{"_id":"6974f5b21711d23f110d768a","slug":"abhishek-banerjee-directs-tmc-mps-mlas-to-activate-election-war-rooms-immediately-slams-eci-on-sir-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनावी जंग तेज: अभिषेक बनर्जी ने TMC नेताओं को वॉर रूम में सक्रिय रहने का दिया आदेश, EC पर भी साधा निशाना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चुनावी जंग तेज: अभिषेक बनर्जी ने TMC नेताओं को वॉर रूम में सक्रिय रहने का दिया आदेश, EC पर भी साधा निशाना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 24 Jan 2026 10:11 PM IST
विज्ञापन
सार
विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। अभिषेक बनर्जी ने सांसदों-विधायकों को वार रूम तुरंत सक्रिय करने और मतदाता सूची से नाम हटाने की कथित साजिश के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्देश दिया। इसी बीच उन्होंने चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना।
अभिषेक बनर्जी, सांसद, टीएमसी
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सांसदों और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में तुरंत चुनावी वार रूम सक्रिय करने का निर्देश दिया है।
बंद कमरे में हुई वर्चुअल बैठक में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि 27 जनवरी से पार्टी नेतृत्व को नियमित रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर मतदाता सूची से असली मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। इसे रोकने के लिए हर बूथ पर ‘बूथ रक्षा समिति’ बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता सूची पर क्यों है टीएमसी की आपत्ति?
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के नाम पर मतदाताओं को वंचित करने की साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही चुनाव आयोग से मिलेगा और इस मुद्दे पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराएगा। इसके साथ ही 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर ब्लॉक और शहर स्तर पर विरोध सभाएं आयोजित करने का भी फैसला लिया गया है।
ये भी पढ़ें- भारतीय व्यवसायों को वैश्विक मंच देगा जोहो; एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च, कई फीचर्स
वार रूम को लेकर क्यों जताई नाराजगी?
बैठक में अभिषेक बनर्जी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद कई सांसद और विधायक अब तक सक्रिय नहीं हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि जो नेता पार्टी के साथ खड़े नहीं होंगे, उन्हें पार्टी का समर्थन नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जनप्रतिनिधियों को अपनी जेब से खर्च कर वार रूम को सही ढंग से चलाना चाहिए।
चुनाव में भाजपा पर क्या आरोप?
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने महाराष्ट्र और बिहार में मतदाता सूची से नाम हटाकर चुनाव जीते थे और अब वही तरीका बंगाल में अपनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर खत्म होने में सिर्फ 22 दिन बचे हैं, ऐसे में सभी नेताओं को पूरी ताकत से मैदान में उतरना होगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देना है।
ये भी पढ़ें- अमित कुमार मिश्रा जॉर्जिया में भारत के नए राजदूत नियुक्त, कूटनीति में दो दशकों से अधिक का अनुभव
महिला विंग और सरकारी योजनाओं का प्रचार
अभिषेक बनर्जी ने पार्टी की महिला शाखा को भी खास जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने ‘पड़ार संकल्प’ अभियान के तहत हर वार्ड में 58 मिनट की डॉक्यूमेंट्री ‘लोक्खी एलो घोरे’ दिखाने का निर्देश दिया। इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए राज्य सरकार की योजनाओं और कामकाज को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ सूची में शामिल लोगों के नाम जारी करने में देरी को लेकर चुनाव आयोग पर शनिवार को तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और चुनाव आयोग की अपनी समयसीमा के बावजूद 24 जनवरी तक ग्राम पंचायतों और नगर वार्डों में सूची सार्वजनिक नहीं की गई।
बनर्जी ने सवाल उठाया कि जिस सॉफ्टवेयर ने 16 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल जारी होने के एक घंटे के भीतर कथित गड़बड़ियां पकड़ लीं, वही अब नाम उजागर करने में असफल क्यों है। उन्होंने पूछा कि क्या देरी जानबूझकर की जा रही है।
टीएमसी सांसद मोइत्रा ने भी आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सूची जारी करने में टालमटोल हो रही है। वहीं, भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए चुनाव आयोग का बचाव किया।
अन्य वीडियो-
Trending Videos
बंद कमरे में हुई वर्चुअल बैठक में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि 27 जनवरी से पार्टी नेतृत्व को नियमित रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर मतदाता सूची से असली मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। इसे रोकने के लिए हर बूथ पर ‘बूथ रक्षा समिति’ बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मतदाता सूची पर क्यों है टीएमसी की आपत्ति?
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के नाम पर मतदाताओं को वंचित करने की साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही चुनाव आयोग से मिलेगा और इस मुद्दे पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराएगा। इसके साथ ही 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर ब्लॉक और शहर स्तर पर विरोध सभाएं आयोजित करने का भी फैसला लिया गया है।
ये भी पढ़ें- भारतीय व्यवसायों को वैश्विक मंच देगा जोहो; एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च, कई फीचर्स
वार रूम को लेकर क्यों जताई नाराजगी?
बैठक में अभिषेक बनर्जी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद कई सांसद और विधायक अब तक सक्रिय नहीं हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि जो नेता पार्टी के साथ खड़े नहीं होंगे, उन्हें पार्टी का समर्थन नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जनप्रतिनिधियों को अपनी जेब से खर्च कर वार रूम को सही ढंग से चलाना चाहिए।
चुनाव में भाजपा पर क्या आरोप?
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने महाराष्ट्र और बिहार में मतदाता सूची से नाम हटाकर चुनाव जीते थे और अब वही तरीका बंगाल में अपनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर खत्म होने में सिर्फ 22 दिन बचे हैं, ऐसे में सभी नेताओं को पूरी ताकत से मैदान में उतरना होगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देना है।
ये भी पढ़ें- अमित कुमार मिश्रा जॉर्जिया में भारत के नए राजदूत नियुक्त, कूटनीति में दो दशकों से अधिक का अनुभव
महिला विंग और सरकारी योजनाओं का प्रचार
अभिषेक बनर्जी ने पार्टी की महिला शाखा को भी खास जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने ‘पड़ार संकल्प’ अभियान के तहत हर वार्ड में 58 मिनट की डॉक्यूमेंट्री ‘लोक्खी एलो घोरे’ दिखाने का निर्देश दिया। इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए राज्य सरकार की योजनाओं और कामकाज को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ सूची में शामिल लोगों के नाम जारी करने में देरी को लेकर चुनाव आयोग पर शनिवार को तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और चुनाव आयोग की अपनी समयसीमा के बावजूद 24 जनवरी तक ग्राम पंचायतों और नगर वार्डों में सूची सार्वजनिक नहीं की गई।
बनर्जी ने सवाल उठाया कि जिस सॉफ्टवेयर ने 16 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल जारी होने के एक घंटे के भीतर कथित गड़बड़ियां पकड़ लीं, वही अब नाम उजागर करने में असफल क्यों है। उन्होंने पूछा कि क्या देरी जानबूझकर की जा रही है।
टीएमसी सांसद मोइत्रा ने भी आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सूची जारी करने में टालमटोल हो रही है। वहीं, भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए चुनाव आयोग का बचाव किया।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन