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Railways: वंदे भारत से भी तेज ट्रेन लाने की तैयारी में रेलवे, 220 की रफ्तार से दौड़ेगी; जानें इसकी खासियत
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Sun, 12 Apr 2026 05:28 PM IST
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सार
इस प्रोजेक्ट की नींव अक्टूबर 2024 में रखी गई थी। जब आईसीएफ ने दो हाई-स्पीड ट्रेन सेट के डिजाइन, निर्माण और कमीशनिंग का कॉन्ट्रैक्ट बीईएमएल को दिया था। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल लागत 866.87 करोड़ रुपये है, जिसमें डिजाइन, डेवलपमेंट और टेस्टिंग से जुड़े सभी खर्च शामिल हैं।
वंदे भारत एक्सप्रेस
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भारतीय रेलवे अब वंदे भारत ट्रेनों की सफलता के बाद अब हाई‑स्पीड यात्रा में एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे ने 220 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली दो नई ट्रेनें बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। ये ट्रेनें मौजूदा वंदे भारत एक्सप्रेस से भी ज्यादा तेज होंगी। जिसकी डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है।
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रेलवे बोर्ड ने 23 मार्च 2026 को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री को पत्र लिखकर 2027-28 के कोच प्रोडक्शन प्रोग्राम में दो नए ट्रेन सेट शामिल करने की मंजूरी दी है। हर ट्रेन सेट में 16-16 कोच होंगे। जो ब्रॉड गेज ट्रैक पर चलेंगे। इन ट्रेनों की खास बात यह होगी कि इनमें स्टील बॉडी वाले आधुनिक कोच लगाए जाएंगे। इनकी डिजाइन स्पीड 220 किमी प्रति घंटा रखी गई है। जबकि अधिकतम ऑपरेटिंग स्पीड 200 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे यात्रियों को पहले से कहीं ज्यादा तेज और स्मूथ सफर का अनुभव मिलेगा।
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इस प्रोजेक्ट की नींव अक्टूबर 2024 में रखी गई थी। जब आईसीएफ ने दो हाई स्पीड ट्रेन सेट के डिजाइन, निर्माण और कमीशनिंग का कॉन्ट्रैक्ट बीईएमएल को दिया था। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल लागत 866.87 करोड़ रुपये है। इसमें डिजाइन, डेवलपमेंट और टेस्टिंग से जुड़े सभी खर्च शामिल हैं। फिलहाल देशभर में वंदे भारत ट्रेनों की 81 जोड़ी सेवाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन नई 220 किमी/घंटा वाली ट्रेनें भारतीय रेलवे को सेमी हाई-स्पीड रेल के अगले स्तर पर ले जाएंगी।
रेलवे के इस कदम को देश में आधुनिक, तेज और सुरक्षित यात्रा की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में ये ट्रेनें न केवल यात्रा समय कम करेंगी, बल्कि भारत के रेलवे नेटवर्क को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाएंगी।