सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   8th Pay Commission addition raising basic salary 69,000 rs JCM submitted 59 proposals 8th Pay Commission

8th Pay Commission: बेसिक सैलरी 69000 करने के अलावा जेसीएम ने 8वें वेतन आयोग को सौंपे हैं ये 59 प्रस्ताव

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Wed, 15 Apr 2026 06:20 PM IST
विज्ञापन
सार

केंद्र सरकार के समक्ष जेसीएम स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग को 59 प्रस्ताव सौंपे हैं। इसमें न्यूनतम वेतन 69,000 रुपये, OPS बहाली, 6% वार्षिक वृद्धि, भत्तों में बढ़ोतरी और कर्मचारियों के लिए कई अहम सुविधाओं की मांग शामिल है। 

8th Pay Commission addition raising basic salary 69,000 rs  JCM submitted 59 proposals 8th Pay Commission
8th pay Commission - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

केंद्र सरकार के समक्ष कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों को उठाने वाली सर्वोच्च संस्था 'नेशनल काउंसिल (जेसीएम) की स्टाफ साइड ने आठवें वेतन आयोग को आधिकारिक प्रस्ताव सौंप दिया है। बेसिक सैलरी '69000' करने के अलावा जेसीएम द्वारा 8वें वेतन आयोग को '59' प्रस्ताव वाला प्रतिवेदन सौंपा गया है। इसमें वेतन, पेंशन और भत्तों को कई अहम मांग शामिल हैं। स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) के सदस्य सी. श्रीकुमार का कहना है कि न्यूनतम वेतन 69000 रुपये (परिवार में 5 सदस्यों के लिए) हो। सभी लाभों के प्रभावी होने की तिथि एक जनवरी 2026 रखी जाए।  

Trending Videos

वार्षिक वेतन वृद्धि, मूल वेतन का 6% रहे 

-वर्तमान कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए फिटमेंट फैक्टर 3.833 

किया जाए। 

-वार्षिक वेतन वृद्धि, मूल वेतन का 6% रहे 

-30 वर्षों की सेवा में न्यूनतम पांच टाइमस्केल पदोन्नति/वित्तीय उन्नयन/एसीपी मिलें 

-वेतन निर्धारण के लिए पदोन्नति के दौरान दो वेतन वृद्धि, न्यूनतम 10000 रुपये के अधीन हों 

-ड्यूटी के दौरान दुर्घटनाओं में शहीद हुए कर्मचारियों के लिए 2 करोड़ रुपये का मुआवजा 

-एक जनवरी 2004 या उसके बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए 'पुरानी पेंशन' योजना की बहाली 

-स्नातकोत्तर और सीईए तक बाल शिक्षा भत्ता बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा और छात्रावास सब्सिडी बढ़ाकर 35,000 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा की जाए 

-वर्तमान पेंशनभोगियों की पेंशन में संशोधन हो, पेंशन अंतिम प्राप्त वेतन का 67% होनी चाहिए, पारिवारिक पेंशन 50% होनी चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

संचित अर्ध-वेतन अवकाश का पूर्ण नकदीकरण

-बिना किसी सीमा के ईएल (अस्थायी अवकाश) का संचय और 600 दिनों तक का नकदीकरण। 

-20 वर्ष की सेवा के बाद सेवा में रहते हुए ईएल लीव का 50% नकदीकरण।

-संचित अर्ध-वेतन अवकाश का पूर्ण नकदीकरण। 

-एचपीएल (अस्थायी अवकाश) की गणना चिकित्सा प्रमाण पत्र के बिना पूर्ण वेतन पर की जा सकती है।

-अस्थायी ड्यूटी और एलटीसी पर सभी श्रेणियों के लिए उड़ान सुविधा -सभी कर्मचारियों की स्थानीय यात्रा के लिए एसी टैक्सी।

-कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए कैशलेस उपचार सुनिश्चित करना 

-सभी जिलों में सीजीएचएस वेलनेस सेंटर, सीजीएचएस लाभार्थियों से कोई अंशदान नहीं लिया जाए, एफएमए को संशोधित करके 5000 रुपये प्रति माह किया जाए। 

समूह 'सी' के लिए एक करोड़ का बीमा 

-अनुकंपा नियुक्ति 100% होनी चाहिए।

-पदोन्नति के लिए सभी पदों पर सभी योग्य कर्मचारियों को एलडीसीई (स्थायी वेतन वृद्धि दर) का अवसर।

-समूह 'सी' के लिए 1 करोड़ रुपये और समूह "बी" के लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपये का समूह बीमा।

-एक महीने का वेतन ग्रेच्युटी के रूप में और अधिकतम 33 वर्ष की सेवा की कोई सीमा नहीं।

-दूसरे 365 दिनों के अवकाश पर 100% वेतन और एक वर्ष में अवकाश की संख्या तीन के बजाय छह तक बढ़ाई जा सकती है।

-महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश।

-पुरुष कर्मचारियों के लिए 45 दिन का पितृत्व अवकाश।

-गर्भाशय निकालने की सर्जरी कराने वाली महिला कर्मचारियों के लिए विशेष अवकाश। 

एलटीसी के लिए जेसीएम ने दिए हैं ये प्रस्ताव 

-पूरी सेवा अवधि में 60 दिन का अभिभावक देखभाल अवकाश।

-डब्लूआरआईएल, ईएल और एचपीएल से कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मुआवजे की वसूली डब्लूआरआईएल के दौरान जमा नहीं की जानी चाहिए।

-एक महीने में देर से आने पर संचयी रूप से 120 मिनट की गणना करके आधे दिन की छुट्टी काटी जाए।

-गृह नगर के लिए साल में एक बार और पूरे भारत के लिए दो साल में एक बार लंबी अवधि की अवकाश सेवा (एलटीसी) दी जाए, विदेश यात्रा के लिए सेवा अवधि में दो बार एलटीसी दी जाएगी, माता-पिता/सास-ससुर को भी एलटीसी का लाभ दिया जा सकता है। 

-एलटीसी पर 20 दिन का ईएल नकदीकरण।

-ओपीएस बहाल होने तक एनपीएस और यूपीएस कर्मचारियों को जीपीएफ दिया जाएगा।

-वास्तविक मूल वेतन और महंगाई भत्ता पर कम से कम 30 दिन का बोनस दिया जाएगा।

जोखिम भत्ता 10000 रुपये प्रति माह हो 

-लेवल 2 और लेवल-3, लेवल-4 और 5, लेवल-7 और लेवल-8 और लेवल-9 तथा लेवल-10 का विलय कर दिया जाए। लेवल-5 में कार्यरत कर्मचारियों को एकमुश्त उपाय के रूप में लेवल-6 में रखा जाएगा।

-एचआरए तीन स्लैब में: 40% (X), 35% (Y) और 30% (Z), जो महंगाई भत्ता (DA) में वृद्धि से जुड़ा होगा।

-जोखिम भत्ता बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।

-सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को ड्रेस भत्ता दिया जाएगा।

-वास्तविक मूल वेतन पर रात्रि ड्यूटी भत्ता दिया जाएगा।

-सभी अग्रिम ब्याज मुक्त होंगे।

-एचबीए अधिकतम 2 करोड़ रुपये, मृत्यु की स्थिति में टर्मिनल लाभों से कोई वसूली नहीं की जाएगी।

-सभी कर्मचारियों को चार पहिया वाहन अग्रिम दिया जाएगा।

-कंप्यूटर अग्रिम 2 लाख रुपये होना चाहिए 

मातृत्व अवकाश को 240 दिन तक बढ़ाया जाएगा

-केंद्रीय सरकारी कार्यालयों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए आकस्मिक अवकाश 12 दिन और प्रति वर्ष 15 दिन बहाल किए जाएंगे।

-सभी भत्तों में तीन गुना वृद्धि हो और उन्हें महंगाई भत्ता (डीए) वृद्धि से जोड़ा जाएगा।

-मातृत्व अवकाश को 240 दिन तक बढ़ाया जाएगा, जिसमें दो बच्चों की सीमा नहीं होगी।

-11 साल बाद पेंशन का रूपांतरण बहाल किया जाएगा।

-हर 5 साल में पेंशन में वृद्धि की जाएगी।

-नागरिक कर्मचारियों के लिए भी एक रैंक एक पेंशन लागू होगी।

-पेंशन हमारा अधिकार है, हम इसे नहीं छोड़ेंगे।

-खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों पर बिना किसी प्रतिबंध के भत्ते और अतिरिक्त वेतन वृद्धि दी जाएगी।

-सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा उपचार के लिए आश्रित माता-पिता या ससुराल वालों की आय सीमा नहीं होगी।

-पेंशनभोगियों को एचआरए और एलटीसी दिया जाएगा।

एकल दर पर ओवरटाइम भत्ता दिया जाए

-40 वर्ष से अधिक आयु के सभी कर्मचारियों के लिए ग्रुप "ए" सेवा के अधिकारियों के समान सीजीएचएस के माध्यम से वार्षिक चिकित्सा जांच अनिवार्य की जाए, जैसा कि डीओपी एवं पीडब्ल्यू कार्यालय के दिनांक 01.02.2012 के कार्यालय ज्ञापन में प्रावधान है।

-कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत नहीं आने वाले प्रतिष्ठानों को सामान्य कार्य घंटों से अधिक कार्य करने पर एकल दर पर ओवरटाइम भत्ता दिया जाए।

-चिकित्सा सहायता की आवश्यकता वाले बुजुर्ग पेंशनभोगियों को देखभालकर्ता/होम नर्स भत्ता दिया जाए।

-गैर-राजपत्रित कर्मचारियों का स्थानांतरण उनके स्वयं के अनुरोध के अलावा न हो। पति/पत्नी का एक ही स्टेशन पर स्थानांतरण अनिवार्य किया जाए।

