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BMC Poll: बीएमसी में किस्मत आजमा रहे 4 पूर्व मेयर-3 पूर्व डिप्टी मेयर, उद्धव शिवसेना से सबसे ज्यादा प्रत्याशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: लव गौर
Updated Wed, 07 Jan 2026 10:03 PM IST
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सार
BMC Election 2026: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में इस बार 4 पूर्व मेयर और 3 पूर्व उप मेयर किस्मत आजमा रहे हैं। इस सूची में सबसे ज्यादा शिवसेना यूबीटी से उम्मीदवार हैं।
बीएमसी ऑफिस की फाइल फोटो
- फोटो : ANI Photos
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विस्तार
देश की सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आगामी चुनावों में सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। अगले सप्ताह होने वाले इन चुनावों में मुंबई के चार पूर्व मेयर और तीन पूर्व उप मेयर चुनावी मैदान में उतर चुके हैं, जिनमें से अधिकांश को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) ने टिकट दिया है।
दरअसल, बीएमसी सहित महाराष्ट्र की 29 नगर निकायों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे, जबकि नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। 227 वार्डों में होने वाला बीएमसी का यह चुनाव राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। इस बीच मुंबई के अगले मेयर को लेकर मराठी या गैर-मराठी और हिंदू या मुस्लिम होने की बहस भी तेज हो गई है, जिसने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया है। शिवसेना (यूबीटी) ने चार पूर्व मेयर और दो पूर्व डिप्टी मेयर को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने एक पूर्व डिप्टी मेयर को टिकट दिया है।
मुंबई के चार पूर्व मेयर, जिन्होंने 1996 से 2022 तक अलग-अलग समय पर शहर का शीर्ष पद संभाला था, और तीन पूर्व डिप्टी मेयर चुनाव लड़ रहे हैं। इसी के साथ इस बार महानगर के कुछ पूर्व महापौर के करीबी रिश्तेदार भी मैदान में हैं।
जानिए किस-किसको मिला टिकट
पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर (वार्ड 199), श्रद्धा जाधव (वार्ड 202), विशाखा राउत (वार्ड 191) और मिलिंद वैद्य (वार्ड 182) के साथ ही पूर्व डिप्टी मेयर सुहास वाडेकर (वार्ड 41) और हेमांगी वरालिकर (वार्ड 193) शिवसेना (यूबीटी) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि भाजपा ने पूर्व डिप्टी मेयर अलका केरकर को मैदान में उतारा है। शिवसेना (UBT) ने कुछ ऐसे पूर्व मेयरों के करीबी रिश्तेदारों को भी टिकट दिए हैं, जो खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
शिवसेना (UBT) के विधायक और पूर्व मेयर सुनील प्रभु के बेटे अंकित प्रभु, गोरेगांव पूर्व में वार्ड 54 से चुनाव लड़ रहे हैं। सुनील प्रभु ने 2012 से 2014 तक मुंबई के मेयर के रूप में कार्य किया था। इस बीच पूर्व मेयर विश्वनाथ महाडेश्वर (2017-2019) की पत्नी पूजा महाडेश्वर, सांताक्रूज पूर्व में वार्ड 87 से चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व मेयर चंद्रकांत हांडोरे की बेटी, प्रज्योती हांडोरे चेंबूर-गोवंडी बेल्ट में वार्ड 140 से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। हंडोरे ने 1992-93 में मुंबई के मेयर के रूप में काम किया था।
ये भी पढ़ें: Maharashtra: निकाय चुनाव प्रचार के दौरान AIMIM नेता इम्तियाज जलील को भीड़ ने घेरा, कार पर किया हमला
मेयर पद की लंबी विरासत
