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LPG Crisis: कर्नाटक ने केंद्र से ऑटो गैस सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें दूर करने की अपील की, मंत्री ने लगाया ये आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Fri, 10 Apr 2026 05:18 PM IST
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सार

कर्नाटक के मंत्री ने केंद्र सरकार से ऑटो गैस सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें दूरकरने की अपील की। इसके साथ ही केंद्र सरकार पर आरोप लगाया। 

Karnataka appeals to the Centre to resolve problems related to auto gas supply, minister makes this allegation
कर्नाटक के मंत्री केएच मुनियप्पा - फोटो : ANI
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विस्तार

कर्नाटक के मंत्री केएच मुनियप्पा ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से ऑटो गैस आपूर्ति के मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने का आग्रह किया। उन्होंने इस पर संकट में फंसे ऑटो चालकों की मदद करने में विफल रहने का आरोप लगाया। पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बाद, मंत्री ने ऑटो गैस आपूर्ति के मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

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सरकार कोई जवाब नहीं दे रही

बेंगलुरु और राज्य के कई अन्य स्थानों पर ऑटो एलपीजी की कमी के कारण ऑटो सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। कई इलाकों में पेट्रोल पंपों के बाहर ऑटो की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां चालक आपूर्ति के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने पत्रकारों को बताया, “व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति में सुधार हुआ है, लेकिन ऑटो गैस की आपूर्ति में नहीं। मुख्य सचिव ने 6 अप्रैल को केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। इससे पहले मुख्यमंत्री (सिद्धारमैया) और मैंने भी उन्हें पत्र लिखे थे, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।”

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बेंगलुरु में सबसे अधिक ऑटो चालक

ऑटो चालकों की मदद के लिए उपायों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने कहा, "ऑटो गैस पर निर्भर लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। मुझे लगता है कि केंद्र सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है।" आगे उन्होंने कहा  “राज्य में लगभग पांच लाख ऑटो में से तीन लाख ऑटो ईंधन पर निर्भर हैं। इनमें से 1.6 लाख बेंगलुरु में हैं। उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हमने केंद्र सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए पत्र लिखा है, क्योंकि चालकों की आजीविका ऑटो पर निर्भर है। मैं केंद्र से इस समस्या का समाधान निकालने का आग्रह करता हूं।” इसके साथ ही यह भी बताया कि कर्नाटक में ईंधन से चलने वाले ऑटो की संख्या सबसे अधिक है।

 

निजी कंपनियों को बैठक के लिए बुलाएंगे

मंत्री ने बताया कि प्रतिदिन 280 मीट्रिक टन ऑटो गैस की आवश्यकता होती है, जिसमें से 60 मीट्रिक टन की आपूर्ति इंडियनऑयल, बीपीसी और एचपीसी जैसी सरकारी कंपनियों द्वारा की जाती है, और शेष 220 मीट्रिक टन की आपूर्ति निजी क्षेत्र द्वारा की जाती है। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही हैं, और कुछ ने अपने स्टेशन बंद कर दिए हैं।  उन्होंने कहा, "निजी क्षेत्र द्वारा आपूर्ति बंद करने के कारण सरकारी गैस स्टेशनों पर दबाव बढ़ गया है। इसके कारण लंबी कतारें लग गई हैं और एक तरह की अराजकता फैल गई है।" उन्होंने आगे कहा कि वे जल्द ही निजी कंपनियों के साथ एक बैठक बुलाएंगे ताकि उनकी स्थिति और आगे की रणनीति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।
 

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भारत सरकार के मानकों के अनुसार, चार से पांच सदस्यों वाले परिवार के लिए एक घरेलू गैस सिलेंडर 25 दिनों तक चलता है, इस बात को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने गैस कंपनियों से उपभोक्ताओं को 26वें दिन सिलेंडर की आपूर्ति करने को कहा। उन्होंने कहा, "26वें दिन बुकिंग के तुरंत बाद गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इस संबंध में विभाग द्वारा कंपनियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा कि इससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम कम होगा और गैस एजेंसियों पर लंबी कतारों से बचने में मदद मिलेगी।

 

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