील इमाम पर आरोप है कि उन्होंने सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान ऐसे भाषण दिए, जिनसे सरकार के मुताबिक कानून-व्यवस्था पर असर पड़ा। जबकि शरजील इमाम इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं और उनका कहना है कि उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध की बात की थी।

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आरोपियों की जमानत याचिका का विरोध
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि जब बौद्धिक वर्ग के लोग आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो वे जमीन पर हिंसा करने वालों से भी ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। पुलिस ने यह टिप्पणी 2020 के उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगे मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए की। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने जजों की पीठ को बताया कि ट्रायल में देरी की वजह आरोपी ही हैं, और वे इसी देरी का फायदा उठाकर जमानत चाहते हैं।
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'देश-विरोधी गतिविधियों का चल रहा ट्रेंड'
इस मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से कहा कि देश में एक चिंताजनक रुझान देखने को मिल रहा है- डॉक्टर, इंजीनियर जैसे पेशेवर लोग अपने पेशे से हटकर 'राष्ट्रविरोधी गतिविधियों' में शामिल हो रहे हैं। पुलिस ने इसे एक उभरती हुई समस्या बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों को गंभीरता से देखने की जरूरत है।

वीडियो में दिखी ये बातें
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में शरजील इमाम की स्पीच की कुछ वीडियो क्लिप भी चलाई गईं, जिनमें शरजील कहते हुए दिखाई दे रहा है कि पूरे भारत के शहरों में चक्का-जाम होना चाहिए। भाषणों में शरजील इमाम चिकन नेक को रोककर असम को भारत से काटने, दिल्ली का दूध-पानी बंद करने और उग्र विरोध करने जैसी बातें करता नजर आया। 

आरोपियों की जमानत याचिका खारिज का विरोध
इससे पहले 30 अक्तूबर को दिल्ली पुलिस ने 2020 दिल्ली दंगों के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करने की मांग की थी। इसे लेकर पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया गया था। जिसमें दावा किया गया है कि दंगे को पूरे भारत में फैलाने की कोशिश की गई थी और इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचना था। 

'ट्रंप के दौरे के समय ही हिंसा भड़काने की थी योजना'
एएसजी ने दावा किया कि ये सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं थे, बल्कि हिंसक और योजनाबद्ध प्रदर्शन थे। आरोपियों ने सड़क रोकने और देश में अराजकता फैलाने की बातें कीं। सीएए विरोध को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के समय पर इसलिए तेज किया गया ताकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा जा सके। 'अंतिम मकसद व्यवस्था परिवर्तन और देश को आर्थिक व सामाजिक रूप से अस्थिर करना था।'


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दंगों को देशभर में फैलाने की कोशिश की गई थी- पुलिस
पुलिस ने ये भी दावा किया कि जांच के दौरान मिले चैट संदेशों और डिजिटल साक्ष्यों, जिनमें ट्रंप के नाम का भी जिक्र है, से यह साफ होता है कि यह योजना केवल दिल्ली तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसे देशभर में फैलाने का भी प्रयास किया गया था। 

'यह एक गहरी, सुनियोजित और सोची-समझी साजिश थी'
पुलिस का आरोप है कि उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर और रहमान 2020 दंगों के 'मास्टरमाइंड' हैं। इन पर यूएपीए जैसी कठोर धाराओं और आईपीसी की कई धाराओं में केस दर्ज है। फरवरी 2020 में हुए इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को भी कहा था कि ये दंगे स्वत: हुए नहीं थे, बल्कि एक 'पूर्व नियोजित, संगठित और सोची-समझी साजिश' का हिस्सा थे, जिसमें समाज को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश की गई। अब सुप्रीम कोर्ट इन जमानत याचिकाओं पर आगे सुनवाई करेगा।

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