हरियाणा-महाराष्ट्र चुनाव परिणाम के बीच भाजपा में घमासान, केंद्रीय नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग
- दिल्ली के विधानसभा चुनावों में भारी पड़ सकती है सिख नेताओं की नाराजगी
- प्रदेश संगठन में अपनी उपेक्षा से नाराज सिख नेता हरदीप सिंह पुरी से मिले
- केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर सुलझाएंगे मुद्दा
विस्तार
दिल्ली भाजपा में जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। प्रदेश के शीर्ष नेताओं की आपसी गुटबाजी पहले ही केंद्रीय नेतृत्व के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी, अब सिख नेताओं की नाराजगी उसके लिए नई मुसीबत बनकर सामने आई है।
दरअसल, पार्टी के सिख नेता संगठन में अपनी उपेक्षा से परेशान हैं। उनका आरोप है कि प्रदेश संगठन में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा है। इस समय प्रदेश संगठन की कोर कमेटी और चुनाव कमेटी में एक भी सिख मौजूद नहीं है।
सिख नेताओं का यह भी कहना है कि पुराने नेताओं की उपेक्षा आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को भारी पड़ सकती है। पार्टी के सिख प्रकोष्ठ के नेताओं ने अपनी शिकायत केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी तक पहुंचाई है। पुरी से समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन भी मिला है।
अपने नेताओं की हो रही उपेक्षा से नाराजगी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अकाली नेता कुलवंत सिंह भाट को पहले बीजेपी में लाकर कोर कमेटी में शामिल कर लिया गया था। उस समय भी पार्टी के पुराने सिख नेताओं की उपेक्षा हुई थी।
कुछ समय बाद प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से हुए विवाद के बाद कुलवंत सिंह भाट ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन अब जब कि दिल्ली विधानसभा चुनाव करीब आ गए हैं, कुलवंत सिंह भाट एक बार फिर बीजेपी में एंट्री करने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पुराने सिख नेता एक बार फिर असहज हो हए हैं।
प्रकाश जावड़ेकर सुलझाएंगे मुद्दा
अपने नेताओं की हो रही उपेक्षा से नाराज सिख प्रकोष्ठ के नेता कुलदीप सिंह ने केंद्रीय मंत्री और सिख नेता हरदीप सिंह से मुलाकात कर मामले की पूरी जानकारी दी। उन्होंने सिख नेताओं की शिकायत केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने की बात कही।
अब हरदीप सिंह पूरी और कुलदीप सिंह ने दिल्ली का चुनाव प्रभार देख रहे केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मिलने का वक्त मांगा है जिससे सिख नेताओं की नाराजगी दूर की जा सके। जानकारी के मुताबिक़ प्रकाश जावड़ेकर ने दोनों नेताओं से मिलकर समस्या का हल निकालने की बात कही है।
ये हैं सिख प्रभाव वाली सीटें
दिल्ली में सिख समाज काफी प्रभावशाली है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से कुछ को छोड़कर वह शेष सभी पर अपनी मजबूत उपस्थिति और काफी हद तक चुनाव परिणाम प्रभावित करने की भी क्षमता रखता है।
इनमें राजौरी गार्डन, तिलकनगर, हरिनगर, तिमारपुर, चांदनी चौक, गांधीनगर और राजेंद्र नगर ऐसी सीटें हैं। जहां सभी राजनीतिक दल सिख समाज का उम्मीदवार उतारने की कोशिश करते हैं, क्योंकि इन इलाकों में सिख और पंजाबी समुदाय के लोग सबसे ज्यादा रहते हैं। इन सीटों का चुनाव परिणाम सिख और पंजाबी समुदाय ही तय करते हैं।