पोंगल के बाद PM ने मकर संक्रांति पर भी की गौ सेवा: गोवंश को चारा खिलाते दिखे प्रधानमंत्री, साझा कीं तस्वीरें
मकर संक्रांति के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक आवास पर गायों को चारा खिलाकर गौ सेवा की। इससे पहले 14 जनवरी को पोंगल पर्व के मौके पर भी उन्होंने गौ सेवा की थी। आइए विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक आवास पर गायों को चारा खिलाया। इससे पहले 14 जनवरी को पोंगल त्योहार के अवसर पर पीएम ने गौ सेवा की थी, जो भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।
प्रकृति के प्रति अभार केवल शब्दों तक सीमित नही होना चाहिए
पीएम मोदी केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के निवास पर आयोजित पोंगल उत्सव में शामिल हुए थे। मोदी ने कहा था कि पोंगल अब एक वैश्विक त्योहार बन गया है और तमिल संस्कृति पूरे भारत की साझा धरोहर है। पीएम मोदी ने बताया कि पोंगल लोगों को यह सिखाता है कि प्रकृति के प्रति आभार केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए।
बीते वर्ष भी मकर संक्रांति के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर गायों को चारा खिलाया था। पौष मास में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शनि देव से मिलने उनके पिता सूर्य देव आते हैं।
देशभर में मकर संक्रांति का माहौल
मकर संक्रांति और माघ मेले के पावन अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में आस्था और परंपरा का भव्य दृश्य देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला 2026 के तहत त्रिवेणी संगम पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए पहुंचे। माना जाता है कि संगम में डुबकी लगाने से आत्मशुद्धि होती है।
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के अलिथुरै इलाके में पोंगल पर्व की शुरुआत सुबह-सुबह घरों के आंगन में रंग-बिरंगी रंगोली बनाकर की गई। वहीं हैदराबाद के चिक्कड़पल्ली स्थित हनुमान मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर भक्तों ने पूजा-अर्चना की। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सरयू घाट पर भक्तों ने पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
उधर पंजाब के अमृतसर में माघी पर्व के मौके पर सचखंड श्री दरबार साहिब में भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई। देशभर में पर्वों के इस संगम ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक उत्साह का जीवंत चित्र पेश किया।