डीआरडीओ कर्मचारियों को भी मिले ये अवकाश 

-रेलवे में वरिष्ठ नागरिक रियायत बहाल की जाए।

-पूर्व सैनिक नागरिक कर्मचारी के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद 600 दिनों तक नागरिक सेवा में अर्जित ईएल को भुनाने की अनुमति दी जाए।

-मान्यता प्राप्त यूनियन गतिविधियों के लिए 20 दिनों की विशेष आकस्मिक अवकाश की सीमा हटाई जाए और विशेष आकस्मिक अवकाश की संख्या पर कोई सीमा निर्धारित न की जाए।

-डीआरडीओ कर्मचारियों को आईएसआरओ और डीएई के समान विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाए।

-ध्यान अभाव अतिसक्रियता विकार (एडीएचडी), तंत्रिका संबंधी विकार, शारीरिक अक्षमता आदि से पीड़ित बच्चों वाले कर्मचारियों के लिए विशेष भत्ता और आकस्मिक अवकाश की अनुमति दी जाए।

पेंशन हमारा अधिकार है, इसे नहीं छोड़ेंगे 

-प्राकृतिक आपदा अग्रिम और त्योहार अग्रिम बहाल किए जाएंगे।

-केंद्रीय सरकारी कार्यालयों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए आकस्मिक अवकाश 12 दिन और प्रति वर्ष 15 दिन बहाल किए जाएंगे।

-सभी भत्तों में तीन गुना वृद्धि की जाएगी और उन्हें महंगाई भत्ता (डीए) वृद्धि से जोड़ा जाएगा।

-मातृत्व अवकाश को 240 दिन तक बढ़ाया जाएगा, जिसमें दो बच्चों की सीमा नहीं होगी।

-11 साल बाद पेंशन का रूपांतरण बहाल किया जाएगा।

-हर 5 साल में पेंशन में वृद्धि की जाएगी।

-नागरिक कर्मचारियों के लिए भी एक रैंक एक पेंशन लागू होगी।

-पेंशन हमारा अधिकार है; हम इसे नहीं छोड़ेंगे।

-खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों पर बिना किसी प्रतिबंध के भत्ते और अतिरिक्त वेतन वृद्धि दी जाएगी।

-सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा उपचार के लिए आश्रित माता-पिता या ससुराल वालों की आय सीमा नहीं होगी।

-पेंशनभोगियों को एचआरए और एलटीसी दिया जाएगा।

पति/पत्नी का एक ही स्टेशन पर स्थानांतरण अनिवार्य

-40 वर्ष से अधिक आयु के सभी कर्मचारियों के लिए ग्रुप "ए" सेवा के अधिकारियों के समान सीजीएचएस के माध्यम से वार्षिक चिकित्सा जांच अनिवार्य की जाए, जैसा कि डीओपी एवं पीडब्ल्यू कार्यालय के दिनांक 01.02.2012 के कार्यालय ज्ञापन में प्रावधान है।

-कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत नहीं आने वाले प्रतिष्ठानों को सामान्य कार्य घंटों से अधिक कार्य करने पर एकल दर पर ओवरटाइम भत्ता दिया जाए।

-चिकित्सा सहायता की आवश्यकता वाले बुजुर्ग पेंशनभोगियों को देखभालकर्ता/होम नर्स भत्ता दिया जाए।

-गैर राजपत्रित कर्मचारियों का स्थानांतरण उनके स्वयं के अनुरोध के अलावा न हो। पति/पत्नी का एक ही स्टेशन पर स्थानांतरण अनिवार्य किया जाए।

रेलवे में वरिष्ठ नागरिक रियायत बहाल हो 

-पूर्व सैनिक नागरिक कर्मचारी के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद 600 दिनों तक नागरिक सेवा में अर्जित ईएल को भुनाने की अनुमति दी जाए।

-मान्यता प्राप्त यूनियन गतिविधियों के लिए 20 दिनों की विशेष आकस्मिक अवकाश की सीमा हटाई जाए और विशेष आकस्मिक अवकाश की संख्या पर कोई सीमा निर्धारित न की जाए।

-डीआरडीओ कर्मचारियों को आईएसआरओ और डीएई के समान विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाए।

-ध्यान अभाव अतिसक्रियता विकार (एडीएचडी), तंत्रिका संबंधी विकार, शारीरिक अक्षमता आदि से पीड़ित बच्चों वाले कर्मचारियों के लिए विशेष भत्ता और आकस्मिक अवकाश की अनुमति दी जाए।

-पेंशन पर कोई आयकर कटौती नहीं।

-केंद्र सरकार के कर्मचारियों से व्यावसायिक कर की वसूली नहीं।

-नौकरियों का आउटसोर्सिंग बंद करें और सभी रिक्त पदों को भरें।

-कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर को कम करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर गैर-राजपत्रित पदों पर भर्ती।

-शारीरिक रूप से विकलांग पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों को शारीरिक सहायता प्रदान की जाए और अस्पतालों, निदान केंद्रों में जाने के लिए आवश्यक आवागमन खर्च को विशेष भत्ते के रूप में देने की सिफारिश की जाए। 

ये हैं रिवाइज्ड पे स्केल का प्रस्ताव ...

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed