Air India: फुकेट-दिल्ली उड़ान के चार सेकंड ने बढ़ाई चिंता, 90 दिन का रिकॉर्ड क्यों खंगाल रहीं जांच एजेंसियां?
फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट एआई 2379 के चार सेकंड तक अनियंत्रित होने के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। जांच एजेंसियां विमान के पिछले 90 दिनों के रिकॉर्ड, तकनीकी लॉग बुक और हाइड्रोलिक सिस्टम की स्थिति खंगाल रही हैं। साथ ही पायलट के नशे में होने की बात भी जांच के घेरे में है। आखिर विमान में गड़बड़ी की असली वजह क्या थी? आइए विस्तार से मामले को समझते हैं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट एआई 2379 के चार सेकंड तक अनियंत्रित होने के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। जांच एजेंसियां विमान के पिछले 90 दिनों के रिकॉर्ड, तकनीकी लॉग बुक और हाइड्रोलिक सिस्टम की स्थिति खंगाल रही हैं। साथ ही पायलट के नशे में होने की बात भी जांच के घेरे में है। आखिर विमान में गड़बड़ी की असली वजह क्या थी?
क्या चार सेकंड तक अनियंत्रित हुआ था विमान?
फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट एआई 2379 के चार सेकंड तक अनियंत्रित होने के मामले ने विमान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना की जांच अब आगे बढ़ रही है और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने विमान के पिछले 90 दिनों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि घटना से पहले विमान में किसी तरह की तकनीकी परेशानी तो नहीं थी।
जांच एजेंसियां 90 दिन के रिकॉर्ड में क्या तलाश रही हैं?
जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि पिछले 90 दिनों में विमान से जुड़ी कोई तकनीकी खराबी या शिकायत दर्ज हुई थी या नहीं। इसके साथ ही विमान की तकनीकी लॉग बुक की भी जांच की जा रही है। इस लॉग बुक में हर उड़ान से पहले और बाद में सामने आने वाली खराबियों और विमान के रखरखाव से जुड़ी जानकारी दर्ज होती है। जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विमान के तीनों हाइड्रोलिक प्रेशर सिस्टम में पहले कोई खराबी सामने आई थी या नहीं।
पायलट के नशे में होने की बात क्यों जांच के घेरे में है?
जांच में पायलट के नशे में होने की बात को भी गंभीरता से देखा जा रहा है। सवाल यह है कि अगर पायलट नशे में था, तो उड़ान से पहले हुई जांच में इसका पता क्यों नहीं चला और रिपोर्ट में इसका उल्लेख क्यों नहीं किया गया। इसी वजह से टेक ऑफ से पहले की जांच प्रक्रिया और उससे जुड़े रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं। मामले में तकनीकी और मानवीय दोनों पहलुओं को जोड़कर देखा जा रहा है।
एअर इंडिया के सामने क्यों बढ़े सवाल?
विमानन विशेषज्ञ रतन अंभोरे के मुताबिक, इस मामले में एअर इंडिया पर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार कंपनी की ओर से पहले विमान के हिलने की वजह टर्बुलेंस बताई गई थी। इसके बाद पायलट के नशे में होने की बात सामने आई और अब विमान निर्माता एयरबस की रिपोर्ट में हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने का दावा किया गया है। अलग-अलग वजहों के सामने आने से घटना की वास्तविक वजह को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
जांच एजेंसियां अब विमान के 90 दिनों के रिकॉर्ड, तकनीकी लॉग बुक, हाइड्रोलिक सिस्टम और पायलट से जुड़े पहलुओं को मिलाकर घटना की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। मुख्य सवाल यह है कि विमान के चार सेकंड तक अनियंत्रित होने के पीछे तकनीकी खराबी थी, पायलट से जुड़ा कोई मामला था या दोनों परिस्थितियों का कोई संबंध था। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।