मुंबई नगर निगम में मेयर पद की परंपरा 1931 से चली आ रही है, जब जे.बी. बोमन बेहराम शहर के पहले मेयर बने थे। ऐसे में इस बार कई पूर्व नगर प्रमुखों और डिप्टी मेयरों के मैदान में उतरने से बीएमसी नगर निकाय चुनाव में सियासी पार बढ़ गया है। वहीं चुनाव से पहले शिवसेना (UBT) को उस वक्त झटका लगा, जब 2007-09 की मेयर शुभा राउल ने 4 जनवरी को बीजेपी का दामन थाम लिया।
ये भी पढ़ें: निकाय चुनाव: कांग्रेस-ओवैसी से भाजपा के गठबंधन पर भड़के फडणवीस, प्रदेश अध्यक्ष ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
74 हजार करोड़ रुपये का बजट
बीएमसी का सालाना बजट 74,000 करोड़ रुपये से अधिक है, जो इसे न सिर्फ देश की सबसे अमीर नगर निकाय बनाता है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद ताकतवर बनाता है। कुल मिलाकर दिग्गज नेताओं, पारिवारिक उम्मीदवारों और सियासी दलबदल के चलते बीएमसी चुनाव इस बार बेहद हाई-प्रोफाइल और कड़ा होने जा रहा है।
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मुंबई के चार पूर्व मेयर, जिन्होंने 1996 से 2022 तक अलग-अलग समय पर शहर का शीर्ष पद संभाला था, और तीन पूर्व डिप्टी मेयर चुनाव लड़ रहे हैं। इसी के साथ इस बार महानगर के कुछ पूर्व महापौर के करीबी रिश्तेदार भी मैदान में हैं।
जानिए किस-किसको मिला टिकट
पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर (वार्ड 199), श्रद्धा जाधव (वार्ड 202), विशाखा राउत (वार्ड 191) और मिलिंद वैद्य (वार्ड 182) के साथ ही पूर्व डिप्टी मेयर सुहास वाडेकर (वार्ड 41) और हेमांगी वरालिकर (वार्ड 193) शिवसेना (यूबीटी) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि भाजपा ने पूर्व डिप्टी मेयर अलका केरकर को मैदान में उतारा है। शिवसेना (UBT) ने कुछ ऐसे पूर्व मेयरों के करीबी रिश्तेदारों को भी टिकट दिए हैं, जो खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
शिवसेना (UBT) के विधायक और पूर्व मेयर सुनील प्रभु के बेटे अंकित प्रभु, गोरेगांव पूर्व में वार्ड 54 से चुनाव लड़ रहे हैं। सुनील प्रभु ने 2012 से 2014 तक मुंबई के मेयर के रूप में कार्य किया था। इस बीच पूर्व मेयर विश्वनाथ महाडेश्वर (2017-2019) की पत्नी पूजा महाडेश्वर, सांताक्रूज पूर्व में वार्ड 87 से चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व मेयर चंद्रकांत हांडोरे की बेटी, प्रज्योती हांडोरे चेंबूर-गोवंडी बेल्ट में वार्ड 140 से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। हंडोरे ने 1992-93 में मुंबई के मेयर के रूप में काम किया था।
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मुंबई नगर निगम में मेयर पद की परंपरा 1931 से चली आ रही है, जब जे.बी. बोमन बेहराम शहर के पहले मेयर बने थे। ऐसे में इस बार कई पूर्व नगर प्रमुखों और डिप्टी मेयरों के मैदान में उतरने से बीएमसी नगर निकाय चुनाव में सियासी पार बढ़ गया है। वहीं चुनाव से पहले शिवसेना (UBT) को उस वक्त झटका लगा, जब 2007-09 की मेयर शुभा राउल ने 4 जनवरी को बीजेपी का दामन थाम लिया।
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74 हजार करोड़ रुपये का बजट
बीएमसी का सालाना बजट 74,000 करोड़ रुपये से अधिक है, जो इसे न सिर्फ देश की सबसे अमीर नगर निकाय बनाता है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद ताकतवर बनाता है। कुल मिलाकर दिग्गज नेताओं, पारिवारिक उम्मीदवारों और सियासी दलबदल के चलते बीएमसी चुनाव इस बार बेहद हाई-प्रोफाइल और कड़ा होने जा रहा है।
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